कीव पर सैन्य हमलों पर रोक आधी रात से ही हमलों पर रोक लागू-रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन।
नई दिल्ली/मॉस्को/N5:
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के हालिया बयान ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों में एक नई हलचल पैदा कर दी है। रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच राष्ट्रपति पुतिन द्वारा कीव पर हमले रोकने और वार्ता की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर दिया गया वक्तव्य केवल एक रणनीतिक बयान नहीं, बल्कि शांति प्रक्रिया की ओर एक बड़ा कदम माना जा रहा है। एशिया महाद्वीप के विभिन्न देशों और राजनीतिक विश्लेषकों ने इस बयान को वैश्विक शांति की पुनर्स्थापना के रूप में एक बेहद शुभ और महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा है।
रुस राष्ट्रपति ब्लादमीर पुतिन के इस बयान के बहुत बङे मायने निकाले जा रहे हैं। एशिया महाद्वीप इनके बयान को एक ग्लोबली शांति की ओर रूस का बढ़ता कदम के रूप में देख रहा है। रूस द्वार इस तरह का बयान जारी करना वकई में शांति की ओर एक बङा इशारा है, जिसे आगामी समयों के लिए शुभ संकेत हैं।
पुतिन का आधिकारिक वक्तव्य:
"हम बातचीत की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश करेंगे। कीव पर हमले रोकने का अनुरोध विशेष माध्यमों और विदेश मंत्रालय के जरिए आया था, जिसके बाद आधी रात से यह रोक लागू कर दी गई।"
अनुरोध के बाद आधी रात से लागू हुई रोक
राष्ट्रपति पुतिन ने स्पष्ट किया कि कीव पर सैन्य हमलों को रोकने का फैसला विशेष राजनयिक माध्यमों और विदेश मंत्रालय के माध्यम से मिले अनुरोधों के बाद लिया गया। इस अनुरोध पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए रूसी प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से आधी रात से ही हमलों पर रोक लागू कर दी। यह कदम यह दर्शाता है कि रूस बातचीत के जरिए समाधान निकालने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के प्रति गंभीर है और तनाव कम करने के लिए व्यवहारिक कदम उठाने को तैयार है।
यूक्रेन की ओर से भी हमलों की रफ्तार में आई कमी
अपने संबोधन में पुतिन ने यह भी जानकारी दी कि दूसरी तरफ से भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। यूक्रेन ने भी रूसी इलाकों और मॉस्को को निशाना बनाने वाले हमलों की रफ्तार काफी कम कर दी है। दोनों पक्षों की ओर से सैन्य गतिविधियों में आई यह नरमी जमीनी स्तर पर तनाव घटाने में मददगार साबित हो रही है। यद्यपि पुतिन ने यह भी स्पष्ट किया कि तीन दिन के व्यापक युद्धविराम पर दोनों पक्षों के बीच अभी तक आधिकारिक रूप से कोई अंतिम सहमति नहीं बनी है, लेकिन वर्तमान में जारी यह अनौपचारिक नरमी शांति वार्ता के लिए एक अनुकूल माहौल तैयार कर रही है।
मुख्य बिंदु और घटनाक्रम
👉 विदेश मंत्रालय और विशेष माध्यमों के अनुरोध पर कीव पर हमले रोके गए।
👉 रूस ने स्पष्ट किया कि वह बातचीत प्रक्रिया की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
👉 यूक्रेन द्वारा मॉस्को और रूसी सीमाओं पर किए जाने वाले हमलों की तीव्रता में कमी दर्ज की गई।
👉 आधिकारिक व व्यापक युद्धविराम पर सहमति न होने के बावजूद यह कदम वैश्विक शांति के लिए शुभ संकेत है।
एशियाई महाद्वीप का दृष्टिकोण और वैश्विक मायने
एशियाई देशों के कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय से जारी इस संघर्ष का असर केवल यूरोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा संकट और खाद्य सुरक्षा पर भी गहरा प्रभाव डाला है। ऐसे समय में रूस द्वारा शांति वार्ता के प्रति सुरक्षा की गारंटी देना और कीव पर हमलों को स्थगित करना एक बड़ी कूटनीतिक पहल की ओर इशारा करता है।
एशियाई महाद्वीप इस कदम को रूस द्वारा शांति स्थापित करने की दिशा में बढ़ाए गए एक परिपक्व और दूरदर्शी कदम के रूप में देख रहा है। यदि यह प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो न केवल यूरेशियाई क्षेत्र में स्थिरता आएगी, बल्कि आने वाले समय में विश्व अर्थव्यवस्था और वैश्विक शांति व्यवस्था के लिए भी यह एक अत्यंत शुभ व दूरगामी परिणाम देने वाला संकेत साबित होगा।
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(रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)
