CJP आंदोलन: सरकार से न्युट्रल वेन्यू पर वार्ता की सहमति के बाद CJP का बड़ा दांव, लाठीचार्ज के खिलाफ लॉन्च करेगी पोर्टल।।
CJP आंदोलन: सरकार से न्युट्रल वेन्यू पर वार्ता की सहमति के बाद CJP का बड़ा दांव, लाठीचार्ज के खिलाफ लॉन्च करेगी पोर्टल।।
नई दिल्ली | N5 विशेष रिपोर्ट|
ख़बर संक्षेप में:
केंद्र सरकारी परीक्षा पेपर लीक मामले और 20 जुलाई को हुए संसद मार्च के बाद दिल्ली में युवाओं और छात्रों का आंदोलन और गंभीर मोड़ ले चुका है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच जारी गतिरोध के बीच वार्ता का नया दौर शुरू हो रहा है।
वहीं दूसरी ओर CJP ने पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ कड़ा कानूनी व डिजिटल रुख अपना लिया है।
ख़बर विस्तार से:
न्यूट्रल स्थल 'कॉन्स्टिट्यूशन क्लब' में बैठक पर बनी सहमति: वैष्णवी गौर।
CJP की प्रवक्ता वैष्णवी गौर ने हाल ही में बड़ा अपडेट देते हुए मीडिया से कहा;
"सरकार हमसे न्यूट्रल स्थान पर मिलने के लिए सहमत हो गई है। हम अपनी मांगें रखेंगे, जिन पर हम पहले दिन से कायम हैं—धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, पीड़ित परिवारों के लिए उचित मुआवजा, और निर्दोष प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी FIR वापस ली जाएं।"
लंबे गतिरोध और बैठकों के स्थान को लेकर बनी असहमति के बाद, अंततः दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया (Constitution Club of India) को तटस्थ स्थल (Neutral Venue) के रूप में चुना गया है। इस वार्ता में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ CJP प्रतिनिधिमंडल (मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास, राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका और वैष्णवी गौर) शामिल हो रहे हैं।
CJP की 4 प्रमुख मांगें जिन पर टिका है आंदोलन।
शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: NEET पेपर लीक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा।
पीड़ितों को मुआवजा: परीक्षा में हुई धांधली और मानसी-मानसिक तनाव से प्रभावित परिवारों व छात्रों के लिए मुआवजा।
FIR की वापसी: संसद मार्च के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे निर्दोष छात्रों पर दर्ज मुकदमों (FIR) को पूरी तरह रद्द करना।
पुलिसिया बर्बरता पर कार्रवाई: प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों की पहचान कर उन पर वैधानिक कार्रवाई।
'लाठी चलाने वाले पुलिसकर्मियों की बनेगी लिस्ट': सौरभ दास।
संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुए पुलिस बल प्रयोग को लेकर CJP ने एक नया अभियान शुरू करने की घोषणा की है। CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने बताया कि वे एक विशेष डिजिटल पोर्टल/वेबसाइट लॉन्च कर रहे हैं।
"हम एक ऐसी वेबसाइट लॉन्च कर रहे हैं जहाँ पुलिस हिंसा में घायल हुए प्रदर्शनकारी और पीड़ित उन पुलिस कर्मियों की तस्वीरें व साक्ष्य अपलोड कर सकेंगे जो मारपीट में शामिल थे। हम उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे, और यदि दिल्ली पुलिस FIR दर्ज करने से मना करती है, तो हम सीधे अदालत का रुख करेंगे।"
— सौरभ दास, मुख्य प्रवक्ता (CJP)
Nalanda5: संस्थापक अभिजीत दीपके के मार्गदर्शन में उभरा युवाओं का यह आंदोलन अब सिर्फ विरोध-प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक सुसंगठित और रणनीतिक कानूनी लड़ाई बन चुका है। एक तरफ टेबल टॉक्स (Table Talks) और दूसरी तरफ डिजिटल साक्ष्यों के जरिए पुलिसिया कार्रवाई का विरोध—CJP की इस रणनीति ने शासन और प्रशासन दोनों को पुनर्विचार करने पर मजबूर कर दिया है।
Nalanda5 (N5) के साथ जुड़े रहें, इस वार्ता और आंदोलन से जुड़ी हर ताज़ा जानकारी के लिए।

Comments