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₹15 हजार रिश्वत लेते आयकर विभाग के सहायक आयुक्त सुनंदा कुमार गिरफ्तार: पटना में CBI की बड़ी कार्रवाई।

Big Ransom लेते आयकर विभाग के सहायक आयुक्त  गिरफ्तार:CBI 
पटना/बिहार/N5: भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार की राजधानी पटना के वीआईपी क्षेत्र व आर्थिक केंद्र से बङा एक्शन की ख़बर ने सभी को चौंका दिया है। 
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने पटना में बड़ी कार्रवाई करते हुए आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। 
यह घटना बङे स्तर के भ्रष्टाचार व घूसखोरी की पटकथा प्रतित हो रहा है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने आयकर विभाग के पटना कार्यालय में पदस्थापित सहायक आयुक्त (Assistant Commissioner) सुनंदा कुमार को बहुत भारी-भरकम रकम 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है।
मामले के मुख्य बिंदु 
​👉सहयोगी भी हिरासत में: रिश्वत की रकम लेने में सहयोग करने के आरोप में आयकर विभाग के एक सहायक (Assistant) को भी गिरफ्तार किया गया है।
​👉रिश्वत का कारण: गिरफ्तार अधिकारी पर एक स्वयंसेवी संस्था (NGO) का प्रमाणपत्र जारी करने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।
​👉आगे की कार्रवाई: सीबीआई की टीम ने जाल बिछाकर यह कार्रवाई की और फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ तथा संबंधित दस्तावेजों की जांच जारी है।
सहायक के साथ मिलकर घूसखोरी व्यवसाय चलाया जा रहा था। 
भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने इस मामले में सहायक आयुक्त (Assistant Commissioner) सुनंदा कुमार के साथ-साथ एक अन्य सहायक (Assistant) को भी गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने रिश्वत की रकम लेने में सहायक आयुक्त का सहयोग किया था। दोनों मिलाकर भारी घूसखोर व्यवसाय चला रहे थे।
एनजीओ प्रमाणपत्र के एवज में मांगी थी रिश्वत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार अधिकारी सुनंदा कुमार ने एक स्वयंसेवी संस्था (NGO) का प्रमाणपत्र जारी करने के बदले रिश्वत की मांग की थी। पीड़ित की शिकायत पर सीबीआई की टीम ने जाल बिछाया और कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को रंगे हाथ धर दबोचा।
आमदनी-पर-आमदनी वाला व्यवसाय 
सीबीआई की टीम फिलहाल गिरफ्तार अधिकारियों से पूछताछ कर रही है और उनके कार्यालय व परिसरों से संबंधित दस्तावेजों की जांच जारी है। मामला बङा और व्यापक हो सकते है, क्योंकि बिहार  में घूस लेना एक व्यवसाय के रूप में चलायमान है। यह एक ऐसा व्यवसाय है जो सिर्फ प्रॉफिट हीं देता है। और इसकी खास पहचान ये है कि इसमें कोई पूंजी निवेश नहीं करने होते हैं। इसमें सिर्फ काम में वाधा डालने होते हैं। उसके बाद आमदनी-पर-आमदनी की शुरुआत हो जाती है।
 #Watch 👇
 (रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार पटना N5) 
Shailendra Kumar
Follow: Facebook

₹15 हजार रिश्वत लेते आयकर विभाग के सहायक आयुक्त सुनंदा कुमार गिरफ्तार: पटना में CBI की बड़ी कार्रवाई।

Big Ransom लेते आयकर विभाग के सहायक आयुक्त  गिरफ्तार:CBI 
पटना/बिहार/N5: भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार की राजधानी पटना के वीआईपी क्षेत्र व आर्थिक केंद्र से बङा एक्शन की ख़बर ने सभी को चौंका दिया है। 
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने पटना में बड़ी कार्रवाई करते हुए आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। 
यह घटना बङे स्तर के भ्रष्टाचार व घूसखोरी की पटकथा प्रतित हो रहा है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने आयकर विभाग के पटना कार्यालय में पदस्थापित सहायक आयुक्त (Assistant Commissioner) सुनंदा कुमार को बहुत भारी-भरकम रकम 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है।
मामले के मुख्य बिंदु 
​👉सहयोगी भी हिरासत में: रिश्वत की रकम लेने में सहयोग करने के आरोप में आयकर विभाग के एक सहायक (Assistant) को भी गिरफ्तार किया गया है।
​👉रिश्वत का कारण: गिरफ्तार अधिकारी पर एक स्वयंसेवी संस्था (NGO) का प्रमाणपत्र जारी करने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।
​👉आगे की कार्रवाई: सीबीआई की टीम ने जाल बिछाकर यह कार्रवाई की और फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ तथा संबंधित दस्तावेजों की जांच जारी है।
सहायक के साथ मिलकर घूसखोरी व्यवसाय चलाया जा रहा था। 
भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने इस मामले में सहायक आयुक्त (Assistant Commissioner) सुनंदा कुमार के साथ-साथ एक अन्य सहायक (Assistant) को भी गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने रिश्वत की रकम लेने में सहायक आयुक्त का सहयोग किया था। दोनों मिलाकर भारी घूसखोर व्यवसाय चला रहे थे।
एनजीओ प्रमाणपत्र के एवज में मांगी थी रिश्वत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार अधिकारी सुनंदा कुमार ने एक स्वयंसेवी संस्था (NGO) का प्रमाणपत्र जारी करने के बदले रिश्वत की मांग की थी। पीड़ित की शिकायत पर सीबीआई की टीम ने जाल बिछाया और कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को रंगे हाथ धर दबोचा।
आमदनी-पर-आमदनी वाला व्यवसाय 
सीबीआई की टीम फिलहाल गिरफ्तार अधिकारियों से पूछताछ कर रही है और उनके कार्यालय व परिसरों से संबंधित दस्तावेजों की जांच जारी है। मामला बङा और व्यापक हो सकते है, क्योंकि बिहार  में घूस लेना एक व्यवसाय के रूप में चलायमान है। यह एक ऐसा व्यवसाय है जो सिर्फ प्रॉफिट हीं देता है। और इसकी खास पहचान ये है कि इसमें कोई पूंजी निवेश नहीं करने होते हैं। इसमें सिर्फ काम में वाधा डालने होते हैं। उसके बाद आमदनी-पर-आमदनी की शुरुआत हो जाती है।
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 (रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार पटना N5) 
Shailendra Kumar
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