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कमजोर सरकारें पुलिस को आगे करती हैं": चुनाव आयोग और भाजपा पर अखिलेश यादव का तीखा हमला

"कमजोर सरकारें पुलिस को आगे करती हैं": चुनाव आयोग और भाजपा पर अखिलेश यादव का तीखा हमला
लखनऊ / N5 :
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री माननीय अखिलेश यादव ने केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों और चुनाव आयोग की भूमिका पर तीखा हमला बोला है। इटावा के सैफ़ई में आयोजित एक कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं और जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने साफ शब्दों में कहा, "कमजोर सरकारें पुलिस को आगे करती हैं। जब सरकारें कमजोर पड़ती हैं, तो वे अन्याय का रास्ता अपनाती हैं और प्रशासनिक मशीनरी तथा पुलिस का सहारा लेकर लोकतंत्र की आवाज को दबाने की कोशिश करती हैं।"
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए गंभीर सवाल
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने देश में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और निर्वाचन आयोग की भूमिका को लेकर जारी विवादों के बीच अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सीधे तौर पर मुख्य चुनाव आयुक्त पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब चुनाव आयोग जैसी स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं, तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) उसके बचाव में क्यों खड़ी है?
अखिलेश यादव ने कहा:
"मुख्य चुनाव आयुक्त पर उंगली उठी है। निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक और निष्पक्ष संस्था है, जिसकी प्राथमिक जिम्मेदारी देश में पारदर्शी व स्वतंत्र चुनाव कराना है। लेकिन आज सवाल यह है कि इलेक्शन कमीशन के बचाव में भारतीय जनता पार्टी खुलकर क्यों मैदान में उतर आई है? भाजपा का चुनाव आयोग के साथ खड़ा होना यह दर्शाता है कि दाल में कुछ काला है।"
उन्होंने वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों और फॉर्म सत्यापन में कथित अनियमताओं का मुद्दा उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया और कहा कि लोकतंत्र की साख बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग को पूरी तरह निष्पक्ष होना ही होगा।
"संवैधानिक संस्थाओं की साख बचाने की लड़ाई"
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सत्ता के बल पर जनविरोधी और अन्यायपूर्ण फैसलों को लागू करना चाहती है। जब देश का युवा, किसान और विपक्षी दल अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं, तो सरकार बैरिकेड्स और पुलिस बल का प्रयोग करके उन्हें रोकने का प्रयास करती है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा शोषितों, वंचितों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रहेगी। उन्होंने कहा कि जब तक संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता और निष्पक्षता बहाल नहीं हो जाती, तब तक उनका यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
इस राजनीतिक बयानबाजी और दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच उत्तर प्रदेश और देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाते हुए आयोग और सत्ताधारी दल के बीच साठगांठ का आरोप लगाया है।
(रिपोर्ट- न्यूज डेस्क N5 )
Shailendra Kumar
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कमजोर सरकारें पुलिस को आगे करती हैं": चुनाव आयोग और भाजपा पर अखिलेश यादव का तीखा हमला

"कमजोर सरकारें पुलिस को आगे करती हैं": चुनाव आयोग और भाजपा पर अखिलेश यादव का तीखा हमला
लखनऊ / N5 :
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री माननीय अखिलेश यादव ने केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों और चुनाव आयोग की भूमिका पर तीखा हमला बोला है। इटावा के सैफ़ई में आयोजित एक कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं और जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने साफ शब्दों में कहा, "कमजोर सरकारें पुलिस को आगे करती हैं। जब सरकारें कमजोर पड़ती हैं, तो वे अन्याय का रास्ता अपनाती हैं और प्रशासनिक मशीनरी तथा पुलिस का सहारा लेकर लोकतंत्र की आवाज को दबाने की कोशिश करती हैं।"
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए गंभीर सवाल
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने देश में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और निर्वाचन आयोग की भूमिका को लेकर जारी विवादों के बीच अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सीधे तौर पर मुख्य चुनाव आयुक्त पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब चुनाव आयोग जैसी स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं, तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) उसके बचाव में क्यों खड़ी है?
अखिलेश यादव ने कहा:
"मुख्य चुनाव आयुक्त पर उंगली उठी है। निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक और निष्पक्ष संस्था है, जिसकी प्राथमिक जिम्मेदारी देश में पारदर्शी व स्वतंत्र चुनाव कराना है। लेकिन आज सवाल यह है कि इलेक्शन कमीशन के बचाव में भारतीय जनता पार्टी खुलकर क्यों मैदान में उतर आई है? भाजपा का चुनाव आयोग के साथ खड़ा होना यह दर्शाता है कि दाल में कुछ काला है।"
उन्होंने वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों और फॉर्म सत्यापन में कथित अनियमताओं का मुद्दा उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया और कहा कि लोकतंत्र की साख बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग को पूरी तरह निष्पक्ष होना ही होगा।
"संवैधानिक संस्थाओं की साख बचाने की लड़ाई"
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सत्ता के बल पर जनविरोधी और अन्यायपूर्ण फैसलों को लागू करना चाहती है। जब देश का युवा, किसान और विपक्षी दल अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं, तो सरकार बैरिकेड्स और पुलिस बल का प्रयोग करके उन्हें रोकने का प्रयास करती है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा शोषितों, वंचितों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रहेगी। उन्होंने कहा कि जब तक संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता और निष्पक्षता बहाल नहीं हो जाती, तब तक उनका यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
इस राजनीतिक बयानबाजी और दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच उत्तर प्रदेश और देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाते हुए आयोग और सत्ताधारी दल के बीच साठगांठ का आरोप लगाया है।
(रिपोर्ट- न्यूज डेस्क N5 )
Shailendra Kumar
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