Skip to main content

पटना के प्राइवेट स्कूलों का नया खेल: किताबों की मूल कीमत पर स्टीकर चिपकाकर की जा रही मोटी कमाई

पटना के प्राइवेट स्कूलों का नया खेल: किताबों की मूल कीमत पर स्टीकर चिपकाकर की जा रही मोटी कमाई 
पटना/N5: राजधानी पटना के एक निजी (प्राइवेट) स्कूल से शिक्षा के नाम पर व्यापार और मनमानी का एक बड़ा मामला सामने आया है। बच्चों को बांटी जा रही किताबों के मूल्य (MRP) में फेरबदल कर अभिभावकों से मनमाने पैसे वसूले जा रहे हैं। जब कुछ अभिभावकों और बच्चों को शक हुआ और उन्होंने किताबों पर लगे मूल्य के स्टीकर को उखाड़कर देखा, तो स्कूल और प्रकाशकों के इस पूरे खेल की कलई खुलकर सामने आ गई।
मूल कीमत पर स्टीकर लगाकर 50% से अधिक का मुनाफा
तस्वीर और उपलब्ध साक्ष्यों के अनुसार, बुकमैन इंडिया (Bookman India) की एक किताब का असली अंकित मूल्य ₹200.00 था, जिस पर प्रकाशक/स्कूल द्वारा ₹300.00 का नया स्टीकर चिपका दिया गया। सीधे तौर पर ₹100 extra वसूल कर 50% से ज्यादा का अतिरिक्त दाम जोड़ दिया गया।
हद तो तब हो गई जब दूसरी किताब पर भी इसी तरह का खेल देखने को मिला। 'हॉरिजॉन प्रेस' (Horizon Press / Bookman India) की इस किताब का असली मूल्य मात्र ₹115.00 अंकित था। लेकिन इसके ऊपर ₹215.00 का नया स्टीकर चिपकाकर बच्चों को स्कूल काउंटर से वही किताब ₹215 में बेची गई। यानी इस दूसरी किताब पर सीधे ₹100 की बढ़ोतरी कर लगभग 87% तक अधिक दाम वसूला गया।
अभिभावकों में भारी आक्रोश, शिक्षा विभाग से कार्रवाई की मांग
इस तरह की धोखाधड़ी से पटना के अभिभावकों में भारी नाराजगी और आक्रोश है। अभिभावकों का कहना है कि नियम के अनुसार कोई भी विद्यालय या दुकानदार किसी भी वस्तु या किताब को उसके अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक कीमत पर नहीं बेच सकता। लेकिन स्कूलों में ही सीधे काउंटर लगाकर किताबों के मूल्य पर फर्जी स्टीकर चिपकाकर बेचना सीधे-सीधे कानून का उल्लंघन है।
शिक्षा को व्यापार बनाकर बच्चों और अभिभावकों की जेब काटने के इस तरीके पर लोगों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग से कड़े कदम उठाने की मांग की है। अभिभावकों की मांग है कि ऐसे स्कूलों और फर्जीवाड़ा करने वाले प्रकाशकों की जांच की जाए और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य बच्चे या परिवार का इस प्रकार शोषण न हो।
(रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)
Shailendra Kumar
Follow: Facebook

पटना के प्राइवेट स्कूलों का नया खेल: किताबों की मूल कीमत पर स्टीकर चिपकाकर की जा रही मोटी कमाई

पटना के प्राइवेट स्कूलों का नया खेल: किताबों की मूल कीमत पर स्टीकर चिपकाकर की जा रही मोटी कमाई 
पटना/N5: राजधानी पटना के एक निजी (प्राइवेट) स्कूल से शिक्षा के नाम पर व्यापार और मनमानी का एक बड़ा मामला सामने आया है। बच्चों को बांटी जा रही किताबों के मूल्य (MRP) में फेरबदल कर अभिभावकों से मनमाने पैसे वसूले जा रहे हैं। जब कुछ अभिभावकों और बच्चों को शक हुआ और उन्होंने किताबों पर लगे मूल्य के स्टीकर को उखाड़कर देखा, तो स्कूल और प्रकाशकों के इस पूरे खेल की कलई खुलकर सामने आ गई।
मूल कीमत पर स्टीकर लगाकर 50% से अधिक का मुनाफा
तस्वीर और उपलब्ध साक्ष्यों के अनुसार, बुकमैन इंडिया (Bookman India) की एक किताब का असली अंकित मूल्य ₹200.00 था, जिस पर प्रकाशक/स्कूल द्वारा ₹300.00 का नया स्टीकर चिपका दिया गया। सीधे तौर पर ₹100 extra वसूल कर 50% से ज्यादा का अतिरिक्त दाम जोड़ दिया गया।
हद तो तब हो गई जब दूसरी किताब पर भी इसी तरह का खेल देखने को मिला। 'हॉरिजॉन प्रेस' (Horizon Press / Bookman India) की इस किताब का असली मूल्य मात्र ₹115.00 अंकित था। लेकिन इसके ऊपर ₹215.00 का नया स्टीकर चिपकाकर बच्चों को स्कूल काउंटर से वही किताब ₹215 में बेची गई। यानी इस दूसरी किताब पर सीधे ₹100 की बढ़ोतरी कर लगभग 87% तक अधिक दाम वसूला गया।
अभिभावकों में भारी आक्रोश, शिक्षा विभाग से कार्रवाई की मांग
इस तरह की धोखाधड़ी से पटना के अभिभावकों में भारी नाराजगी और आक्रोश है। अभिभावकों का कहना है कि नियम के अनुसार कोई भी विद्यालय या दुकानदार किसी भी वस्तु या किताब को उसके अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक कीमत पर नहीं बेच सकता। लेकिन स्कूलों में ही सीधे काउंटर लगाकर किताबों के मूल्य पर फर्जी स्टीकर चिपकाकर बेचना सीधे-सीधे कानून का उल्लंघन है।
शिक्षा को व्यापार बनाकर बच्चों और अभिभावकों की जेब काटने के इस तरीके पर लोगों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग से कड़े कदम उठाने की मांग की है। अभिभावकों की मांग है कि ऐसे स्कूलों और फर्जीवाड़ा करने वाले प्रकाशकों की जांच की जाए और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य बच्चे या परिवार का इस प्रकार शोषण न हो।
(रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)
Shailendra Kumar
LATEST
EDITORIAL