अमित शाह के 'बाढ़ मुक्ति' के दावे पर तेजस्वी यादव का तीखा तंज।
पटना/बिहार/N5:
तेजस्वी यादव ने गृह मंत्री अमित शाह के उस भाषण जिसमें वे कहते हैं कि एनडीए को एक बार जीता दीजिए तो हम बिहार से बाढ़ को उत्काल कर देंगे मतलब खत्म कर देंगे। इस भाषण का शेयर करते हुए भाजपा पर तंज कसा है।
"भाजपाइयों के जुमलों पर भरोसा करने वाले ख़ुद के वर्तमान और भविष्य के साथ-साथ अपनी आने वाली नस्लों को भी बर्बाद कर रहे है।- तेजस्वी यादव। "
बिहार में बाढ़ और राजनीति का पारा एक साथ चढ़ा हुआ है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा एनडीए को एक और मौका देने पर बिहार को बाढ़ से पूरी तरह मुक्त कराने के वादे पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने तीखा हमला बोला है। तेजस्वी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर अमित शाह के भाषण और बाढ़ पीड़ितों की तस्वीरों वाला एक वीडियो पोस्ट साझा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की चुनावी घोषणाओं को 'जुमला' करार दिया है।
तेजस्वी का सीधा हमला: "भाजपा के वादों में कोई दम नहीं"
सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में तेजस्वी यादव ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए लिखा है:
"भाजपा नेताओं के झूठ पर यकीन करने वालों में कोई अक्ल नहीं होती, भाजपाइयों के जुमलों पर भरोसा करने वाले खुद के वर्तमान और भविष्य के साथ-साथ अपनी आने वाली नस्लों को भी बर्बाद कर रहे हैं।"
तेजस्वी ने गृह मंत्री के भाषण के उस अंश का हवाला दिया जिसमें अमित शाह यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि अगर बिहार की जनता एनडीए को एक बार फिर भारी मतों से जिताती है, तो राज्य से बाढ़ की समस्या का 'उत्काल' (उन्मूलन/खात्मा) कर दिया जाएगा। तेजस्वी का तर्क है कि राज्य में बीते दो दशकों से एनडीए की सरकार है और केंद्र में भी पिछले 12 वर्षों से भाजपा सत्ता में है, इसके बावजूद बिहार हर साल बाढ़ की विभीषिका झेलने को मजबूर है।
नीतीश-भाजपा सरकार की विफलताओं पर उठाए सवाल
राजद नेता ने आरोप लगाया कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बाद भी एनडीए सरकार बाढ़ नियंत्रण के लिए कोई स्थायी और ठोस समाधान नहीं निकाल सकी। हर साल सीमांचल, कोसी और उत्तरी बिहार के लाखों लोग बाढ़ के कारण बेघर हो जाते हैं, फसलें बर्बाद होती हैं और जान-माल का भारी नुकसान होता है। तेजस्वी ने कहा कि जब-जब चुनाव आते हैं, भाजपा के बड़े नेता आकर बड़े-बड़े वादे और दावे करते हैं, लेकिन चुनाव बीतते ही ये सभी घोषणाएं 'चुनावी जुमला' बनकर रह जाती हैं।
बाढ़ राहत और राष्ट्रीय आपदा की मांग
तेजस्वी यादव लगातार बिहार में जारी बाढ़ की स्थिति को लेकर सरकार को घेर रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि बिहार में आई इस आपदा को 'राष्ट्रीय आपदा' घोषित किया जाए और प्रभावित परिवारों को तुरंत वित्तीय मदद व राहत सामग्री पहुंचाई जाए। उनका कहना है कि आज जब बिहार की जनता बुनियादी जरूरतों, राशन, तिरपाल और पशुचारे के लिए तरस रही है, तब सत्ताधारी दल चुनावी रैलियों में खोखले वादे बेच रहा है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी चुनाव को देखते हुए बाढ़ का मुद्दा बिहार की राजनीति में बेहद केंद्रीय भूमिका निभा रहा है और तेजस्वी का यह तंज भाजपा के विकास और सुशासन के दावों पर बड़ा सवालिया निशान लगाता है। अमित शाह चुनाव के समय बिहार के लोगों को क्या कहा था वो सुनिए।
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(रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)


