बेतिया में गंडक का तांडव: पानी घटने के साथ तेज हुआ भीषण कटाव, ताश के पत्तों की तरह ढह रहे मकान।
बेतिया/बिहार/N5:
बिहार के बेतिया जिले से आपदा का एक बेहद भयावह और दिल दहला देने वाला मंजर सामने आ रहा है। गंडक नदी का जलस्तर घटने के बाद बाढ़ की विभीषिका खत्म होने के बजाय और भी जानलेवा हो गई है। नदी का पानी जैसे-जैसे नीचे उतर रहा है, वैसे-वैसे तटीय इलाकों में गंडक का कटाव अप्रत्याशित रूप से भीषण और तेज हो गया है। देखते ही देखते पक्के घर और मकान ताश के पत्तों की तरह कट-कटकर जलधारा में समा रहे हैं।
पलक झपकते ही जलसमाधि ले रहे आशियाने, ग्रामीणों में चीख-पुकार
कटाव की रफ्तार इतनी तेज है कि लोगों को संभलने का एक मौका भी नहीं मि⁹ल रहा है। सालों की मेहनत और जीवनभर की कमाई से बनाए गए पक्के-मकान कुछ ही मिनटों में बहकर गंडक में विलीन हो रहे हैं। नदी का रुख अब सीधे रिहाइशी गांवों की ओर हो गया है, जिससे पूरा गांव भीषण तबाही और खौफ के साए में जीने को मजबूर है। लोग असहाय होकर अपनी आँखों के सामने अपने घरों को नदी में विलीन होते देख रहे हैं। बेघर हो चुके परिवारों में चीख-पुकार और दहशत का माहौल है।
बेघर होते ग्रामीण और सुरक्षित जगह की तलाश
नदी का पानी लगातार कटाव करते हुए आबादी वाले क्षेत्रों की तरफ बढ़ रहा है, जिससे दर्जनों अन्य मकानों पर भी जमींदोज होने का खतरा मंडरा रहा है। बेघर हुए लोग और खतरे की ज़द में आए ग्रामीण अपने ज़रूरी सामान को कंधे पर लादकर किसी भी तरह सुरक्षित स्थानों की ओर भाग रहे हैं। यह स्थिति न केवल संपत्ति के भारी नुकसान को दर्शाती है, बल्कि स्थानीय लोगों के अस्तित्व पर भी एक बड़ा संकट खड़ा कर चुकी है।
#Watch👇
(रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क)
