बिहार में बाढ़ का खतरा गहराया: उत्तर बिहार में हाई अलर्ट, मुंगेर के दियारा इलाकों में घुसा पानी।
पटना,बिहार,N5:
उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों में नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण
बाढ़ का खतरा गंभीर रूप लेते जा रहा है कि ख़बर है। हालांकि मामला नियंत्रण में है,
बिहार में किसी प्रकार की हताहत होने की ख़बर नहीं है। इसके बावजूद बिहार सरकार इस
पूरे मामला पर अपनी पैनी नज़र गङा दी है, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी न हो। क्योंकि,
बिहार ऐसा प्रदेश है जो नेपाल के पानी से रातों-रात प्रभावित हो जाता है। पश्चिम
चंपारण और मुंगेर जिलों से आई ताजा तस्वीरों और रिपोर्टों के अनुसार, स्थानीय प्रशासन अलर्ट पर है और राहत व बचाव
कार्यों में जुटा है।
पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोले गए
पश्चिम चंपारण जिले में बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पूरे
जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। जलस्तर के भारी दबाव को नियंत्रित करने के लिए
वाल्मीकिनगर गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं। जिले के 10 प्रखंडों के निचले इलाकों
में लगातार माइकिंग कराकर ग्रामीणों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की
अपील की जा रही है।
मुंगेर में गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी से सड़क संपर्क टूटा
मुंगेर जिले में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने दियारा और निचले इलाकों
में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दियारा क्षेत्रों और निचले इलाकों में
बाढ़ का पानी तेजी से प्रवेश कर गया है। सदर प्रखंड की कुतलुपुर पंचायत के बाबू राम
सिंह टोला में तेज नदी कटाव देखा जा रहा है। इसे रोकने के लिए जिला प्रशासन ने
बुधवार से कटावरोधी कार्य शुरू करा दिया है। मुख्य सड़कों पर पानी भर जाने के कारण
ग्रामीणों का आवागमन गंभीर रूप से प्रभावित हो चुका है।
देवघाट में हुई बारिश के बाद गंडक नदी का जलस्तर फिर बढ़ा, जल संसाधन विभाग ने जारी की सूचना
बिहार में नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है।
बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग (WRD) द्वारा
जारी ताजा जानकारी के अनुसार, गंडक
नदी के जलस्तर को लेकर नई अपडेट सामने आई है। 26 अगस्त 2026 की रात 11 बजे गंडक
नदी का जलस्तर 1,50,200 क्यूसेक के पीक (उच्चतम) स्तर पर पहुंच गया था। इस पीक स्तर के बाद जलस्तर में लगातार
गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि, देवघाट
क्षेत्र में देर से हुई बारिश के कारण गंडक नदी के जलस्तर में पुनः वृद्धि दर्ज की
जा रही है।जल संसाधन विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है और संबंधित क्षेत्रों में
सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।
बाढ़ के खतरे के बीच सारण तटबंध का निरीक्षण, डीएम और एसएसपी ने लिया जायजा
बिहार में नदियों के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की आशंका को देखते हुए
सारण जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क मोड पर आ गया है। जिले में सुरक्षा और राहत
तैयारियों को पुख्ता करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर मोर्चा
संभाल लिया है। सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन
कुमार ने संयुक्त रूप से सारण तटबंध का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने
तटबंध की मजबूती और संभावित खतरों से निपटने के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा
की। अधिकारियों
ने पानापुर, तरैया, अमनौर और मकेर प्रखंडों का निरीक्षण किया।
इलाकों में बाढ़ चिन्हित आश्रय स्थलों (Relief Centers) की व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा रहा है। बाढ़ पीड़ितों के भोजन प्रबंधन के लिए
सामुदायिक किचन (Community
Kitchens) के
लिए चयनित स्थलों की तैयारियों का भी सूक्ष्मता से निरीक्षण किया जा रहा है। उत्तर
बिहार के प्रशासनिक
अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दे दिया है कि किसी भी आपात स्थिति से
निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी रखी जाएं।
(रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)
