बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए राज्य सरकार के बड़े संकल्प: बिहार में महिला सशक्तिकरण की नई दिशा
बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए राज्य सरकार के बड़े संकल्प: बिहार में महिला सशक्तिकरण की नई दिशा
पटना/N5: बिहार सरकार प्रदेश में महिलाओं और बेटियों के सर्वांगीण विकास के लिए एक व्यापक कार्ययोजना पर काम करने जा रही है। राज्य सरकार का मुख्य संकल्प प्रदेश की बेटियों को सुरक्षा, सम्मान, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता प्रदान करना है। इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए सरकार ने सुरक्षा से लेकर उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और स्वरोजगार तक कई महत्वपूर्ण योजनाओं और पहलों की शुरुआत की है।
"बेटियों की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के साथ ही उनकी उच्च शिक्षा, नवाचार और आर्थिक आत्मनिर्भरता को लेकर अवसरों का दायरा बढ़ाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहलें की गईं हैं। इन पहलों से प्रदेश की बेटियाँ सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर होंगी तथा बिहार सशक्त होगा- सूचना एवं जन-संपर्क विभाग बिहार सरकार।"
1. शैक्षणिक संस्थानों के आसपास 'पुलिस दीदी' की तैनाती
बेटियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य के सभी स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास 'पुलिस दीदी' की विशेष तैनाती की जा रही है। इस कदम से छात्राओं के मन में सुरक्षा का भाव मजबूत होगा और वे बिना किसी भय या झिझक के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगी। यह पहल शैक्षणिक परिसरों के माहौल को अधिक सुरक्षित और सहज बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
2. उच्च शिक्षा को प्रोत्साहन: महिला विश्वविद्यालय और पीएचडी फेलोशिप
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों को नए अवसर प्रदान करने के लिए महिलाओं के लिए अलग विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही, शोध और अनुसंधान के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए 'मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप' योजना शुरू की गई है। यह योजना उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में राज्य की बेटियों को नई उड़ान भरने में सक्षम बनाएगी।
3. 'बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज' से नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा
राज्य की युवाओं और बेटियों के नए विचारों को पंख देने के लिए 'बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना' का शुभारंभ किया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बेटियों के अंदर छिपी नवाचार (Innovation) क्षमता और उद्यमिता (Entrepreneurship) को प्रोत्साहित करना है। इसके माध्यम से राज्य की बेटियां न केवल नौकरी मांगने वाली बल्कि नौकरी देने वाली (Job Creators) बन सकेंगी।
4. एक करोड़ महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य
आर्थिक रूप से महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने 1 करोड़ महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का विशाल लक्ष्य तय किया है। यह पहल राज्य में महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाएगी, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा और वे अपने परिवार तथा राज्य की अर्थव्यवस्था में सशक्त योगदान दे सकेंगी।
N5: सूचना एवं जन-संपर्क विभाग (IPRD) के अनुसार, सुरक्षा को सुदृढ़ करने के साथ-साथ शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के अवसरों का विस्तार राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। इन सभी दूरदर्शी पहलों के लागू होने से बिहार की बेटियां अधिक सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनेंगी, जिससे एक सशक्त और समृद्ध बिहार का निर्माण होगा।
स्रोत: बिहार सरकार इकाई, सूचना-प्रसारण एवं जन-संपर्क विभाग, जिला प्रशासन पटना, इंटरनेट विश्वसनीय सूत्र। (रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)
