सपा प्रमुख अखिलेश यादव का बीजेपी पर बड़ा आरोप: 'नंदलाल निषाद के फर्जी दस्तखत से कटवाया गया वोट'
Lucknow, Uttar Pradesh, N5:
उत्तर प्रदेश की राजनीति में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर मतदाता सूची में धांधली करने का गंभीर आरोप लगाया है। एक प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने दावा किया कि बीजेपी ने एक निषाद समाज के नागरिक का वोट काटने के लिए फर्जी तरीकों का इस्तेमाल किया है।
फॉर्म 7 का गलत इस्तेमाल करने का आरोप
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मामले का खुलासा करते हुए कहा, "नंदलाल निषाद जो दस्तखत करना नहीं जानते थे, भारतीय जनता पार्टी ने उनके नकली दस्तखत कराकर वोट कटवाने का काम फर्जी फॉर्म 7 भरवाकर कराया।"
गौरतलब है कि चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, 'फॉर्म 7' का उपयोग मतदाता सूची से किसी का नाम हटवाने या आपत्ति दर्ज कराने के लिए किया जाता है। अखिलेश यादव का आरोप है कि जो व्यक्ति हस्ताक्षर करना जानता ही नहीं था, उसके नाम पर फर्जी हस्ताक्षर बनाकर आवेदन जमा किया गया ताकि उसका वोट काटा जा सके।
राजनीतिक गरमाहट और सपा का रुख
अखिलेश यादव ने इस घटना को लोकतंत्र के खिलाफ साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि बीजेपी की ओर से राज्य भर में विपक्षी समर्थकों और कमजोर वर्गों के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की योजनाबद्ध कोशिशों का हिस्सा है।
सपा नेताओं ने मांग की है कि:
- फर्जी फॉर्म 7 जमा करने वाले दोषियों की पहचान कर उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
- नंदलाल निषाद का नाम तुरंत मतदाता सूची में बहाल किया जाए।
- चुनाव आयोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए ताकि भविष्य में किसी भी वैध नागरिक का मताधिकार न छीना जा सके।
इस मामले के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश का सियासी माहौल काफी गरमा गया है। सपा इसे चुनावी निष्पक्षता पर हमला बताकर मुद्दा बना रही है, वहीं चुनाव आयोग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
(रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)