संपादकीय: वनडे क्रिकेट में 200 विकेट पूरे किए स्पिन का जादूगर कुलदीप यादव ने शेन वॉर्न की यादें ताजा कर दीं
संपादकीय: वनडे क्रिकेट में 200 विकेट पूरे किए स्पिन का जादूगर कुलदीप यादव ने शेन वॉर्न की यादें ताजा कर दीं
क्रिकेट की दुनिया में जब भी लेग स्पिन का जिक्र होता है, तो आंखों के सामने ऑस्ट्रेलिया के महान स्पिनर स्व. शेन वॉर्न का चेहरा अपने आप घूम जाता है। हवा में गेंद को तैराना, पिच पर पड़ते ही उसे अप्रत्याशित मोड़ देना और बल्लेबाज को पूरी तरह भ्रमित कर देना—यह कला वॉर्न के नाम के साथ अमर हो चुकी है। लेकिन जब भारतीय टीम का एक युवा चाइनामैन गेंदबाज 22 यार्ड की पट्टी पर उतरता है, तो लगता है मानो वॉर्न का वही दौर एक नए अंदाज में लौट आया है। हम बात कर रहे हैं कुलदीप यादव की, जिन्होंने अपनी फिरकी से क्रिकेट प्रेमियों को बार-बार वॉर्न की जादुई रातों की याद दिलाई है।
अगर समय की सुई को थोड़ा पीछे घुमाएं और दोनों दिग्गजों के शुरुआती सफर पर नजर डालें, तो आंकड़ों का सफर बेहद दिलचस्प मोड़ पर खड़ा दिखता है। 122 वनडे मुकाबलों के बाद अगर आंकड़ों के तराजू पर तौला जाए, तो कुलदीप यादव, शेन वॉर्न के इतने करीब आकर खड़े हो जाते हैं कि दोनों के बीच फर्क कर पाना मुश्किल हो जाता है।
जहाँ ऑस्ट्रेलिया के जादुई लेग स्पिनर शेन वॉर्न ने अपने 122 वनडे मैचों में 192 बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया था, वहीं कुलदीप यादव ठीक इसी मोड़ पर 198 विकेट चटकाकर उनके बेहद करीब और कंधा मिलाकर चलते नजर आते हैं। वॉर्न का गेंदबाजी औसत 24.7 और इकोनॉमी 4.6 का रहा था, जो उस दौर के हिसाब से बेमिसाल माना जाता था। वहीं आज के दौर में, जहाँ बल्लेबाजों का बल्ला आग उगलता है और मैदान छोटे हो चुके हैं, कुलदीप ने 26.70 के औसत और 5.06 की इकोनॉमी से गेंदबाजी करते हुए वॉर्न की उस लय को पूरी मुस्तैदी से कायम रखा है।
कहानी सिर्फ आंकड़ों की नहीं, उस लय और प्रभाव की भी है जो ये दोनों गेंदबाज मैदान पर छोड़ते हैं। वॉर्न ने 122 मैचों में एक बार पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा किया था (5/33), जबकि कुलदीप ने दो बार 5 विकेट झटके हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6/25 रहा है।
वेस्टइंडीज के खिलाफ हालिया मुकाबले की वह शाम भी कुछ ऐसी ही जादुई थी। गेंद कुलदीप के हाथों से छूटकर जब हवा में तैरती हुई पिच पर पड़ी, तो वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों के पास उसका कोई जवाब नहीं था। उस दिन 10 ओवर में 1 मेडन डालते हुए महज 40 रन देकर 4 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजने का यह स्पेल किसी खूबसूरत थ्रिलर फिल्म से कम नहीं था। इस स्पेल के साथ ही कुलदीप ने वनडे में 12वीं बार 4 या उससे ज्यादा विकेट लेने का मुकाम हासिल किया और भारत के लिए सबसे ज्यादा बार 4 विकेट हॉल लेने के मामले में अजीत अगरकर की बराबरी करते हुए अनिल कुंबले (10 बार) जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया। अब इस सूची में उनके आगे केवल मोहम्मद शमी (16 बार) का नाम दर्ज है।
यह कहना कतई गलत नहीं होगा कि कुलदीप यादव ने शेन वॉर्न की महानता को एक नई पीढ़ी के सामने जीवंत कर दिया है। वॉर्न का मुकाम क्रिकेट इतिहास में अमर है, लेकिन कुलदीप जिस तरह उनकी बराबरी पर आकर कदम से कदम मिला रहे हैं, वह हर क्रिकेट प्रेमी के लिए एक अद्भुत और रोमांचक दृश्य है।
