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वोटर लिस्ट में धांधली को लेकर सपा का हमला: अखिलेश यादव ने पेश किया 'सबूत', चुनाव आयोग और भाजपा पर साधा निशाना

वोटर लिस्ट में धांधली को लेकर सपा का हमला: अखिलेश यादव ने पेश किया 'सबूत', चुनाव आयोग और भाजपा पर साधा निशाना
लखनऊ N5:
उत्तर प्रदेश की राजनीति में मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) में गड़बड़ियों और विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) प्रक्रिया को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री माननीय अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला।
इस दौरान अखिलेश यादव ने एक प्रत्यक्ष प्रमाण प्रस्तुत करते हुए 'विकास यादव' नाम के एक युवा को मीडिया के सामने पेश किया। सपा प्रमुख का दावा है कि यह युवा आने वाले चुनाव में पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करने वाला है, लेकिन चुनाव आयोग की प्रशासनिक लापरवाही और वोटर लिस्ट में व्याप्त भारी धांधली के कारण उसका नाम सूची में 10 से अधिक स्थानों पर दर्ज है।
"हलफनामा नहीं, सीधा सबूत लीजिए"
संवाददाता सम्मेलन में अखिलेश यादव ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा, "हमें किसी तरह के हलफनामे की जरूरत नहीं है, हम सीधे आपके सामने जिंदा सबूत पेश कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि एक तरफ नया मतदाता अपना पहला वोट डालने की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ वोटर लिस्ट में उसकी 10 से ज्यादा जगहों पर प्रविष्टियां (Entries) पाई गई हैं।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि यह किसी एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन की सांठगांठ व अनदेखी का नतीजा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक ही व्यक्ति का नाम इतनी जगहों पर दर्ज हो सकता है, तो फिर निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव की गारंटी कैसे दी जा सकती है?
SSR (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) पर उठाए सवाल
चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) अभियान पर टिप्पणी करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा जब भी अपना जनसमर्थन खोने लगती है, तो इस तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं।
अखिलेश यादव ने कटाक्ष करते हुए कहा, "जो SSR कराने जा रहे हैं, उसका उल्टा RSS है। ये अंडरग्राउंड और दरारवादी लोग जानते हैं कि सपा का सीधा मुकाबला नहीं किया जा सकता, इसीलिए इलेक्शन कमीशन के माध्यम से मिलकर इतनी बड़ी साजिश रची जा रही है।"
उन्होंने आगे कहा कि राज्य की जनता भाजपा के कुशासन से पीड़ित, दुखी और अपमानित महसूस कर रही है। जब भाजपा की कोई साजिश काम नहीं आ रही है, तो वे चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं।
व्यापारियों का स्वागत और भविष्य की रणनीति
संवाददाता सम्मेलन के दौरान अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी में शामिल होने वाले नए नेताओं और उद्योगपतियों का स्वागत भी किया। उन्होंने कहा, "मुझे खुशी है कि एक सफल कारोबारी और उद्योगपति समाजवादी पार्टी के विचारों से जुड़ रहे हैं। व्यापारी भाइयों का सपा में स्वागत है। यह तो केवल शुरुआत है, आने वाले समय में और भी लोग भाजपा का साथ छोड़ सपा के साथ आएंगे।"
सपा प्रमुख ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी चुनाव आयोग की हर गड़बड़ी और सत्तापक्ष की साजिशों पर पूरी नजर रखेगी। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे बूथ स्तर पर जाकर वोटर लिस्ट की गहन जांच करें और किसी भी प्रकार की धांधली को उजागर करें।
N5: अखिलेश यादव के इस बड़े खुलासे के बाद उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। मतदाता सूची में इस तरह की गड़बड़ियों के सामने आने के बाद अब सभी की निगाहें चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं कि वह इस मामले पर क्या संज्ञान लेता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।
(रिपोर्ट- न्यूज डेस्क N5)
Shailendra Kumar
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वोटर लिस्ट में धांधली को लेकर सपा का हमला: अखिलेश यादव ने पेश किया 'सबूत', चुनाव आयोग और भाजपा पर साधा निशाना

वोटर लिस्ट में धांधली को लेकर सपा का हमला: अखिलेश यादव ने पेश किया 'सबूत', चुनाव आयोग और भाजपा पर साधा निशाना
लखनऊ N5:
उत्तर प्रदेश की राजनीति में मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) में गड़बड़ियों और विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) प्रक्रिया को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री माननीय अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला।
इस दौरान अखिलेश यादव ने एक प्रत्यक्ष प्रमाण प्रस्तुत करते हुए 'विकास यादव' नाम के एक युवा को मीडिया के सामने पेश किया। सपा प्रमुख का दावा है कि यह युवा आने वाले चुनाव में पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करने वाला है, लेकिन चुनाव आयोग की प्रशासनिक लापरवाही और वोटर लिस्ट में व्याप्त भारी धांधली के कारण उसका नाम सूची में 10 से अधिक स्थानों पर दर्ज है।
"हलफनामा नहीं, सीधा सबूत लीजिए"
संवाददाता सम्मेलन में अखिलेश यादव ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा, "हमें किसी तरह के हलफनामे की जरूरत नहीं है, हम सीधे आपके सामने जिंदा सबूत पेश कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि एक तरफ नया मतदाता अपना पहला वोट डालने की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ वोटर लिस्ट में उसकी 10 से ज्यादा जगहों पर प्रविष्टियां (Entries) पाई गई हैं।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि यह किसी एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन की सांठगांठ व अनदेखी का नतीजा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक ही व्यक्ति का नाम इतनी जगहों पर दर्ज हो सकता है, तो फिर निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव की गारंटी कैसे दी जा सकती है?
SSR (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) पर उठाए सवाल
चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) अभियान पर टिप्पणी करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा जब भी अपना जनसमर्थन खोने लगती है, तो इस तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं।
अखिलेश यादव ने कटाक्ष करते हुए कहा, "जो SSR कराने जा रहे हैं, उसका उल्टा RSS है। ये अंडरग्राउंड और दरारवादी लोग जानते हैं कि सपा का सीधा मुकाबला नहीं किया जा सकता, इसीलिए इलेक्शन कमीशन के माध्यम से मिलकर इतनी बड़ी साजिश रची जा रही है।"
उन्होंने आगे कहा कि राज्य की जनता भाजपा के कुशासन से पीड़ित, दुखी और अपमानित महसूस कर रही है। जब भाजपा की कोई साजिश काम नहीं आ रही है, तो वे चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं।
व्यापारियों का स्वागत और भविष्य की रणनीति
संवाददाता सम्मेलन के दौरान अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी में शामिल होने वाले नए नेताओं और उद्योगपतियों का स्वागत भी किया। उन्होंने कहा, "मुझे खुशी है कि एक सफल कारोबारी और उद्योगपति समाजवादी पार्टी के विचारों से जुड़ रहे हैं। व्यापारी भाइयों का सपा में स्वागत है। यह तो केवल शुरुआत है, आने वाले समय में और भी लोग भाजपा का साथ छोड़ सपा के साथ आएंगे।"
सपा प्रमुख ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी चुनाव आयोग की हर गड़बड़ी और सत्तापक्ष की साजिशों पर पूरी नजर रखेगी। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे बूथ स्तर पर जाकर वोटर लिस्ट की गहन जांच करें और किसी भी प्रकार की धांधली को उजागर करें।
N5: अखिलेश यादव के इस बड़े खुलासे के बाद उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। मतदाता सूची में इस तरह की गड़बड़ियों के सामने आने के बाद अब सभी की निगाहें चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं कि वह इस मामले पर क्या संज्ञान लेता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।
(रिपोर्ट- न्यूज डेस्क N5)
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