उत्तर बिहार में बाढ़ का प्रकोप: कटिहार के दर्जनों गांवों में फैला पानी, नाव ही बनी सहारा
पटना/कटिहार: उत्तर बिहार के कई जिलों में नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। ग्रामीण इलाकों में सड़कों पर कई फीट पानी भर जाने के कारण संपर्क पूरी तरह से टूट चुका है और अब गांवों में आवागमन के लिए नाव ही एकमात्र सहारा बनी हुई है।
विशेष रूप से कटिहार जिले में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। आकाशवाणी समाचार की रिपोर्ट के अनुसार, कटिहार के कुरसेला, बरारी, मनिहारी और अमदाबाद पंचायत के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी बड़ी तेजी से फैल गया है। इन क्षेत्रों के दर्जनों गांव जलमग्न हो चुके हैं, जिससे स्थानीय लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
मुख्य प्रभाव और प्रशासन का बयान:
40 हजार से अधिक आबादी प्रभावित: जलभराव की वजह से कटिहार जिले में 40 हजार से अधिक की आबादी सीधे तौर पर प्रभावित हुई है। घरों में पानी घुस जाने से लोग सुरक्षित स्थानों और तटबंधों पर शरण लेने को मजबूर हैं।
यातायात के लिए नावों का सहारा: सड़कों और रास्तों के डूब जाने के कारण ग्रामीण बाइक और अन्य सामानों को छोटी-छोटी नावों के सहारे एक जगह से दूसरी जगह ले जा रहे हैं।
जिलाधिकारी का आश्वासन: बाढ़ के बीच कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने आम नागरिकों से अपील की है कि उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि नेपाल में आई त्रासदी से कटिहार को किसी भी प्रकार का नुकसान होने की आशंका नहीं है।
N5: प्रशासनिक स्तर पर प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य चलाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, नदियों के लगातार उफान पर होने के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। स्थानीय प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
(रिपोर्ट: शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)
