सत्य निकेतन हादसा: NSUI का दिल्ली यूनिवर्सिटी में क्लास बहिष्कार का आह्वान, दुर्गाबाई देशमुख मेट्रो स्टेशन के पास धरना पर बैठे।।
सत्य निकेतन हादसा: NSUI का दिल्ली यूनिवर्सिटी में क्लास बहिष्कार का आह्वान, दुर्गाबाई देशमुख मेट्रो स्टेशन के पास धरना पर बैठे।।
नई दिल्ली/N5:
साउथ दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए दर्दनाक हादसे के बाद
छात्रों और छात्र संगठनों का गुस्सा चरम पर पहुंच गया है। हादसे वाले स्थल पर
एक-एक कर शवों को निकाले जाने की दर्दनाक स्थिति के बीच नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन
ऑफ इंडिया (NSUI) ने इसे सिर्फ एक दुर्घटना मानने से
इनकार करते हुए सीधे तौर पर 'सिस्टम
की विफलता' करार दिया है।
घटना के विरोध में NSUI ने
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के छात्रों से अपनी कक्षाओं का पूर्ण
बहिष्कार (क्लास बॉयकाट) करने और प्रशासन व सरकार से सवाल पूछने की अपील की है।
छात्र संगठन का कहना है कि विश्वविद्यालय के कुलपति (VC) और सरकार को इन मौतों की जवाबदेही तय करनी
होगी।
दुर्गाबाई देशमुख मेट्रो स्टेशन के नीचे चल रहा है धरना
कल शाम से ही NSUI के
कार्यकर्ता दुर्गाबाई देशमुख मेट्रो स्टेशन के नीचे विरोध प्रदर्शन और धरने पर
बैठे हुए हैं। इस आंदोलन में छात्रों के हक और सुरक्षा की लड़ाई को आगे बढ़ाने के
लिए कई प्रमुख नेता और सांसद मैदान में उतर आए हैं। धरना स्थल पर NSUI के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार, अंशुल त्रिवेदी, NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ और लोकसभा सांसद दीपेंद्र सिंह
हुड्डा सहित छात्र संगठन के कई वरिष्ठ सदस्य पहुंचे हैं और छात्रों की आवाज़ बुलंद
कर रहे हैं।
“सत्य निकेतन में रेस्क्यू जारी है और एक-एक कर हमारे भाईयों के शव निकाले जा रहे हैं। यह सिर्फ हादसा नहीं, सिस्टम की विफलता है। DU के छात्रों से अपील है, आज अपनी क्लास का बॉयकॉट कर जवाब मांगिए, VC और सरकार से पूछिए: इन मौतों का जिम्मेदार कौन है?
- NSUI ”
छात्र संगठन की मुख्य मांगे
कल शाम से NSUI का धरना दूर्गाबाई देशमुख मेट्रो स्टेशन के नीचे जारी है। इनका कहना
है कि हमारी मांग है जवाबदेही तय हो, परिवारों को मुआवजा मिले और DU में सुरक्षित हॉस्टल की व्यवस्था हो। धरने
पर बैठे नेताओं और छात्रों ने प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख मांगे रखी हैं:
👉जवाबदेही तय हो। हादसे के जिम्मेदार अधिकारियों और तंत्र पर सख्त
कार्रवाई की जाए।
👉उचित मुआवजा। पीड़ित परिवारों को अविलंब और न्यायसंगत मुआवजा प्रदान
किया जाए।
👉सुरक्षित हॉस्टल व्यवस्था। दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए
सुरक्षित और बेहतर हॉस्टल सुविधाओं का बंदोबस्त किया जाए ताकि छात्रों को निजी या
असुरक्षित ढांचों में रहने को मजबूर न होना पड़े।
NSUI के
राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ और अन्य नेताओं ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की
आवाज़ को किसी भी कीमत पर दबने नहीं दिया जाएगा और जब तक इस पूरे मामले में ठोस
जवाब और न्याय नहीं मिल जाता, उनका
प्रदर्शन जारी रहेगा। सत्य निकेतन हादसे ने दिल्ली में छात्रों के आवास और
बुनियादी सुरक्षा मानकों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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(रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)
