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बिहार के पूर्णिया में पुलिस का बड़ा एक्शन: 25 लाख रुपये की 12 हजार बोतल प्रतिबंधित कफ सिरप जब्त, 2 तस्कर गिरफ्तार

बिहार के पूर्णिया में पुलिस का बड़ा एक्शन: 25 लाख रुपये की 12 हजार बोतल प्रतिबंधित कफ सिरप जब्त, 2 तस्कर गिरफ्तार
विशेष संवाददाता, पूर्णिया (बिहार)N5:
बिहार में पूर्णिया पुलिस ने मादक पदार्थों और नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर चलाए गए एक विशेष अभियान के तहत 12 हजार बोतल प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप की एक विशाल खेप बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय/स्थानीय बाजार में जब्त की गई कफ सिरप की अनुमानित कीमत 25 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
मामले की जानकारी देते हुए सदर एसडीपीओ-2 गौरव कुमार ने बताया कि जलालगढ़ थाना क्षेत्र में नाकाबंदी और वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस टीम को यह सफलता मिली। तलाशी के दौरान बिना नंबर प्लेट वाली एक संदिग्ध गाड़ी से कफ सिरप के दर्जनों कार्टन बरामद किए गए। पुलिस ने मौके से दो मुख्य तस्करों को गिरफ्तार किया है और परिवहन में इस्तेमाल वाहन को भी जब्त कर लिया है।
पूर्णिया से अररिया भेजी जा रही थी नशे की खेप
सदर एसडीपीओ-2 गौरव कुमार के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ है कि यह प्रतिबंधित कफ सिरप पूर्णिया के एक स्थानीय नेटवर्क से लोड कर अररिया जिले में सप्लाई के लिए भेजी जा रही थी। सीमांचल के इलाकों में युवाओं के बीच कोडीन युक्त कफ सिरप को नशे के रूप में इस्तेमाल करने का बड़ा अवैध धंधा पनप रहा है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक की पहचान साकिर के रूप में हुई है, जिसकी निशानदेही पर अररिया के चंद्रदेई निवासी दूसरे आरोपी दिलखुश नवाज को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को एनडीपीएस (NDPS) एक्ट और संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पूर्णिया और सीमांचल में नशीली दवाओं का बढ़ता जाल
बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद से राज्य के सीमावर्ती और नेपाल से सटे सीमांचल जिलों (पूर्णिया, अररिया, कटिहार, किशनगंज) में नशीली दवाओं का काला कारोबार तेजी से बढ़ा है।
शराब के विकल्प के रूप में इस्तेमाल: शराबबंदी के कारण शराब न मिलने पर क्षेत्र का युवा वर्ग कोडीन युक्त कफ सिरप (जैसे कोरेक्स, फैंसिडिल), नशीली गोलियों (अल्प्राजोलम, स्मैक) की ओर तेजी से आकर्षित हुआ है।
अंतरराज्यीय और अंतर-जिला सिंडिकेट: कफ सिरप की बड़ी खेप अक्सर झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से फर्जी कागजातों या अन्य सामानों की आड़ में छिपाकर बिहार में लाई जाती है।
स्थानीय मेडिकल स्टोर्स का संदिग्ध रोल: इस मामले में भी पुलिस जलालगढ़ और पूर्णिया के कुछ थोक व खुदरा दवा विक्रेताओं पर नजर रख रही है, जो बिना डॉक्टर के पर्चे (Prescription) के भारी मात्रा में ऐसी दवाएं तस्करों को मुहैया कराते हैं।
पुलिस का कड़ा रुख और आगे की रणनीति
पूर्णिया के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसपी) के कड़े निर्देशों के तहत जिला पुलिस और खुफिया विभाग (DIO) मिलकर नशे के नेटवर्क पर लगातार प्रहार कर रहे हैं। एसडीपीओ गौरव कुमार ने स्पष्ट किया है कि केवल डिलीवरी करने वाले तस्करों तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सप्लाई चेन के मुख्य सरगनाओं और बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज की पहचान कर पूरे सिंडिकेट को ध्वस्त किया जाएगा। सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और संदिग्ध दवा दुकानों की औचक जांच की योजना बनाई जा रही है।
(रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क क्राइम N5)
Shailendra Kumar
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बिहार के पूर्णिया में पुलिस का बड़ा एक्शन: 25 लाख रुपये की 12 हजार बोतल प्रतिबंधित कफ सिरप जब्त, 2 तस्कर गिरफ्तार

बिहार के पूर्णिया में पुलिस का बड़ा एक्शन: 25 लाख रुपये की 12 हजार बोतल प्रतिबंधित कफ सिरप जब्त, 2 तस्कर गिरफ्तार
विशेष संवाददाता, पूर्णिया (बिहार)N5:
बिहार में पूर्णिया पुलिस ने मादक पदार्थों और नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर चलाए गए एक विशेष अभियान के तहत 12 हजार बोतल प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप की एक विशाल खेप बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय/स्थानीय बाजार में जब्त की गई कफ सिरप की अनुमानित कीमत 25 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
मामले की जानकारी देते हुए सदर एसडीपीओ-2 गौरव कुमार ने बताया कि जलालगढ़ थाना क्षेत्र में नाकाबंदी और वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस टीम को यह सफलता मिली। तलाशी के दौरान बिना नंबर प्लेट वाली एक संदिग्ध गाड़ी से कफ सिरप के दर्जनों कार्टन बरामद किए गए। पुलिस ने मौके से दो मुख्य तस्करों को गिरफ्तार किया है और परिवहन में इस्तेमाल वाहन को भी जब्त कर लिया है।
पूर्णिया से अररिया भेजी जा रही थी नशे की खेप
सदर एसडीपीओ-2 गौरव कुमार के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ है कि यह प्रतिबंधित कफ सिरप पूर्णिया के एक स्थानीय नेटवर्क से लोड कर अररिया जिले में सप्लाई के लिए भेजी जा रही थी। सीमांचल के इलाकों में युवाओं के बीच कोडीन युक्त कफ सिरप को नशे के रूप में इस्तेमाल करने का बड़ा अवैध धंधा पनप रहा है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक की पहचान साकिर के रूप में हुई है, जिसकी निशानदेही पर अररिया के चंद्रदेई निवासी दूसरे आरोपी दिलखुश नवाज को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को एनडीपीएस (NDPS) एक्ट और संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पूर्णिया और सीमांचल में नशीली दवाओं का बढ़ता जाल
बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद से राज्य के सीमावर्ती और नेपाल से सटे सीमांचल जिलों (पूर्णिया, अररिया, कटिहार, किशनगंज) में नशीली दवाओं का काला कारोबार तेजी से बढ़ा है।
शराब के विकल्प के रूप में इस्तेमाल: शराबबंदी के कारण शराब न मिलने पर क्षेत्र का युवा वर्ग कोडीन युक्त कफ सिरप (जैसे कोरेक्स, फैंसिडिल), नशीली गोलियों (अल्प्राजोलम, स्मैक) की ओर तेजी से आकर्षित हुआ है।
अंतरराज्यीय और अंतर-जिला सिंडिकेट: कफ सिरप की बड़ी खेप अक्सर झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से फर्जी कागजातों या अन्य सामानों की आड़ में छिपाकर बिहार में लाई जाती है।
स्थानीय मेडिकल स्टोर्स का संदिग्ध रोल: इस मामले में भी पुलिस जलालगढ़ और पूर्णिया के कुछ थोक व खुदरा दवा विक्रेताओं पर नजर रख रही है, जो बिना डॉक्टर के पर्चे (Prescription) के भारी मात्रा में ऐसी दवाएं तस्करों को मुहैया कराते हैं।
पुलिस का कड़ा रुख और आगे की रणनीति
पूर्णिया के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसपी) के कड़े निर्देशों के तहत जिला पुलिस और खुफिया विभाग (DIO) मिलकर नशे के नेटवर्क पर लगातार प्रहार कर रहे हैं। एसडीपीओ गौरव कुमार ने स्पष्ट किया है कि केवल डिलीवरी करने वाले तस्करों तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सप्लाई चेन के मुख्य सरगनाओं और बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज की पहचान कर पूरे सिंडिकेट को ध्वस्त किया जाएगा। सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और संदिग्ध दवा दुकानों की औचक जांच की योजना बनाई जा रही है।
(रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क क्राइम N5)
Shailendra Kumar
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