तेजस्वी यादव ने बाढ़ग्रस्त बिहार का किया दौरा, सरकार पर साधा निशाना बोले; ऊंचे स्थानों की शरण लेने को मजबूर लोग।
तेजस्वी यादव ने बाढ़ग्रस्त बिहार का किया दौरा, सरकार पर साधा निशाना बोले; ऊंचे स्थानों की शरण लेने को मजबूर लोग।
पटना/N5: बिहार में नदियों के बढ़ते जलस्तर और उफान के कारण बाढ़ की स्थिति अत्यंत विकराल हो गई है। राज्य के कई जिले जलमग्न हैं और ग्रामीण इलाकों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। बाढ़ का पानी घरों और खेतों में घुसने के कारण हजारों परिवार बेघर हो चुके हैं। लोग अपने आशियाने और मवेशियों को छोड़कर ऊंचे स्थानों, राष्ट्रीय राजमार्गों, बांधों और सरकारी राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं।
हालात की गंभीरता को देखते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और जमीनी स्थितियों का जायजा लिया। दौरे के बाद तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार और एनडीए प्रशासन पर जमकर हमला बोला। सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वास्तविक स्थिति बेहद चिंताजनक और गंभीर है।
सरकार की दावों की खुली पोल
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि बिहार सरकार द्वारा बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा, राहत और बचाव कार्य के लिए किए गए दावे सच्चाई से कोसों दूर हैं। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर समुचित उपाय और ठोस व्यवस्था का सर्वथा अभाव है। सरकार पर तीखा तंज कसते हुए उन्होंने कहा, "बिहार में बाढ़ आई नहीं है, बल्कि लाई गई है ताकि भ्रष्टाचारी सैलाब में एनडीए नेता गोता लगा सकें।"
करोड़ों रुपये के गबन और विफलताओं का आरोप
तेजस्वी यादव ने तटरक्षक बांधों और आपदा प्रबंधन के नाम पर होने वाले खर्चों पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार:
✍️प्रतिवर्ष तटबंध निर्माण, कटाव निरोधी कार्यों, आपदा प्रबंधन, बाढ़ राहत-बचाव और राहत शिविरों के नाम पर हजारों करोड़ रुपये का गबन किया जाता है।
✍️तटबंधों की मरम्मत और निर्माण के नाम पर हर साल ₹4,000 से ₹5,000 करोड़ खर्च किए जाते हैं, फिर भी हर साल बांध टूट जाते हैं।
✍️तथाकथित 'डबल इंजन' सरकार बाढ़ के इस गंभीर संकट का कोई स्थायी समाधान खोजने में पूरी तरह विफल रही है।
दीर्घकालिक दूरदृष्टि का अभाव
तेजस्वी यादव ने कहा कि एनडीए सरकार के पास बाढ़ से निपटने के लिए कोई दीर्घकालिक योजना (Long-term plan) या स्पष्ट दृष्टि (Vision) नहीं है। सरकार की इसी नाकामी और भ्रष्टाचार के कारण राज्य की जनता को हर वर्ष इस भयंकर विभीषिका और आपदा का सामना करना पड़ता है।
दूसरी ओर, प्रभावित क्षेत्रों के लोग बीते सालों में सरकार द्वारा बनाए गए ऊंचे स्थानों और राहत शिविरों की ओर पलायन कर रहे हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं और खाद्य आपूर्ति की कमी के कारण उनकी परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।
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(रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार पटना N5)
