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“सत्य निकेतन हादसा: जर्जर इमारतों तथा सुरक्षा मानकों पर खरी न उतरने वाली बिल्डिंगों पर चलेगा बुलडोजर- रेखा गुप्ता।”

“सत्य निकेतन हादसा: जर्जर इमारतों तथा सुरक्षा मानकों पर खरी न उतरने वाली बिल्डिंगों पर चलेगा बुलडोजर- रेखा गुप्ता।” 

नई दिल्ली/N5:

राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक बहुमंजिला इमारत के अचानक जमींदोज होने से बड़ा हादसा हो गया है। इस हादसे के बाद राज्य सरकार और प्रशासन पूरी तरह से हरकत में आ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कड़े और कड़े निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत अब शहर की सभी इमारतों के लिए सुरक्षा एवं मजबूती से जुड़ा ऑडिट अनिवार्य कर दिया गया है।

“सभी बिल्डिंग वालों को अपने घर के मजबूती का ब्यौरा जमा करना होगा। सरकार के मान्यता के बाद ही बिल्डिंग रहेंगे । मानक पर खरे नहीं उतरने वाले मकानों को तुरंत खाली और फिर उसे गिरा दिया जाएगा.

-    रेखा गुप्ता।”    

हादसे का ब्यौरा और राहत-बचाव कार्य

हादसे की सूचना मिलते ही राहत और बचाव टीम मौके पर पहुंच गई थी। घटनास्थल का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि मलबे को हटाने का काम तेजी से चल रहा है और अब तक लगभग 80% मलबा हटाया जा चुका है। इस दर्दनाक हादसे में मलबे के नीचे से 12 लोगों को निकाला गया, जिनमें से 6 लोगों की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो गई है, जबकि 6 अन्य लोग गंभीर रूप से जख्मी हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लगातार मार्गदर्शन व दिशा-निर्देश मिल रहा है। स्थिति को नियंत्रित करने और आगे किसी संभावित खतरे को टालने के लिए घटनास्थल के आसपास की अन्य खतरनाक इमारतों को भी तुरंत खाली करा लिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ढही हुई इमारत के ठीक बगल वाली इमारत की स्थिति भी जर्जर पाई गई है, जिसे सुरक्षा के लिहाज से जल्द ही गिराया जाएगा।

इमारत मालिकों के लिए कड़े नियम और सरकारी मान्यता

इस हादसे सबक लेते हुए सरकार ने राज्य में सभी इमारतों और मकानों के लिए नए व कड़े नियम लागू करने का निर्णय लिया है। जारी निर्देशों के अनुसार:

👉मजबूती का ऑडिट mandatory: अब सभी बिल्डिंग मालिकों को अपने-अपने मकान की मजबूती, नींव और ढांचागत सुरक्षा का पूरा ब्यौरा (Structural Audit Report) प्रशासन के पास जमा करना होगा।

👉सरकारी मान्यता अनिवार्य: सरकार द्वारा सुरक्षा और मजबूती के मानकों पर सत्यापन (Audit) किए जाने और आधिकारिक मान्यता मिलने के बाद ही इमारत में रहने या व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति होगी।

👉कार्रवाई का प्रावधान: जो मकान या इमारतें सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं उतरेंगी, उन्हें तुरंत खाली कराया जाएगा। इसके बाद प्रशासन द्वारा ऐसी खतरनाक और अवैध रूप से बनी संरचनाओं को ध्वस्त (गिराने) की कार्रवाई की जाएगी।

दोषी अधिकारियों पर गिरेगी गाज

इमारत निर्माण और सुरक्षा मानकों में की गई लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जिन अधिकारियों की अनदेखी या मिलीभगत के कारण यह हादसा हुआ है, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करें और अपनी पुरानी या जर्जर इमारतों की जांच कराकर जल्द से जल्द रिपोर्ट संबंधित विभाग में जमा कराएं, ताकि भविष्य में इस प्रकार के हादसों को रोका जा सके।

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 (रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)

Shailendra Kumar
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