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नेपाल में आपदा राहत के लिए आगे आया भारत: संकट की घड़ी में चौथी राहत पहुँचा।

नेपाल में आपदा राहत के लिए आगे आया भारत: संकट की घड़ी में चौथी राहत पहुँचा।

नई दिल्ली/काठमांडू/N5:
​नेपाल में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा के बाद राहत और बचाव कार्यों के लिए भारत ने अपनी 'नेबरहुड फर्स्ट' (पड़ोसी प्रथम) नीति के तहत बड़े पैमाने पर सहायता अभियान शुरू किया है। भारतीय वायु सेना के विमानों द्वारा काठमांडू के लिए राहत सामग्री और विशेषज्ञ टीमों की निरंतर आपूर्ति की जा रही है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने भारत द्वारा भेजी जा रही मानवीय सहायता की तीसरी और चौथी उड़ानों का ब्योरा साझा किया।

हिमालयी देश नेपाल में आई इस आपदा के बाद भारत सबसे पहले मदद का हाथ बढ़ाने वाले देशों में शामिल हो गया। विशेषज्ञ डॉक्टरों, बचाव दस्तों और टनल रेस्क्यू विशेषज्ञों की यह तैनाती दर्शाती है कि भारत नेपाल को न केवल केवल बुनियादी सामग्रियां भेज रहा है, बल्कि जटिल परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक तकनीकी सहायता भी नेपाल को प्रदान कर रहा है। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि राहत सामग्री के साथ भारत की तीसरी उड़ान काठमांडू पहुंच चुकी है। 

भारत नेपाल में जारी राहत और बचाव अभियानों में लगातार अपना सहयोग बढ़ा रहा है। ​विदेश मंत्री ने अपने पोस्ट के अंत में भारत और नेपाल के राष्ट्रध्वज के इमोजी साझा करते हुए दोनों देशों की गहरी मित्रता और एकजुटता का संदेश भी दिया। 

नेपाल में जारी राहत और बचाव कार्यों के बीच भारत ने मदद का हाथ आगे बढ़ाते हुए अपनी सहायता सामग्री की चौथी खेप भी भेजी चुकी है। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव के अनुसार, भारत से चौथी उड़ान 11 टन आवश्यक राहत सामग्री लेकर काठमांडू पहुंच चुकी है।

​तीसरी राहत उड़ान में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के अनुसार, भारत से पहुंची तीसरी उड़ान के जरिए 10 टन राहत सामग्री (जैसे जेनरेटर सेट, वाटर प्यूरीफायर और भोजन) के साथ-साथ एक 11 सदस्यीय मेडिकल और टनल (सुरंग) रेस्क्यू टीम को काठमांडू में तैनात किया गया। और वहीं चौथी राहत उड़ान में राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने पुष्टि की कि भारत से चौथी उड़ान 11 टन अतिरिक्त सामग्री लेकर काठमांडू पहुंची। चौथी खेप में मुख्य रूप से कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट शामिल हैं। टनल में फंसे लोगों की खोज और कठिन राहत अभियानों के संचालन के लिए भारत ने विशेष उपकरणों के साथ अतिरिक्त तकनीकी टीमों को भी धरातल पर उतारा है।

इन लगातार उड़ानों के माध्यम से भारत अब तक 68 टन से अधिक आपातकालीन राहत सामग्री और उपकरण नेपाल पहुंचा चुका है।सामग्री के साथ-साथ इस विशेष उड़ान के माध्यम से टनल (सुरंग) में खोज और बचाव अभियान चलाने के लिए आवश्यक उपकरणों के साथ एक अतिरिक्त तकनीकी टीम भी नेपाल भेजी गई है। भारत सरकार पड़ोसी देश को इस संकट के समय में हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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 (रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)
Shailendra Kumar
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