विजय (Thalapathy Vijay) का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय।AIADMK (47 सीटें) ने दिया संकेत।।

Image
विजय (Thalapathy Vijay) का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय।AIADMK (47 सीटें) ने दिया संकेत।।  2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के परिणाम बेहद ऐतिहासिक रहे हैं। अभिनेता से नेता बने विजय (Thalapathy Vijay) की पार्टी तमिलगा वेट्टी कड़गम (TVK) ने अपने पहले ही चुनाव में राज्य के पारंपरिक द्रविड़ राजनीति के समीकरणों को बदलते हुए सबसे बड़ी पार्टी के रूप में अपनी जगह बनाई है। मौजूदा सत्ताधारी पार्टी DMK (59 सीटें) अपने सहयोगियों के साथ मिलकर भी बहुमत के आंकड़े से काफी दूर है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की हार और पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद DMK ने फिलहाल विपक्ष में बैठने के संकेत दिए हैं। 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद राज्य में त्रिशंकु विधानसभा (Hung Assembly) की स्थिति बन गई है। विजय (Thalapathy Vijay) की पार्टी TVK सबसे बड़ी पार्टी तो बन गई है, लेकिन सरकार बनाने के लिए ज़रूरी 118 के जादुई आंकड़े से 10 सीटें पीछे रह गई है। 2021 के चुनाव में कांग्रेस (INC), DMK (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) के नेतृत्व वाले 'सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस' (SPA) का हिस्सा थी। इस गठबंधन में DMK ...

अरविंद केजरीवाल को दिल्ली के शराब नीति (आबकारी घोटाला) मामले में निचली अदालत ने बरी किया।।



अरविंद केजरीवाल को दिल्ली के शराब नीति (आबकारी घोटाला) मामले में निचली अदालत  ने बरी किया।।

अरविंद केजरीवाल शराब घोटाला मामला में बरी हो गए हैं । अरविंद केजरीवाल को दिल्ली के शराब नीति (आबकारी घोटाला) मामले में निचली अदालत से राहत मिली है। हालांकि, CBI ने इस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दे दी है।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने 27 फरवरी 2026 को केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को CBI के भ्रष्टाचार मामले में डिस्चार्ज (बरी) कर दिया। कोर्ट ने कहा कि CBI चार्जशीट में पर्याप्त सबूत नहीं पेश कर सकी, कोई आपराधिक साजिश या रिश्वत का प्रमाण नहीं मिला।

CBI ने तुरंत दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर की, दावा किया कि जांच के महत्वपूर्ण पहलू अनदेखे रह गए। हाईकोर्ट में सुनवाई लंबित है, इसलिए मामला अभी खत्म नहीं हुआ।

केजरीवाल ने फैसले को “सच्चाई की जीत” बताया और भावुक होकर रो पड़े। AAP ने इसे राजनीतिक साजिश का अंत माना, जबकि CBI जांच जारी रखने पर जोर दे रही है।

ट्रायल कोर्ट के डिस्चार्ज ऑर्डर के कुछ घंटों बाद ही CBI ने 27 फरवरी 2026 को हाईकोर्ट में चुनौती दी। एजेंसी का कहना है कि जांच के कई महत्वपूर्ण पहलू अनदेखे रह गए या पर्याप्त जांच नहीं हुई।

CBI का कहना है कि कोर्ट ने जांच के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज कर दिया या उन पर पर्याप्त विचार नहीं किया। एजेंसी ने दावा किया कि डिस्चार्ज ऑर्डर गलत है क्योंकि ठोस सबूतों की अनदेखी हुई। कानूनी आधारअपील में CBI ने जोर दिया कि ट्रायल कोर्ट ने चार्जशीट के आंतरिक विरोधाभासों को गलत तरीके से व्याख्या की। कोर्ट के “अनुमानों पर आधारित” होने के निष्कर्ष को भी खारिज करने की मांग की गई।

विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने अपने फैसले में कहा कि सीबीआई (CBI) आरोपियों के खिलाफ कोई भी ठोस और विश्वसनीय सबूत पेश करने में विफल रही है। कोर्ट ने कहा कि शराब नीति में किसी भी तरह की आपराधिक साजिश या भ्रष्टाचार के कोई संकेत नहीं मिले हैं।

अदालत ने जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल को बिना किसी पुख्ता आधार के इस मामले में घसीटा गया था। इस मामले में न केवल केजरीवाल और सिसोदिया, बल्कि के. कविता और अन्य सभी आरोपियों को भी आरोपों से मुक्त कर दिया गया है।

फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल काफी भावुक नजर आए। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि “सत्य की जीत हुई है” और उन्हें व उनकी पार्टी को बदनाम करने की कोशिश की गई थी। अरविंद केजरीवाल ने CBI जांच अधिकारियों पर कोर्ट में झूठे सबूत पेश करने, गवाहों को प्रताड़ित करने और बयान लेने के लिए टॉर्चर करने का आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा कि CBI/ED ने मनीष सिसोदिया के फोन तोड़ने का झूठा दावा किया, जबकि फोन उनके कब्जे में थे। चंदन रेड्डी जैसे गवाहों को पीटा गया, जिससे उनके कान के परदे फट गए। ट्रायल कोर्ट ने भी CBI जांच अधिकारी पर विभागीय जांच के आदेश दिए, क्योंकि चार्जशीट में खामियां और बिना सबूत के आरोपी बनाए गए।

अरविंद केजरीवाल ने कहा, “आज कोर्ट ने साबित कर दिया है कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ‘कट्टर ईमानदार’ हैं।“

POPULAR POST

एक कप चाय, मिट्टी वाली में - चाय को पीने में जो मजा है, वो मजा सात समन्दर पार जाकर भी नहीं वो कैसे !

एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इस एक बात का ख्याल अवश्य रखना चाहिए।