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बिहार: राशन घोटाले की खबर दिखाने वाले पत्रकार प्रिंस कुमार यादव पर SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई, सोशल मीडिया पर उठी आवाज

बिहार: राशन घोटाले की खबर दिखाने वाले पत्रकार प्रिंस कुमार यादव पर SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई, सोशल मीडिया पर उठी आवाज
वैशाली / महुआ (बिहार):
बिहार के वैशाली जिले के महुआ प्रखंड में जन वितरण प्रणाली (PDS) में चल रही धांधली और गरीबों के राशन की कालाबाजारी को उजागर करने वाले स्थानीय पत्रकार प्रिंस कुमार यादव की गिरफ्तारी का मामला गरमा गया है।
क्या है पूरा मामला?
पत्रकार प्रिंस कुमार यादव ने महुआ प्रखंड क्षेत्र में राशन से वंचित सैकड़ों गरीब परिवारों की समस्या को लेकर एक खबर प्रमुखता से दिखाई थी। इस खबर के बाद स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों की नींद टूटी और राशन डीलर के खिलाफ जांच कर कार्रवाई शुरू की गई।
आरोप है कि इस खबर से नाराज होकर दबंगों और संबंधित डीलर से जुड़े लोगों ने उनके खिलाफ साजिश रची। इसके बाद कनौली धनराज निवासी एक महिला की शिकायत पर महुआ थाने में मामला (कांड संख्या 134/26) दर्ज कराया गया, जिसमें घर में घुसकर मारपीट और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए त्वरित कार्रवाई कर प्रिंस यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
जनता और सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
पत्रकार की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर लोग पुलिस प्रशासन और व्यवस्था के खिलाफ सवाल खड़े कर रहे हैं। आम लोगों का कहना है कि जब कोई पत्रकार निष्पक्ष होकर सच दिखाता है और भ्रष्टाचार को उजागर करता है, तो उस पर SC/ST एक्ट जैसे कानूनों का दुरुपयोग कर आवाज दबाने की कोशिश की जाती है।
सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा जा रहा है कि:
 "तस्वीर में गिरफ्तार व्यक्ति पत्रकार प्रिंस कुमार यादव है। इनका गुनाह यह है कि इन्होंने राशन न मिलने की खबर दिखाई थी।"
 
राजनीतिक मोर्चे पर भी इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि सामाजिक न्याय और पिछड़े-वंचितों के हक की बात करने वाले नेता इस मामले पर मौन क्यों हैं।
पुलिस का पक्ष
वहीं, इस मामले में पुलिस का कहना है कि दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जांच की गई और अनुमंडल पुलिस अधिकारी (SDPO) महुआ के पर्यवेक्षण में मामला सही पाए जाने के बाद नामजद आरोपी प्रिंस कुमार यादव को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का यह भी दावा है कि उन पर पहले से भी महुआ थाने में कुछ अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं।
निष्पक्ष जांच की मांग
स्थानीय लोगों और पत्रकार संगठनों ने वरिष्ठ अधिकारियों तथा न्यायालय से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सच सामने लाने की मांग की है ताकि जनहित की आवाज उठाने वाले पत्रकारों को फर्जी मुकदमों से बचाया जा सके।
(रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)
Shailendra Kumar
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बिहार: राशन घोटाले की खबर दिखाने वाले पत्रकार प्रिंस कुमार यादव पर SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई, सोशल मीडिया पर उठी आवाज

बिहार: राशन घोटाले की खबर दिखाने वाले पत्रकार प्रिंस कुमार यादव पर SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई, सोशल मीडिया पर उठी आवाज
वैशाली / महुआ (बिहार):
बिहार के वैशाली जिले के महुआ प्रखंड में जन वितरण प्रणाली (PDS) में चल रही धांधली और गरीबों के राशन की कालाबाजारी को उजागर करने वाले स्थानीय पत्रकार प्रिंस कुमार यादव की गिरफ्तारी का मामला गरमा गया है।
क्या है पूरा मामला?
पत्रकार प्रिंस कुमार यादव ने महुआ प्रखंड क्षेत्र में राशन से वंचित सैकड़ों गरीब परिवारों की समस्या को लेकर एक खबर प्रमुखता से दिखाई थी। इस खबर के बाद स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों की नींद टूटी और राशन डीलर के खिलाफ जांच कर कार्रवाई शुरू की गई।
आरोप है कि इस खबर से नाराज होकर दबंगों और संबंधित डीलर से जुड़े लोगों ने उनके खिलाफ साजिश रची। इसके बाद कनौली धनराज निवासी एक महिला की शिकायत पर महुआ थाने में मामला (कांड संख्या 134/26) दर्ज कराया गया, जिसमें घर में घुसकर मारपीट और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए त्वरित कार्रवाई कर प्रिंस यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
जनता और सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
पत्रकार की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर लोग पुलिस प्रशासन और व्यवस्था के खिलाफ सवाल खड़े कर रहे हैं। आम लोगों का कहना है कि जब कोई पत्रकार निष्पक्ष होकर सच दिखाता है और भ्रष्टाचार को उजागर करता है, तो उस पर SC/ST एक्ट जैसे कानूनों का दुरुपयोग कर आवाज दबाने की कोशिश की जाती है।
सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा जा रहा है कि:
 "तस्वीर में गिरफ्तार व्यक्ति पत्रकार प्रिंस कुमार यादव है। इनका गुनाह यह है कि इन्होंने राशन न मिलने की खबर दिखाई थी।"
 
राजनीतिक मोर्चे पर भी इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि सामाजिक न्याय और पिछड़े-वंचितों के हक की बात करने वाले नेता इस मामले पर मौन क्यों हैं।
पुलिस का पक्ष
वहीं, इस मामले में पुलिस का कहना है कि दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जांच की गई और अनुमंडल पुलिस अधिकारी (SDPO) महुआ के पर्यवेक्षण में मामला सही पाए जाने के बाद नामजद आरोपी प्रिंस कुमार यादव को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का यह भी दावा है कि उन पर पहले से भी महुआ थाने में कुछ अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं।
निष्पक्ष जांच की मांग
स्थानीय लोगों और पत्रकार संगठनों ने वरिष्ठ अधिकारियों तथा न्यायालय से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सच सामने लाने की मांग की है ताकि जनहित की आवाज उठाने वाले पत्रकारों को फर्जी मुकदमों से बचाया जा सके।
(रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)
Shailendra Kumar
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