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राघोपुर हादसा: एंबुलेंस में ऑक्सीजन की बदहाली पर भड़कीं सांसद मीसा भारती, चालक से तीखी बहस का वीडियो वायरल

राघोपुर हादसा: एंबुलेंस में ऑक्सीजन की बदहाली पर भड़कीं सांसद मीसा भारती, चालक से तीखी बहस का वीडियो वायरल
वैशाली/पटना N5:
बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में हुए नाव हादसे और उसके बाद स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मच गया है। नाव हादसे में कई बच्चों और लोगों की जान जाने के बाद, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की सांसद डॉ. मीसा भारती जमीनी हालात और स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेने पहुंची थीं। इसी दौरान एंबुलेंस में ऑक्सीजन व्यवस्था और जीवन रक्षक उपकरणों की जांच करते समय उनकी एंबुलेंस चालक के साथ तीखी नोकझोंक हो गई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।
एंबुलेंस के निरीक्षण के दौरान खुली दावों की पोल
वैशाली जिले में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था की स्थिति जांचने पहुंचीं सांसद मीसा भारती जब एक एंबुलेंस के अंदर निरीक्षण करने गईं, तो वहां ऑक्सीजन सिलेंडर और फ्लो मीटर की स्थिति देखकर वे भड़क गईं। मौके पर मौजूद डॉक्टरों और जांच अधिकारियों का कहना था कि एंबुलेंस में लगा ऑक्सीजन सिस्टम सही तरीके से काम नहीं कर रहा है। हालांकि, एंबुलेंस का चालक लगातार यह दावा करता नजर आया कि ऑक्सीजन सिलेंडर ठीक स्थिति में है और आपूर्ति चालू है।
चालक के इस दावे पर नाराजगी जाहिर करते हुए सांसद मीसा भारती ने तीखा रुख अपनाया। अपनी डॉक्टरी की डिग्री का उल्लेख करते हुए उन्होंने चालक से कहा:
"डॉक्टर कह रहे हैं कि ऑक्सीजन काम नहीं कर रहा है। हम एमबीबीएस की पढ़ाई किए हैं, हमें भी समझ आ रहा है कि ऑक्सीजन काम नहीं कर रहा है। तो हम डॉक्टर होकर झूठ बोल रहे हैं और आप ड्राइवर होकर सही बोल रहे हैं? एक काम करो कि कल से तुम ही डॉक्टर बन जाओ!"
उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश देते हुए सिविल सर्जन से बात करने और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही।
स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल
राघोपुर में नाव डूबने की त्रासदी के बाद, स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवारों का आरोप है कि यदि समय पर पर्याप्त ऑक्सीजन और सुसज्जित एंबुलेंस सेवा मिलती, तो कई जिंदगियों को बचाया जा सकता था। कोरोना काल के दौरान ऑक्सीजन संकट से सीख न लेने और आपातकालीन सुविधाओं की अनदेखी को लेकर सरकार और स्वास्थ्य महकमे पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
सांसद ने आरोप लगाया कि राज्य के अस्पतालों और आपातकालीन वाहनों में केवल कागजी दावे किए जा रहे हैं, जबकि धरातल पर मरीज ऑक्सीजन और जरूरी दवाओं के लिए तड़पने को मजबूर हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई और विभागीय हलचल
घटना का वीडियो सामने आने और चौतरफा दबाव के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। वैशाली जिले में राघोपुर नाव हादसे और स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही के मामले को लेकर प्रशासन ने संज्ञान लिया है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, राघोपुर के चिकित्सा पदाधिकारी (प्रभारी) पर गाज गिरी है और संबंधित कर्मियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं।
इस पूरी घटना ने बिहार में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। विपक्ष जहां सरकार और स्वास्थ्य प्रशासन को असंवेदनशील और लापरवाह बताकर हमलावर है, वहीं सत्ता पक्ष की ओर से स्थिति को संभालने और जिम्मेदार कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई करने की बात कही जा रही है। यह मामला अब केवल एक एंबुलेंस की ऑक्सीजन व्यवस्था तक सीमित न रहकर राज्य की संपूर्ण आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता और जवाबदेही का बड़ा सवाल बन चुका है।
(रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)
Shailendra Kumar
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राघोपुर हादसा: एंबुलेंस में ऑक्सीजन की बदहाली पर भड़कीं सांसद मीसा भारती, चालक से तीखी बहस का वीडियो वायरल

राघोपुर हादसा: एंबुलेंस में ऑक्सीजन की बदहाली पर भड़कीं सांसद मीसा भारती, चालक से तीखी बहस का वीडियो वायरल
वैशाली/पटना N5:
बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में हुए नाव हादसे और उसके बाद स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मच गया है। नाव हादसे में कई बच्चों और लोगों की जान जाने के बाद, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की सांसद डॉ. मीसा भारती जमीनी हालात और स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेने पहुंची थीं। इसी दौरान एंबुलेंस में ऑक्सीजन व्यवस्था और जीवन रक्षक उपकरणों की जांच करते समय उनकी एंबुलेंस चालक के साथ तीखी नोकझोंक हो गई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।
एंबुलेंस के निरीक्षण के दौरान खुली दावों की पोल
वैशाली जिले में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था की स्थिति जांचने पहुंचीं सांसद मीसा भारती जब एक एंबुलेंस के अंदर निरीक्षण करने गईं, तो वहां ऑक्सीजन सिलेंडर और फ्लो मीटर की स्थिति देखकर वे भड़क गईं। मौके पर मौजूद डॉक्टरों और जांच अधिकारियों का कहना था कि एंबुलेंस में लगा ऑक्सीजन सिस्टम सही तरीके से काम नहीं कर रहा है। हालांकि, एंबुलेंस का चालक लगातार यह दावा करता नजर आया कि ऑक्सीजन सिलेंडर ठीक स्थिति में है और आपूर्ति चालू है।
चालक के इस दावे पर नाराजगी जाहिर करते हुए सांसद मीसा भारती ने तीखा रुख अपनाया। अपनी डॉक्टरी की डिग्री का उल्लेख करते हुए उन्होंने चालक से कहा:
"डॉक्टर कह रहे हैं कि ऑक्सीजन काम नहीं कर रहा है। हम एमबीबीएस की पढ़ाई किए हैं, हमें भी समझ आ रहा है कि ऑक्सीजन काम नहीं कर रहा है। तो हम डॉक्टर होकर झूठ बोल रहे हैं और आप ड्राइवर होकर सही बोल रहे हैं? एक काम करो कि कल से तुम ही डॉक्टर बन जाओ!"
उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश देते हुए सिविल सर्जन से बात करने और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही।
स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल
राघोपुर में नाव डूबने की त्रासदी के बाद, स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवारों का आरोप है कि यदि समय पर पर्याप्त ऑक्सीजन और सुसज्जित एंबुलेंस सेवा मिलती, तो कई जिंदगियों को बचाया जा सकता था। कोरोना काल के दौरान ऑक्सीजन संकट से सीख न लेने और आपातकालीन सुविधाओं की अनदेखी को लेकर सरकार और स्वास्थ्य महकमे पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
सांसद ने आरोप लगाया कि राज्य के अस्पतालों और आपातकालीन वाहनों में केवल कागजी दावे किए जा रहे हैं, जबकि धरातल पर मरीज ऑक्सीजन और जरूरी दवाओं के लिए तड़पने को मजबूर हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई और विभागीय हलचल
घटना का वीडियो सामने आने और चौतरफा दबाव के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। वैशाली जिले में राघोपुर नाव हादसे और स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही के मामले को लेकर प्रशासन ने संज्ञान लिया है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, राघोपुर के चिकित्सा पदाधिकारी (प्रभारी) पर गाज गिरी है और संबंधित कर्मियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं।
इस पूरी घटना ने बिहार में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। विपक्ष जहां सरकार और स्वास्थ्य प्रशासन को असंवेदनशील और लापरवाह बताकर हमलावर है, वहीं सत्ता पक्ष की ओर से स्थिति को संभालने और जिम्मेदार कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई करने की बात कही जा रही है। यह मामला अब केवल एक एंबुलेंस की ऑक्सीजन व्यवस्था तक सीमित न रहकर राज्य की संपूर्ण आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता और जवाबदेही का बड़ा सवाल बन चुका है।
(रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)
Shailendra Kumar
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