शैलेन्द्र कुमार,
नई दिल्ली / मुंबई:
देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से जुड़ी एक बड़ी ख़बर सोशल मीडिया पर वायरल है। साइबर सुरक्षा से जुङे घटना सामने आई है। वायरल ख़बर के अनुसार बैंक के लगभग 3,897 ग्राहकों का व्यक्तिगत डेटा डार्क वेब पर उजागर होने का गंभीर संदेह जताया गया है।
इस सुरक्षा उल्लंघन (Data Breach) के संबंध में बैंक ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) को सेबी (LODR) विनियम, 2015 के नियम 30 के तहत औपचारिक सूचना जारी कर पूरे मामले की जानकारी दी है। यह वैधानिक नियम है।
कैसी हुई घटना की शुरुआत?
वायरल ख़बर के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को बैंक को अपनी थ्रेट इंटेलिजेंस सर्विस प्रोवाइडर, डिफेंस साइबर एजेंसी (Defence Cyber Agency) और CERT-In (इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम) से डार्क वेब पर बैंक के ग्राहकों के डेटा लीक से संबंधित एक महत्वपूर्ण अलर्ट प्राप्त हुआ था।
अलर्ट मिलते ही बैंक ने तुरंत प्राथमिक जांच शुरू की। डार्क वेब पर उपलब्ध लगभग 3.75 लाख (3,75,000) रिकॉर्ड्स के विश्लेषण के बाद यह पाया गया कि करीब 3,897 ग्राहकों की व्यक्तिगत रूप से पहचान योग्य जानकारी (PII - Personally Identifiable Information) डार्क वेब पर लीक हो चुकी है।
लीक हुए डेटा में क्या-क्या शामिल है?
प्रारंभिक जांच और सेबी को भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार, उजागर हुए डेटा में ग्राहकों की बेहद संवेदनशील जानकारी शामिल है:
व्यक्तिगत पहचान विवरण: ग्राहकों के नाम, जन्मतिथि, ईमेल आईडी, लिंग (Gender), पंजीकृत मोबाइल नंबर और उनके घर के आवासीय पते।
बैंकिंग और लेनदेन से जुड़ा डेटा: लोन/लीड रिकॉर्ड्स, सीआईएफ (CIF Identifiers), ब्रांच आइडेंटिफायर्स, लीड आईडी और लोन से जुड़ी फाइलें व मेटाडेटा।
बैंक द्वारा की गई कार्रवाई और सुरक्षा उपाय
डेटा लीक की पुष्टि होने के बाद, बैंक ने तुरंत साइबर इंसिडेंट रिस्पॉन्स और कंटेंटमेंट प्रोटोकॉल को सक्रिय कर दिया है।
स्वतंत्र एजेंसी द्वारा जांच: बैंक ने इस उल्लंघन की सीमा, प्रकृति और स्रोत का सही अनुमान लगाने के लिए एक स्वतंत्र CERT-In-इम्पैनल्ड साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया है।
जोखिम का मूल्यांकन: डेटा वास्तव में कहाँ से लीक हुआ, कितना क्षेत्र प्रभावित हुआ है और ग्राहकों को इससे कितना संभावित जोखिम हो सकता है, इसकी विस्तृत जांच जारी है।
सुरक्षा उपाय: बैंक ने आश्वासन दिया है कि वह नियामक आवश्यकताओं के अनुसार स्थिति पर पैनी नजर रख रहा है और सभी आवश्यक सुधारात्मक कदम उठा रहा है।
बैंक के कामकाज और सेवाओं सुरक्षित हाथ में
ग्राहकों और शेयरधारकों की चिंताओं को दूर करते हुए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने स्पष्ट किया है कि इस घटना का बैंक के मुख्य कारोबार (Core Business), वित्तीय प्रदर्शन या परिचालन निरंतरता पर कोई बड़ा या प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है। बैंक की मुख्य बैंकिंग गतिविधियां और सेवाएं बिना किसी बाधा के सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।
हालांकि, बैंक ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं, लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञों की सलाह है कि प्रभावित अवधि के दौरान ग्राहकों को सतर्क रहना चाहिए। साइबर अपराधियों द्वारा लीक हुए डेटा (जैसे मोबाइल नंबर और ईमेल) का उपयोग फ़िशिंग कॉल, धोखाधड़ी वाले मैसेज या ओटीपी धोखाधड़ी के लिए किया जा सकता है। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ अपना बैंक पिन, पासवर्ड या ओटीपी साझा न करें, जो बैंक हमेशा अपने ग्राहकों को बताते रहती है, आरबीआई भी बताते रहती और सरकार भी।
(स्रोत: सोशल मीडिया पोस्ट, विश्वसनीय पोस्ट्स और सूत्र)
