गंगा एक्सप्रेसवे पर दरारों को लेकर गर्माई राजनीति: अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना।
लखनऊ, उत्तर प्रदेश, N5: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 दिसंबर 2021 को उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर में जिस एक्सप्रेसवे की आधारशिला रखी थी और जिसका उद्घाटन अप्रैल 2026 में हुई उसमें दरारें पङने की ख़बर ने प्रदेश में भ्रष्टाचार राजनीतिक का
माहौल तैयार कर दिया है।
उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शुमार 'गंगा एक्सप्रेसवे' एक बार फिर विवादों और सियासत के केंद्र में आ गया है। एक्सप्रेसवे पर उन्नाव के पास सड़क की ऊपरी परत पर आई बड़ी-बड़ी दरारों की तस्वीरें का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विपक्षी दलों— समाजवादी पार्टी (सपा)—ने सरकार और निर्माण एजेंसियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
अखिलेश यादव ने किए तीखे हमले
अखिलेश यादव ने चेतावनी दी है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव (@yadavakhilesh) ने भी दरारों की तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा, "सावधान... ख़तरे में है आपकी जान!"। उन्होंने सड़क पर आई दरारों की तुलना नदी की धाराओं से करते हुए कहा कि ये अनगिनत दरारें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शासनकाल में हुए भ्रष्टाचार की स्पष्ट गवाही दे रही हैं।
सुरक्षा और गुणवत्ता पर उठे रहे हैं गंभीर सवाल
विपक्षी नेताओं का कहना है कि इतने भारी बजट से तैयार की जा रही या तैयार हो चुकी सड़कों का इस तरह से क्षतिग्रस्त होना न केवल बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगाता है, बल्कि यात्रियों और वाहन चालकों की जान के लिए भी बड़ा खतरा पैदा करता है।
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे के विकास का एक प्रमुख हिस्सा माना जाता है, लेकिन बार-बार आ रही ऐसी रिपोर्टों ने तकनीकी मानकों और निरीक्षण प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष अब इस मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच तथा दोषी निर्माण कंपनियों व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।
आपको बता दूँ कि गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की एक महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) परियोजना है। इसके निर्माण और लागत से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
लागत और बजट
कुल अनुमानित लागत: गंगा एक्सप्रेसवे के चरण-1 को लगभग ₹36,230 करोड़ की कुल लागत से तैयार किया गया है।
निर्माण और समय-सीमा
शिलान्यास: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 दिसंबर 2021 को उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर में इस एक्सप्रेसवे की आधारशिला रखी थी।
निर्माण की शुरुआत: जमीन अधिग्रहण और आवश्यक पर्यावरणीय स्वीकृतियां मिलने के बाद मुख्य निर्माण कार्य अप्रैल 2022 से शुरू हुआ।
उद्घाटन: एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 29 अप्रैल 2026 को किया गया।
प्रमुख विशेषताएं
लंबाई और लेन: यह 6-लेन (आठ लेन तक विस्तार योग्य) का एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है, जिसकी लंबाई लगभग 594 किलोमीटर है।
रूट: यह पश्चिमी यूपी के मेरठ (बिजौली गाँव) से शुरू होकर पूर्वी यूपी के प्रयागराज (जुदापुर डांडू गाँव) तक जाता है।
कवर किए जाने वाले जिले: यह मार्ग उत्तर प्रदेश के 12 जिलों (मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहाँपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज) को जोड़ता है।
(रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)
