बिहार पुलिस की बाबूगीरि पर बड़ा एक्शन: शराब मामले में FIR के तथ्यों से छेड़छाड़ को लेकर थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
बिहार पुलिस की बाबूगीरि पर बड़ा एक्शन: शराब मामले में FIR के तथ्यों से छेड़छाड़ को लेकर थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
मुंगेर (बिहार) N5: बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस महकमे ने अपने ही कर्मचारियों पर अब तक की सबसे बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। मुंगेर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में शराब जब्ती से जुड़े एक संवेदनशील मामले में केस के तथ्यों के साथ हेराफेरी और लीपापोती करने के आरोप में मुंगेर जिला के पुलिस अधीक्षक (SP) सैयद इमरान मसूद ने कड़ा रुख अपनाया है। जांच के दौरान दोषी पाए गए पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
घटना मुंगेर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र की है, जहां गंगा पार दियारा इलाके से भारी मात्रा में अवैध शराब की बरामदगी की गई थी। छापेमारी के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा शराब को नाव पर लादकर ले जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित (वायरल) हुआ था। हालांकि, इस बरामदगी के बाद जब्ती सूची बनाने और विधिवत प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने में गंभीर लापरवाही बरती गई और केस के मूल तथ्यों से छेड़छाड़ की कोशिश की गई।
मामला संज्ञान में आते ही एसपी सैयद इमरान मसूद ने इसे गंभीरता से लिया और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए।
मुंगेर एसपी के निर्देश पर प्रारंभिक जांच अंचल पुलिस निरीक्षक (सर्किल इंस्पेक्टर) द्वारा की गई। इसके बाद विस्तृत जांच की जिम्मेदारी पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) अर्जुन गुप्ता को सौंपी गई।
जांच टीम ने मुफस्सिल थाने में पहुंचकर: थाने के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज का गहराई से विश्लेषण किया। थाने में संधारित दैनिक डायरी और संबंधित अभिलेखों की जांच की गई है कि ख़बर है। छापेमारी दल में शामिल सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों से अलग-अलग पूछताछ की। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से साबित हुआ कि शराब की जब्ती के बाद केस में साक्ष्यों और तथ्यों को छुपाने और बदलने की कोशिश की गई थी, जिससे पुलिस प्रशासन की विश्वसनीयता और छवि धूमिल हुई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी सैयद इमरान मसूद ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषी कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और लाइन हाजिर करने का आदेश जारी किया है कि ख़बर है। थानाध्यक्ष पर गाज गिरी है। मुफस्सिल थानाध्यक्ष (सब-इंस्पेक्टर) के निलंबन हेतु मुंगेर क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) को अनुशंसा भेजी गई। सब-इंस्पेक्टर राजेश कुमार शर्मा और सब-इंस्पेक्टर मो. नुरैन अंसारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। मामले में संलिप्त मुफस्सिल थाना एवं क्यूआरटी (QRT) के कई सिपाहियों तथा स्थानीय चौकीदार के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई।
'भ्रष्टाचार और लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं' – एसपी
कार्रवाई के संबंध में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए एसपी सैयद इमरान मसूद ने कड़ा संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है और इसे प्रभावी ढंग से लागू कराना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। पुलिस विभाग में किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता, भ्रष्टाचार या कर्तव्यों में ढिलाई को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी पुलिसकर्मी कानून का उल्लंघन करेंगे या साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर फर्जीवाड़े में शामिल होंगे, उनके खिलाफ कठोरतम दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।"
N5: मुंगेर पुलिस की इस त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई से पूरे जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस प्रशासनिक कदम ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून का पालन कराने वाली एजेंसी में भ्रष्टाचार और लापरवाही के लिए कोई स्थान नहीं है।
(रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क क्राइम N5)
