"अखिलेश यादव का सरकार पर कसा तंज, कहा- विपक्ष दोनों मुद्दों पर चर्चा को तैयार।।"
नई दिल्ली/भारत/N5:
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव मीडिया से बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि देश के युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दे जितने गंभीर हैं, धर्म और आस्था के नाम पर हो रही अनियमितताएं भी उतनी ही चिंताजनक हैं।
अखिलेश यादव ने मांग की है कि सरकार संसद और विधानसभा में इन दोनों महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा कराए।
"दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए"
हाथ में "दूध का दूध और पानी का पानी" लिखा हुआ प्लेकार्ड लिए अखिलेश यादव ने सरकार को घेरते हुए कहा;
"जितना छात्रों का मसला इंपॉर्टेंट है, उतना ही आस्था के साथ जो खिलवाड़ हुआ वह इंपॉर्टेंट है। सरकार दोनों विषयों पर निष्पक्ष चर्चा कराए, इसके लिए विपक्ष पूरी तरह से तैयार है।"
छात्रों के भविष्य और जन-आस्था पर उठते सवाल।
अखिलेश यादव ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ देश के करोड़ों छात्र पेपर लीक, नौकरियों में देरी और भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ी जैसे संकट झेल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जन-आस्था से जुड़े मामलों और प्रशासनिक स्तर पर हो रही लापरवाही से आम जनता हतोत्साहित है।
उन्होंने कहा कि सरकार सच्चाई से भागने के बजाय सदन के पटल पर आए और निष्पक्ष जांच व चर्चा के जरिए देश की जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करे।
संसद और सियासी गलियारों में हलचल काफी तेज।
अखिलेश यादव के इस बयान के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। विपक्ष ने एकजुट होकर सरकार से मांग की है कि छात्रों की समस्याओं और धार्मिक-सामाजिक आस्था से जुड़े मुद्दों को दरकिनार करने के बजाय इन पर पारदर्शी तरीके से जवाब दिया जाए। सपा प्रमुख का यह बयान सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हो रहा है।
(रिपोर्ट-राजनीतिक संवाददाता N5 Media News)

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