युद्धग्रस्त होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर भारत लौट रहे हैं दो विशाल LPG टैंकर।।
युद्धग्रस्त होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर भारत लौट रहे हैं दो विशाल LPG टैंकर।।
नई दिल्ली/मुंबई | 30 मार्च, 2026;
वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और समुद्री मार्गों पर बढ़ते खतरों के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। दो भारतीय एलपीजी (LPG) टैंकर 94,000 मीट्रिक टन रसोई गैस की विशाल खेप लेकर सुरक्षित स्वदेश लौट रहे हैं।
इन टैंकरों ने सामरिक रूप से अत्यंत संवेदनशील और वर्तमान में 'युद्धग्रस्त' घोषित होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सफलतापूर्वक पार कर लिया है।
पहला टैंकर कल, यानी 31 मार्च तक मुंबई बंदरगाह पर लंगर डाल सकता है। दूसरे टैंकर के 1 अप्रैल को न्यू मैंगलोर पहुँचने की पूरी उम्मीद है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस व्यापार मार्गों में से एक है। वर्तमान में इस क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण समुद्री जहाजों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंताएँ बनी हुई थीं।
भारतीय टैंकरों द्वारा इस 'हॉट-ज़ोन' को सुरक्षित रूप से पार करना न केवल चालक दल के साहस को दर्शाता है, बल्कि यह भारत के मजबूत समुद्री सुरक्षा समन्वय और सफल कूटनीति का भी प्रमाण है।
94,000 मीट्रिक टन एलपीजी की यह खेप घरेलू बाजार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में गैस के आने से देश के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में रसोई गैस की आपूर्ति और अधिक सुदृढ़ होगी।
यह खेप ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बफर स्टॉक को बनाए रखने में मदद करेगी। मुंबई और न्यू मैंगलोर जैसे रणनीतिक बंदरगाहों पर आगमन से पड़ोसी राज्यों में वितरण प्रक्रिया तेज हो जाएगी।
सरकारी आंकड़ों और शिपिंग मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी तनाव के बीच अब तक कुल 6 भारतीय LPG टैंकर सुरक्षित रूप से इस रास्ते को पार कर चुके हैं।
और, इन 6 जहाजों के माध्यम से भारत लगभग 2.8 लाख मीट्रिक टन एलपीजी लाने में सफल रहा है। अकेले हालिया दो जहाजों (BW TYR और BW ELM) में 94,000 मीट्रिक टन गैस है।
निष्कर्ष:
वैश्विक अस्थिरता के दौर में ऊर्जा संसाधनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है। इन टैंकरों का सुरक्षित स्वदेश लौटना भारतीय ऊर्जा क्षेत्र और उपभोक्ताओं के लिए एक सुखद संकेत है।
