झारखंड राज्यसभा चुनाव: 'इंडिया' गठबंधन में रार, कांग्रेस और आरजेडी आमने-सामने।।

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झारखंड राज्यसभा चुनाव: 'इंडिया' गठबंधन में रार, कांग्रेस और आरजेडी आमने-सामने।। ​रांची/नई दिल्ली/N5: झारखंड में हाल ही में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने विपक्षी 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के भीतर की अंदरूनी कलह को पूरी तरह से सतह पर ला दिया है। संख्या बल के हिसाब से सुरक्षित मानी जा रही सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा की हार के बाद, गठबंधन के दो बड़े घटक दलों—कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD)—के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। ​इस राजनीतिक घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्रियों और बीजेपी नेताओं ने दावा किया है कि 'इंडिया' गठबंधन अब केवल कागजों पर रह गया है और पूरी तरह टूट चुका है। ​खबर ये है कि हार के बाद अपनों पर ही बरसी कांग्रेस: ​चुनाव परिणाम सामने आते ही कांग्रेस खेमे में भारी असंतोष देखा जा रहा है। झारखंड कांग्रेस के प्रभारियों और नेताओं ने सहयोगी दल आरजेडी और वामपंथी दलों पर "भरोसातोड़ने" और भीतरघात करने का सीधा आरोप लगाया है।  कांग्रेस नेताओं का गुस्सा आरजेडी पर इस कदर फूटा है, जिसकी तुलना राजनीतिक विश्लेषक पूर्व के विध...

"वेनेजुएला के तेल भंडारों पर ट्रंप की पङी नजर", वैश्विक बाजार में हलचल।।

 

"वेनेजुएला के तेल भंडारों पर ट्रंप की पङी नजर", वैश्विक बाजार में हलचल।।

वॉशिंगटन/कराकस: अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने आक्रामक तेवर दिखाते हुए वेनेजुएला के विशाल तेल भंडारों को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि उनकी आगामी विदेश नीति में वेनेजुएला का कच्चा तेल (Crude Oil) एक मुख्य केंद्र बिंदु होगा। इस बयान के बाद लैटिन अमेरिकी देशों सहित वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मच गया है।

ट्रंप की रणनीति: "अमेरिका फर्स्ट" और ऊर्जा प्रभुत्व

ट्रंप ने अपने संबोधन में तर्क दिया कि वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार (Proven Oil Reserves) है, लेकिन कुप्रबंधन और राजनीतिक अस्थिरता के कारण इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। ट्रंप का मानना है कि यदि अमेरिका इन संसाधनों पर अपना नियंत्रण या प्रभाव बढ़ाता है, तो इससे न केवल अमेरिकी ऊर्जा कीमतें कम होंगी, बल्कि चीन और रूस जैसे देशों का प्रभाव भी इस क्षेत्र में कम होगा।

वेनेजुएला के तेल की स्थिति

वेनेजुएला वर्तमान में दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों की सूची में शीर्ष पर है। नीचे दी गई तालिका से इसकी महत्ता को समझा जा सकता है:

देशप्रमाणित तेल भंडार (अनुमानित अरब बैरल)
वेनेजुएला~303
सऊदी अरब~267
ईरान~208
कनाडा~163

भू-राजनीतिक प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह रुख वेनेजुएला पर कड़े प्रतिबंधों (Sanctions) की वापसी या सीधे हस्तक्षेप का संकेत हो सकता है।

  • चीन और रूस को चुनौती: वेनेजुएला के तेल उद्योग में चीन और रूस का भारी निवेश है। ट्रंप की नजर इन निवेशों को बेअसर करने पर है।

  • निकोलस मादुरो की प्रतिक्रिया: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने इसे "साम्राज्यवादी सोच" करार दिया है और अपनी संप्रभुता की रक्षा करने की शपथ ली है।

  • भारत पर असर: भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए वेनेजुएला से तेल आयात करता रहा है। यदि अमेरिका कड़े प्रतिबंध लगाता है, तो भारत को सस्ते तेल के लिए नए विकल्प तलाशने पड़ सकते हैं।

निष्कर्ष

डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान साफ करता है कि उनका दूसरा कार्यकाल आर्थिक राष्ट्रवाद और ऊर्जा कूटनीति पर केंद्रित होगा। अब देखना यह है कि क्या अमेरिका कूटनीतिक दबाव के जरिए वेनेजुएला के संसाधनों तक पहुंच बनाएगा या यह केवल एक राजनीतिक बयानबाजी बनकर रह जाएगा।

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