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सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण मामला: सपा विधायक अतुल प्रधान को पुलिस ने जाने से रोका, अखिलेश यादव का सरकार पर तीखा हमला।

सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण मामला: सपा विधायक अतुल प्रधान को पुलिस ने जाने से रोका, अखिलेश यादव का सरकार पर तीखा हमला।

सहारनपुर/मेरठ/N5:

सपा नेता अतुल प्रधान सहारनपुर में ध्वस्त किए गए मस्जिद देखने जा रहे थे तो प्रशासन ने इनको रोक दिया । सहारनपुर में मस्जिद को रातों-रात गिरा दिया गया है कि ख़बर है। जब प्रशासन दिन में गिराने गया था तो लोगों को बताया था कि ऐसे ही देखने आये है। फिर लोग सो गए और जब उठकर देखा तो मस्जिद गिरा दिये गए थे। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी इसपर हमला बोला है । इन्होने कहा..

 "जब नौकरी नहीं दे पा रहे हैं, महंगाई नहीं रोक पा रहे हैं इसीलिए इन्होंने सहारनपुर में मस्जिद को गिराने का काम किया, ऐसे लोग जो इसमें शामिल थे, कानून उन्हें सजा देगा।"

  - श्री अखिलेश यादव जी, बिधूना।

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित वर्षों पुरानी मस्जिद को प्रशासन द्वारा रातों-रात ध्वस्त किए जाने के मामले ने अब राज्य की राजनीति में बड़ा मोड़ ले लिया है। इस घटनाक्रम के बाद मौके का मुआयना करने और प्रशासनिक अधिकारियों से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस प्रशासन ने रास्ते में ही रोक दिया। इस दौरान सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान को मेरठ स्थित उनके आवास पर ही नजरबंद करने की कोशिश की गई, जिससे पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

रातों-रात हुई कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल

स्थानीय निवासियों और मस्जिद कमेटी के अनुसार, प्रशासन की टीम दिन में जब क्षेत्र में आई थी, तब उन्होंने सामान्य जांच-परख की बात कही थी। हालांकि, शनिवार तड़के सुबह जब लोग सोकर उठे, तो देखा कि बुलडोजर चलाकर मस्जिद के ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है।

सपा नेताओं का आरोप है कि इस त्वरित कार्रवाई के पीछे नियत खराब थी, ताकि मस्जिद पक्ष को उच्च न्यायालय में अपील करने का समय ही न मिल सके।

विधायक अतुल प्रधान की गाड़ी के आगे लगाई पुलिस जीप

घटना की निष्पक्ष जांच और स्थानीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने के लिए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया गया था। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे सपा विधायक अतुल प्रधान जैसे ही सहारनपुर के लिए निकलने लगे, पुलिस प्रशासन ने उनके घर के बाहर भारी नाकेबंदी कर दी।

जब अतुल प्रधान अपनी गाड़ी में बैठकर जाने लगे, तो पुलिस ने अपनी जीप लगाकर रास्ता रोक दिया। इस दौरान विधायक और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई। अतुल प्रधान ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा:

   "यह कैसा लोकतंत्र है? जब हम जनता के हक और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं, तो हमें अपराधियों की तरह घर में कैद कर दिया जाता है। यदि सरकार में हिम्मत है तो लाठियां चलाए, लेकिन हम लोकतंत्र की हत्या नहीं होने देंगे।"

अखिलेश यादव का सरकार पर जोरदार हमला

इस पूरे प्रकरण पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए सीधा हमला बोला है। बिधूना में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा:

   "जब यह सरकार युवाओं को नौकरी नहीं दे पा रही है, बेरोजगारी और महंगाई रोकने में पूरी तरह विफल हो चुकी है, तो अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रही है।"

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि जो लोग धार्मिक स्थलों को गिराते हैं या दूसरों की आस्था के साथ खिलवाड़ करते हैं, वे कभी सच्चे सनातनी नहीं हो सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर राज्य का माहौल खराब करने और चुनाव से पहले वोटों के ध्रुवीकरण के लिए ऐसी कार्रवाइयों को अंजाम दे रही है।

क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात

सहारनपुर में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पीएसी और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनातियां बढ़ा दी गई हैं। विपक्षी दलों के कई अन्य प्रमुख नेताओं की गतिविधियों पर भी पुलिस सख्त निगरानी रख रही है।

 (रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)

Shailendra Kumar
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