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तेजस्वी यादव का केंद्र और राज्य सरकार पर हमला, पूछा- 'वर्षों से सत्ता में रहने के बावजूद स्थायी समाधान और द्विपक्षीय बैठकों से दूरी क्यों?



तेजस्वी यादव का केंद्र और राज्य सरकार पर हमला, पूछा- 'वर्षों से सत्ता में रहने के बावजूद स्थायी समाधान और द्विपक्षीय बैठकों से दूरी क्यों?

पटना, नई दिल्ली, N5:

नेपाल बाढ़ संकट। बिहार नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के इस बयान कि केंद्र सरकार ने नेपाल के साथ संबंधों को लेकर सीरियस नहीं रही। जब से सरकार बनी है तब से केंद्र सरकार नेपाल को लेकर संवेदनशील नहीं रही। कभी एक बैठक तक नहीं कर सकी है।

नेपाल में आई भीषण आपदा और बाढ़ के कारण बिहार की प्रमुख नदियों में बढ़ते जलस्तर के खतरे के बीच राज्य के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र और बिहार सरकार की कार्यशैली पर तीखा हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि दशकों से डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद केंद्र और राज्य सरकार ने नेपाल से आने वाली बाढ़ की विभीषिका के स्थायी समाधान के लिए कोई गंभीर कदम नहीं उठाए हैं।

'अलर्ट पर रहने की जरूरत, सरकार नहीं निकाल सकी परमानेंट सॉल्यूशन'

दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा, "नेपाल में जिस तरह का जल प्रलय और तबाही देखने को मिली है, उससे बिहार को लेकर भी अलर्ट पर रहने की सख्त जरूरत है। बिहार में हर साल बाढ़ आने की संभावना बनी रहती है, क्योंकि नदियों में ज्यादा पानी नेपाल की तरफ से आता है। लेकिन, मौजूदा सरकार की नाकामी यह है कि इतने वर्षों में भी बाढ़ का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।"

'न नेपाल से वार्ता, न द्विपक्षीय बैठकें'

तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार पर नेपाल नीति और अंतर-राज्यीय समन्वय को लेकर अ-संवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए कहा कि बाढ़ एक अंतरराष्ट्रीय और गंभीर मुद्दा है, लेकिन इसे लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया, "इतने सालों से केंद्र में सरकार है, लेकिन क्या केंद्र सरकार ने बाढ़ नियंत्रण और हाई डैम (उच्च बांध) के मुद्दे पर नेपाल या बिहार सरकार के साथ बैठकर कोई उच्चस्तरीय बातचीत की है? इतने सालों बाद भी अब तक एक भी ठोस बैठक क्यों नहीं हुई?"

निगरानी बढ़ाने और तैयारियों को पुख्ता करने की मांग

आरजेडी नेता ने कहा कि बाढ़ की वजह से लाखों लोगों की जान-माल का नुकसान होता है। जब तक नेपाल सीमा से जुड़े जल प्रबंधन का कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं ढूंढा जाएगा, बिहार के लोग हर साल इसी तरह तबाही झेलने को मजबूर रहेंगे।

उन्होंने बिहार सरकार से आग्रह किया कि तटबंधों की निगरानी बढ़ाने, निचले इलाकों से निकासी और राहत सामग्री की पूर्व तैयारियों में कोई ढिलाई न बरती जाए। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि राजनीति से ऊपर उठकर केंद्र सरकार को नेपाल से द्विपक्षीय स्तर पर गंभीर वार्ता तुरंत शुरू करनी चाहिए।

(रिपोर्ट-शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)


Shailendra Kumar
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