18 फीट गहरे खड्डे में सपा विधायक ने लगाये नारे: कानपुर में भ्रष्टाचार का 'गड्ढा'।
कानपुर।N5: कानपुर के जाजमऊ स्थित सरैया चौराहे (वीआईपी रोड) पर सड़क धंसने से एक बहुत बड़ा और गहरा गड्ढा बन गया था।भारी बारिश और अंदरूनी जलभराव के कारण सड़क धंस गई थी, जिससे लगभग 18 फीट गहरा और 5 मीटर चौड़ा गड्ढा बन गया। खतरा टालने के लिए पुलिस ने तुरंत सड़क की एक लेन को बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और जाम की स्थिति बनी रही।
लेकिन सपा विधायक (हसन रूमी) सीढ़ी के सहारे खुद इस 18 फीट गहरे गड्ढे में उतर गए और प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ वहीं धरने पर बैठ गए।
ख़बर विस्तार से:
कानपुर शहर की जाजमऊ स्थित वीआईपी रोड (सरैया चौराहा) पर गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब सड़क धंसने से बना 18 फीट गहरा गड्ढा प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार की पोल खोलने का केंद्र बन गया। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे कानपुर कैंट से समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक मोहम्मद हसन रूमी विरोध दर्ज कराने के लिए सीढ़ी लगाकर खुद 18 फीट गहरे गड्ढे में उतर गए और वहीं धरने पर बैठ गए।
सड़क धंसने के कारण इस वीआईपी मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। लगभग 5 मीटर चौड़े और 18 फीट गहरे इस विशालकाय खड्डे को देखकर राहगीरों में हड़कंप मच गया। हादसे के खतरे को देखते हुए पुलिस ने एक लेन को बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया था।
तेज बारिश भी नहीं डिगा सकी हौसला
दोपहर करीब 12:45 बजे सपा विधायक हसन रूमी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की ओर से त्वरित कार्रवाई न होते देख विधायक ने सीढ़ी मंगवाई और गड्ढे में उतर गए। इस दौरान तेज बारिश शुरू हो गई, लेकिन विधायक बारिश में भी गड्ढे के भीतर ही जमे रहे।
लापरवाही और भ्रष्टाचार का लगाया आरोप
गड्ढे में बैठकर विरोध जताते हुए विधायक हसन रूमी ने नगर निगम और निर्माण कार्य से जुड़ी एजेंसियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि महज डेढ़ साल पहले बनी इस वीआईपी रोड और डाट नाले के निर्माण में व्यापक स्तर पर घटिया सामग्री का प्रयोग और भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक नगर आयुक्त या वरिष्ठ अधिकारी मौके पर आकर जांच और निष्पक्ष कार्रवाई का लिखित आश्वासन नहीं देते, वे बाहर नहीं निकलेंगे।
प्रशासन में मचा हड़कंप
विधायक के इस अनोखे प्रदर्शन की खबर फैलते ही प्रशासनिक महकमे में अफरा-तफरी मच गई। नगर निगम और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी आनन-फानन में मौके पर पहुंचे। अधिकारियों द्वारा जांच और जल्द से जल्द मरम्मत कार्य पूरा कराने के आश्वासन के बाद ही स्थिति को नियंत्रित किया जा सका।
यह घटना पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है और मानसून के दौरान सरकारी दावों एवं बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
(रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)
