पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: सुरक्षा या 'अति-सैन्यीकरण'? लोकतंत्र के उत्सव में सेना की अभूतपूर्व मौजूदगी पर उठते सवाल
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: सुरक्षा या 'अति-सैन्यीकरण'? लोकतंत्र के उत्सव में सेना की अभूतपूर्व मौजूदगी पर उठते सवाल कोलकाता | समाचार ब्यूरो पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान (29 अप्रैल) से ठीक पहले, राज्य के गलियारों में चर्चा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कम और उसके 'पैमाने' को लेकर अधिक हो रही है। इस बार बंगाल की गलियों में जो दृश्य दिख रहे हैं, वे किसी सामान्य राज्य के चुनाव से कहीं अधिक किसी जटिल सैन्य अभियान की याद दिलाते हैं। 2.4 लाख जवान: क्या बंगाल कोई 'नया क्षेत्र' है? निर्वाचन आयोग ने इस बार सुरक्षा के लिए 2,400 कंपनियों (लगभग 2.4 लाख जवान) को तैनात किया है। इतिहास में पहली बार किसी राज्य के चुनाव में इतनी भारी फोर्स उतारी गई है। इसे लेकर आम जनता और विश्लेषकों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। तर्क दिया जा रहा है कि इतनी सघन सैन्य तैनाती आमतौर पर केवल उन क्षेत्रों में की जाती है जहाँ या तो पहली बार चुनाव हो रहे हों, या जिनका हाल ही में विलय हुआ हो। बंगाल, जो दशकों से भारतीय लोकतंत्र का एक सक्रिय हिस्सा रहा है, वहाँ मतदान केंद्रों के 1...