बिहार में उफान पर गंगा: जलस्तर खतरे के निशान के पार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लिया जायजा; दिए कड़े निर्देश।
बिहार में उफान पर गंगा: जलस्तर खतरे के निशान के पार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लिया जायजा; दिए कड़े निर्देश।
पटना। बिहार में गंगा और उसकी सहायक नदियों का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। लगातार बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों से पानी छोड़े जाने के कारण राज्य में बाढ़ की स्थिति बेहद चिंताजनक और विकराल हो गई है। खासकर उत्तर और मध्य बिहार के तटीय जिलों के रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
स्थिति की गंभीरता और खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गुरुवार को अधिकारियों के साथ खुद गंगा नदी के तटबंधों और बढ़ते जलस्तर का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने जलभराव एवं कटाव प्रभावित इलाकों का बारीकी से निरीक्षण किया और प्रशासनिक अमले को तुरंत हरकत में आने के कड़े निर्देश दिए।
नदियों का विकराल रूप और वर्तमान स्थिति
गंगा नदी में उफान: राजधानी पटना के गांधी घाट, दीघा घाट और हथिदह समेत कई स्थानों पर गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। पटना के गांधी घाट पर पानी सड़कों तक आ चुका है और कई बुनियादी ढांचे जलमग्न हो गए हैं।
सहायक नदियां भी बेकाबू: कोसी, गंडक, सोन और पुनपुन नदियां भी अपने खतरे के स्तर से ऊपर बह रही हैं। बाणसागर और वाल्मीकिनगर बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण तटीय गांवों और दियारा इलाकों में बाढ़ का संकट गहरा गया है।
दियारा क्षेत्रों से पलायन: नकटिया दियारा समेत दर्जनों पंचायतों में पानी भरने से सड़कों का संपर्क टूट गया है। ग्रामीण अपने बच्चों, मवेशियों और जरूरी सामानों को लेकर सुरक्षित स्थानों तथा राहत शिविरों की ओर पलायन करने पर मजबूर हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश एवं प्रशासनिक कदम
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग, जल संसाधन विभाग और स्थानीय जिला प्रशासनों को हाई अलर्ट मोड पर रहने का आदेश जारी किया है:
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि आम जनता की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को संवेदनशील इलाकों में नावों के साथ तैनात कर दिया गया है। प्रभावित परिवारों को खाद्य सामग्री, पीने का पानी, तिरपाल और दवाइयां पहुंचाने की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। बेघर हुए परिवारों के लिए अस्थायी राहत शिविरों और मवेशियों के लिए पर्याप्त पशु चारे का प्रबंध किया जा रहा है। तटबंधों की 24 घंटे सुरक्षा और निगरानी करने तथा आम जनता को खतरनाक घाटों से दूर रखने के सख्त आदेश दिए गए हैं।
N5:आपदा प्रबंधन विभाग ने निचले इलाकों में रहने वाले निवासियों से सतर्क रहने और केवल आधिकारिक जानकारी व निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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(रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार पटना N5)
