Skip to main content

बिहार की राजनीति में उबाल: मोकामा विधायक अनंत सिंह के जेडीयू से निष्कासन पर तेजस्वी यादव का तीखा हमला

"जेडीयू का अब स्वतंत्र अस्तित्व लगभग समाप्त हो चुका है और वह व्यावहारिक रूप से बीजेपी में पूरी तरह से विलीन हो चुकी है- तेजस्वी यादव।"
बिहार की राजनीति में एक बार फिर से सरगर्मी काफी तेज हो गई है। हाल ही में मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को जनता दल (यूनाइटेड) यानी जेडीयू से 6 साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद से राजनीतिक गलियारों में बयानों का दौर शुरू हो गया है। इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने जेडीयू और नीतीश कुमार की कार्यशैली पर कड़े शब्दों में हमला बोला है। उन्होंने मीडिया के सामने खुलकर अपनी बात रखी और कहा कि आज जो कुछ भी हो रहा है, उसकी भविष्यवाणी उन्होंने बहुत पहले ही कर दी थी।
"हमने तभी चेताया था, आज सच साबित हो रहा है"
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि जब विश्वास मत चल रहा था, उस समय उनके पाले के 3 विधायक—नीलम देवी, आनंद मोहन के बेटे और प्रहलाद यादव—दूसरी तरफ चले गए थे। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि उन्होंने उस वक्त ही यह भविष्यवाणी कर दी थी कि जो लोग आज जहां भी समर्थन दे रहे हैं, आने वाला समय ही बताएगा कि उनके साथ क्या हस्र होने वाला है।
तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा कि आज स्थिति यह है कि आनंद मोहन परेशान चल रहे हैं, प्रहलाद यादव को पार्टी की ओर से टिकट तक नहीं मिला और अनंत सिंह की वर्तमान स्थिति सबके सामने है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन तमाम नेताओं ने पार्टी के साथ गद्दारी की थी और उन्होंने उस समय भी सबको चेताया था कि इसका परिणाम बुरा होगा। आज वही सारी बातें अक्षरशः सच साबित होती नजर आ रही हैं।
जेडीयू और एनडीए गठबंधन पर गंभीर सवाल
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार और जेडीयू के आंतरिक हालात पर भी बड़े खुलासे किए। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही यह आशंका जताई थी कि चुनाव के बाद ये लोग मिलकर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री नहीं रहने देंगे और चुनाव के महज 100 दिनों के भीतर ही नीतीश कुमार को हटा दिया गया।
आरजेडी नेता ने यह भी कहा कि उन्होंने उस समय यह दावा किया था कि चुनाव के बाद जेडीयू का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा और आज पार्टी के भीतर ही आपस में घमासान और लड़ाई देखने को मिल रही है।
"बिहार की जनता से गद्दारी करने वाले ना घर के रहे, ना घाट के"
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया और अपने बयानों के जरिए और भी तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि "बिहार की जनता से गद्दारी करने वाले ना घर के रहे और ना घाट के"। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा समय में जेडीयू भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का महज एक प्रकोष्ठ बनकर रह गई है।
तेजस्वी के अनुसार, हकीकत यह है कि जेडीयू का अब स्वतंत्र अस्तित्व लगभग समाप्त हो चुका है और वह व्यावहारिक रूप से बीजेपी में पूरी तरह से विलीन हो चुकी है। धरातल की स्थिति यह है कि भाजपा ने जेडीयू को अंदर ही अंदर पूरी तरह से निगल लिया है, और अब सिर्फ एक औपचारिक घोषणा होना बाकी रह गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में निहितार्थ
बिहार के इस ताज़ा राजनीतिक घटनाक्रम और तेजस्वी यादव के इन बयानों के बाद राज्य का सियासी पारा काफी चढ़ गया है। जेडीयू से अनंत सिंह जैसे मजबूत और प्रभावी चेहरे के निष्कासन और उस पर विपक्ष की ओर से आ रहे लगातार बयानों ने सत्ताधारी दल के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि जेडीयू के वरिष्ठ नेता इन आरोपों का क्या जवाब देते हैं और इस विवाद का आगामी चुनावों या राजनीतिक समीकरणों पर क्या असर पड़ता है।
(स्रोत: सोशल मीडिया, तेजस्वी यादव का प्रेस कॉन्फ्रेंस)
शैलेन्द्र कुमार, पटना / बिहार।
Shailendra Kumar
Follow: Facebook

बिहार की राजनीति में उबाल: मोकामा विधायक अनंत सिंह के जेडीयू से निष्कासन पर तेजस्वी यादव का तीखा हमला

"जेडीयू का अब स्वतंत्र अस्तित्व लगभग समाप्त हो चुका है और वह व्यावहारिक रूप से बीजेपी में पूरी तरह से विलीन हो चुकी है- तेजस्वी यादव।"
बिहार की राजनीति में एक बार फिर से सरगर्मी काफी तेज हो गई है। हाल ही में मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को जनता दल (यूनाइटेड) यानी जेडीयू से 6 साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद से राजनीतिक गलियारों में बयानों का दौर शुरू हो गया है। इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने जेडीयू और नीतीश कुमार की कार्यशैली पर कड़े शब्दों में हमला बोला है। उन्होंने मीडिया के सामने खुलकर अपनी बात रखी और कहा कि आज जो कुछ भी हो रहा है, उसकी भविष्यवाणी उन्होंने बहुत पहले ही कर दी थी।
"हमने तभी चेताया था, आज सच साबित हो रहा है"
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि जब विश्वास मत चल रहा था, उस समय उनके पाले के 3 विधायक—नीलम देवी, आनंद मोहन के बेटे और प्रहलाद यादव—दूसरी तरफ चले गए थे। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि उन्होंने उस वक्त ही यह भविष्यवाणी कर दी थी कि जो लोग आज जहां भी समर्थन दे रहे हैं, आने वाला समय ही बताएगा कि उनके साथ क्या हस्र होने वाला है।
तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा कि आज स्थिति यह है कि आनंद मोहन परेशान चल रहे हैं, प्रहलाद यादव को पार्टी की ओर से टिकट तक नहीं मिला और अनंत सिंह की वर्तमान स्थिति सबके सामने है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन तमाम नेताओं ने पार्टी के साथ गद्दारी की थी और उन्होंने उस समय भी सबको चेताया था कि इसका परिणाम बुरा होगा। आज वही सारी बातें अक्षरशः सच साबित होती नजर आ रही हैं।
जेडीयू और एनडीए गठबंधन पर गंभीर सवाल
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार और जेडीयू के आंतरिक हालात पर भी बड़े खुलासे किए। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही यह आशंका जताई थी कि चुनाव के बाद ये लोग मिलकर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री नहीं रहने देंगे और चुनाव के महज 100 दिनों के भीतर ही नीतीश कुमार को हटा दिया गया।
आरजेडी नेता ने यह भी कहा कि उन्होंने उस समय यह दावा किया था कि चुनाव के बाद जेडीयू का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा और आज पार्टी के भीतर ही आपस में घमासान और लड़ाई देखने को मिल रही है।
"बिहार की जनता से गद्दारी करने वाले ना घर के रहे, ना घाट के"
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया और अपने बयानों के जरिए और भी तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि "बिहार की जनता से गद्दारी करने वाले ना घर के रहे और ना घाट के"। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा समय में जेडीयू भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का महज एक प्रकोष्ठ बनकर रह गई है।
तेजस्वी के अनुसार, हकीकत यह है कि जेडीयू का अब स्वतंत्र अस्तित्व लगभग समाप्त हो चुका है और वह व्यावहारिक रूप से बीजेपी में पूरी तरह से विलीन हो चुकी है। धरातल की स्थिति यह है कि भाजपा ने जेडीयू को अंदर ही अंदर पूरी तरह से निगल लिया है, और अब सिर्फ एक औपचारिक घोषणा होना बाकी रह गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में निहितार्थ
बिहार के इस ताज़ा राजनीतिक घटनाक्रम और तेजस्वी यादव के इन बयानों के बाद राज्य का सियासी पारा काफी चढ़ गया है। जेडीयू से अनंत सिंह जैसे मजबूत और प्रभावी चेहरे के निष्कासन और उस पर विपक्ष की ओर से आ रहे लगातार बयानों ने सत्ताधारी दल के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि जेडीयू के वरिष्ठ नेता इन आरोपों का क्या जवाब देते हैं और इस विवाद का आगामी चुनावों या राजनीतिक समीकरणों पर क्या असर पड़ता है।
(स्रोत: सोशल मीडिया, तेजस्वी यादव का प्रेस कॉन्फ्रेंस)
शैलेन्द्र कुमार, पटना / बिहार।
Shailendra Kumar
LATEST
STORIES
EDITORIAL