भागलपुर में गंगा का रौद्र रूप: कटाव से तबाही, वर्षों पुराना दुर्गा मंदिर और बांध नदी में विलीन, दहशत में ग्रामीण।
भागलपुर में गंगा का रौद्र रूप: कटाव से तबाही, वर्षों पुराना दुर्गा मंदिर और बांध नदी में विलीन, दहशत में ग्रामीण।
भागलपुर / नवगछिया/N5: बिहार में गंगा उफान पर हैं। मिट्टी का कटाव तेजी से हो रहे हैं। गंगा के जद में आने वाला घर को बचाना मुश्किल हो गया है। दुर्गा मंदिर काफी मजबूत, पूराने और चौङे क्षेत्र में होने के बावजूद गंगा में समा गई। शासन-प्रशासन इसको लेकर कान खङे कर लिए हैं, लेकिन गांगा के इस गुस्साए रूप को कौन सामना कर सकता है भला!
भागलपुर जिले में गंगा नदी अपने उग्र रूप में आ गई है। नदी के तेज बहाव और धारा के जबरदस्त दबाव के कारण भीषण कटाव (मिट्टी का धंसना) जारी है, जिससे तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच हाहाकार मचा हुआ है। गंगा के इस उफान और कटाव के आगे इंसान के बनाए पक्के ढांचे ताश के पत्तों की तरह ढह रहे हैं।
नदी में समाया वर्षों पुराना ऐतिहासिक मंदिर और बांध
सबसे भयावह तस्वीर नवगछिया और खरीक प्रखंड के इलाकों से सामने आई है। नवगछिया प्रखंड में गंगा के प्रचंड वेग और कटाव के कारण वर्षों पुराना व अत्यंत मजबूत दुर्गा मंदिर, हनुमान मंदिर और लगभग 500 मीटर लंबा जमींदारी बांध देखते ही देखते गंगा की तेज धारा में समा गया। जो दुर्गा मंदिर क्षेत्र का एक बड़ा और ऐतिहासिक केंद्र था, कटाव की चपेट में आकर पूरी तरह विलीन हो चुका है।
इसके अलावा, खरीक प्रखंड के शंकरपुर गांव में भी नदी की तेज धारा के कारण कटाव की स्थिति अत्यधिक गंभीर बनी हुई है। मिट्टी के तेजी से कटने के कारण गंगा की जद में आए कई रिहाइशी मकान खतरे की कगार पर हैं। ग्रामीणों के लिए अपने आशियाने और मवेशियों को बचाना लगभग असंभव साबित हो रहा है।
पलायन करने को मजबूर ग्रामीण, दहशत का माहौल
गंगा के इस गुस्साए रूप के सामने ग्रामीणों की बेबसी साफ देखी जा सकती है। जिन घरों में बरसों की यादें बसी थीं, उन्हें छोड़कर लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हैं। कई परिवार अपनी आंखों के सामने अपने घरों को नदी में विलीन होते देखने पर विवश हैं। स्थानीय प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमों द्वारा प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
शासन-प्रशासन सतर्क, युद्धस्तर पर कटाव निरोधी कार्य
हालात की गंभीरता को देखते हुए शासन और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। स्थिति इतनी संवेदनशील हो गई है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) दिल्ली में अपनी बैठक बीच में ही छोड़कर स्थिति का जायजा लेने और समीक्षा के लिए बिहार लौट आए हैं।
जल संसाधन विभाग (WRD) की टीमें कटाव को नियंत्रित करने और अन्य बस्तियों को बचाने के लिए युद्धस्तर पर सुरक्षात्मक एवं निरोधी कार्यों (Anti-erosion works) में जुटी हुई हैं। हालांकि, गंगा के प्रचंड जलस्तर और तेज धारा के सामने निरोधी उपाय भी नाकाफी साबित हो रहे हैं।
कुदरत के कहर के आगे लाचार जिंदगी
भागलपुर के तटीय इलाकों में इस समय केवल जल-प्रलय का खौफ है। हालांकि प्रशासन मुस्तैद है और राहत कार्य जारी हैं, लेकिन गंगा नदी के लगातार बदलते रुख और भयानक कटाव ने पूरे जिले को चिंता में डाल दिया है। प्रभावित इलाकों के लोग अब ईश्वर से केवल यही प्रार्थना कर रहे हैं कि नदी का जलस्तर और कटाव थमे, ताकि उनका जीवन फिर से पटरी पर आ सके।
(रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)
#Watch👇
