समाजवादी पार्टी का बड़ा प्रदर्शन: अखिलेश यादव समेत कई सांसद दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में
नई दिल्ली/N5:
संसद भवन परिसर से लेकर दिल्ली की सड़कों तक आज राजनीतिक माहौल बेहद गरमाया रहा। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और इंडिया (INDIA) गठबंधन के नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और कथित धांधली के खिलाफ एक विशाल विरोध मार्च निकाला। इस प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने अखिलेश यादव सहित विपक्ष के कई प्रमुख सांसदों को हिरासत में ले लिया।
सड़क पर उतरी सपा, पुलिस की बस बनी 'रथ'
संसद भवन से शुरू हुए इस मार्च में बड़ी संख्या में सपा सांसद और समर्थक हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर शामिल हुए। प्रदर्शनकारी "लोकतंत्र की हत्या बंद करो" और निष्पक्ष चुनाव की मांग वाले नारे लगा रहे थे। स्थिति तब और संवेदनशील हो गई जब पुलिस ने नेताओं को आगे बढ़ने से रोका और हिरासत में लेकर बसों में भरना शुरू किया।
"...चुनाव आयोग को लेकर शिकायत और आपत्तियां हैं। जिस तरह चुनाव आयोग काम कर रहा है, ये पहली बार नहीं है। चुनाव आयोग चाहता है कि वही लोग भारतीय नागरिक हैं जो भाजपा के सदस्य हैं। चुनाव आयोग ये भी मानता है और कई बार देखने को मिला है कि जो भाजपा का सदस्य है वही वोट डाल सकता है...बंगाल में फोर्स के माध्यम से बूथ लूट लिया था और उससे पहले उत्तर प्रदेश में लूटा...चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है और चुनाव आयोग संविधान के तहत काम नहीं कर रहा है...भाजपा जब से आई है तब से चुनाव आयोग ने भाजपा के लिए काम करना शुरू कर दिया-सपा प्रमुख अखिलेश यादव।"
इस दौरान कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर दिखा। समाजवादी पार्टी के समर्थक दिल्ली पुलिस की बसों के ऊपर तक चढ़ गए और ज़ोरदार नारेबाजी करने लगे। इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद लोगों ने टिप्पणी की कि ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे अखिलेश यादव दिल्ली की सड़कों पर कोई रथयात्रा निकाल रहे हों।
'चुनाव वोट से हराएंगे, बीजेपी भी हटेगी' - अखिलेश यादव
पुलिस हिरासत के दौरान बस की खिड़की से मीडिया और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव बेहद आक्रामक तेवर में नजर आए। उन्होंने सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, "चुनाव वोट से हराएंगे इन लोगों को, चुनाव आयुक्त भी हटेंगे और बीजेपी भी हटेगी।"
अखिलेश यादव ने मीडिया से बात करते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आयोग पर पहले भी गंभीर आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 2017, 2019, 2022 और 2024 के चुनावों में बेईमानी की गई। उन्होंने बंगाल चुनाव और चंडीगढ़ मेयर चुनाव के वाकये का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं को कोई कैसे भूल सकता है।
'वन नेशन, वन इलेक्शन' योजना पर तंज
केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित 'वन नेशन, वन इलेक्शन' (एक राष्ट्र, एक चुनाव) की नीति पर हमला बोलते हुए समाजवादी पार्टी के नेताओं ने कहा कि यह सरकार की एक सोची-समझी रणनीति है। सपा नेतृत्व का कहना था कि सरकार 'वन नेशन, वन इलेक्शन' का नारा केवल इसलिए दे रही है ताकि एक ही बार में घपला कर लिया जाए और बार-बार मेहनत न करनी पड़े।
विपक्ष का एकजुट रुख
इस विरोध प्रदर्शन ने एक बार फिर विपक्षी एकता की झलक दिखाई है। इंडिया गठबंधन के घटक दलों के नेताओं ने कहा कि वे लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाते रहेंगे। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बावजूद सपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में जारी रहा। इस घटनाक्रम के बाद देश की राजनीति में चुनाव आयोग और चुनावी निष्पक्षता को लेकर बहस और तेज़ होने के आसार हैं।
(रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)
