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मुंगेर में बड़ा हादसा: राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रावास में 30 से अधिक छात्र-छात्राएं बीमार, अस्पताल में भर्ती, जांच रिपोर्ट पटना भेजा गया।

मुंगेर में बड़ा हादसा: राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रावास में 30 से अधिक छात्र-छात्राएं बीमार, अस्पताल में भर्ती, जांच रिपोर्ट पटना भेजा गया।
मुंगेर (बिहार) N5: बिहार के मुंगेर जिले के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रावास से18 सितंबर की देर शाम एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई। कॉलेज के छात्रावास में अचानक दर्जनों विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों की तबीयत बिगड़ गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, छात्रावास में रह रहे 4 दर्जन (48) से भी अधिक छात्र-छात्राएं अचानक बीमार हो गए, जिसके बाद परिसर में हड़कंप मच गया। सभी प्रभावित विद्यार्थियों को तुरंत इलाज के लिए नज़दीक सदर अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है।
मुंगेर जिले के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रावास में शाम के समय क्या हुआ कि राज्य में हड़कंप मच गई। 
राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के हॉस्टल में रह रहे छात्रों और कर्मचारियों ने विश्वकर्मा पूजा की प्रसाद खाया और तबीयत अचानक खराब हो गई। बीमार लोगों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बुखार, सिरदर्द और कमजोरी जैसे लक्षण बताए गए। जिसके बाद इन बीमार लोगों को कॉलेज प्रशासन ने एंबुलेंस से मुंगेर सदर अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद अधिकांश छात्रों को छुट्टी दे दी गई और उनकी हालत सामान्य या नियंत्रण में बताई गई। कुछ रिपोर्टों के अनुसार लगभग 25 मरीजों का इलाज अस्पताल में हुआ।
संभावित कारण: 
रिपोर्टों में विश्वकर्मा पूजा के प्रसाद से फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई गई है। प्रसाद गुरुवार को तैयार हुआ था और छात्रों, शिक्षकों तथा कर्मचारियों ने इसे खाया था; कुछ लोगों में उसी दिन लक्षण दिखे, जबकि शुक्रवार शाम बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़े। हालांकि कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. शंभू शंकर ने कहा है कि अभी बीमारी का कारण निश्चित रूप से फूड पॉइजनिंग बताना जल्दबाजी होगी।
अब क्या स्थिति हैं?
अभी तक उपलब्ध ताज़ा रिपोर्टों में प्रसाद के नमूनों की जांच रिपोर्ट का नतीजा सामने नहीं आया है। नमूने जांच के लिए पटना भेजे गए हैं, लेकिन यह पुष्टि नहीं हुई कि उनमें कोई विषैला पदार्थ, दूषित सामग्री या खराबी मिली है।
फिलहाल, केवल प्रारंभिक फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है। बीमारी का वास्तविक कारण मेडिकल रिपोर्ट और खाद्य-सैंपल की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्पष्ट होगा।
असिस्टेंट प्रोफेसर और कॉलेज कर्मी भी हुए बीमार रिपोर्ट के अनुसार, केवल छात्र-छात्राएं ही नहीं, बल्कि कॉलेज के कुछ असिस्टेंट प्रोफेसर और अन्य कर्मचारी भी इस बीमारी की चपेट में आए हैं। अचानक एक साथ इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने से प्रशासनिक महकमे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रभारी प्राचार्य ने दी सफाई, फूड पॉइजनिंग की पुष्टि नहीं; इस पूरी घटना के सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े होने लगे हैं। हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. शंभू शंकर ने अपना बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि अभी तक फूड पॉइजनिंग (खाद्य विषाक्तता) की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी।
मामले की जांच जारी; सदर अस्पताल में इलाज करा रहे छात्रों की स्थिति पर डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी लगातार नजर बनाए हुए हैं। शुरुआती कयासों में इसे दूषित भोजन या पानी से जुड़ी समस्या माना जा रहा है, लेकिन वास्तविक वजह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। जिला प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन स्थिति को नियंत्रण में लाने और पीड़ित छात्रों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने में जुटा हुआ है।
(रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)
Shailendra Kumar
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मुंगेर में बड़ा हादसा: राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रावास में 30 से अधिक छात्र-छात्राएं बीमार, अस्पताल में भर्ती, जांच रिपोर्ट पटना भेजा गया।

मुंगेर में बड़ा हादसा: राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रावास में 30 से अधिक छात्र-छात्राएं बीमार, अस्पताल में भर्ती, जांच रिपोर्ट पटना भेजा गया।
मुंगेर (बिहार) N5: बिहार के मुंगेर जिले के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रावास से18 सितंबर की देर शाम एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई। कॉलेज के छात्रावास में अचानक दर्जनों विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों की तबीयत बिगड़ गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, छात्रावास में रह रहे 4 दर्जन (48) से भी अधिक छात्र-छात्राएं अचानक बीमार हो गए, जिसके बाद परिसर में हड़कंप मच गया। सभी प्रभावित विद्यार्थियों को तुरंत इलाज के लिए नज़दीक सदर अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है।
मुंगेर जिले के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रावास में शाम के समय क्या हुआ कि राज्य में हड़कंप मच गई। 
राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के हॉस्टल में रह रहे छात्रों और कर्मचारियों ने विश्वकर्मा पूजा की प्रसाद खाया और तबीयत अचानक खराब हो गई। बीमार लोगों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बुखार, सिरदर्द और कमजोरी जैसे लक्षण बताए गए। जिसके बाद इन बीमार लोगों को कॉलेज प्रशासन ने एंबुलेंस से मुंगेर सदर अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद अधिकांश छात्रों को छुट्टी दे दी गई और उनकी हालत सामान्य या नियंत्रण में बताई गई। कुछ रिपोर्टों के अनुसार लगभग 25 मरीजों का इलाज अस्पताल में हुआ।
संभावित कारण: 
रिपोर्टों में विश्वकर्मा पूजा के प्रसाद से फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई गई है। प्रसाद गुरुवार को तैयार हुआ था और छात्रों, शिक्षकों तथा कर्मचारियों ने इसे खाया था; कुछ लोगों में उसी दिन लक्षण दिखे, जबकि शुक्रवार शाम बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़े। हालांकि कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. शंभू शंकर ने कहा है कि अभी बीमारी का कारण निश्चित रूप से फूड पॉइजनिंग बताना जल्दबाजी होगी।
अब क्या स्थिति हैं?
अभी तक उपलब्ध ताज़ा रिपोर्टों में प्रसाद के नमूनों की जांच रिपोर्ट का नतीजा सामने नहीं आया है। नमूने जांच के लिए पटना भेजे गए हैं, लेकिन यह पुष्टि नहीं हुई कि उनमें कोई विषैला पदार्थ, दूषित सामग्री या खराबी मिली है।
फिलहाल, केवल प्रारंभिक फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है। बीमारी का वास्तविक कारण मेडिकल रिपोर्ट और खाद्य-सैंपल की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्पष्ट होगा।
असिस्टेंट प्रोफेसर और कॉलेज कर्मी भी हुए बीमार रिपोर्ट के अनुसार, केवल छात्र-छात्राएं ही नहीं, बल्कि कॉलेज के कुछ असिस्टेंट प्रोफेसर और अन्य कर्मचारी भी इस बीमारी की चपेट में आए हैं। अचानक एक साथ इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने से प्रशासनिक महकमे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रभारी प्राचार्य ने दी सफाई, फूड पॉइजनिंग की पुष्टि नहीं; इस पूरी घटना के सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े होने लगे हैं। हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. शंभू शंकर ने अपना बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि अभी तक फूड पॉइजनिंग (खाद्य विषाक्तता) की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी।
मामले की जांच जारी; सदर अस्पताल में इलाज करा रहे छात्रों की स्थिति पर डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी लगातार नजर बनाए हुए हैं। शुरुआती कयासों में इसे दूषित भोजन या पानी से जुड़ी समस्या माना जा रहा है, लेकिन वास्तविक वजह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। जिला प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन स्थिति को नियंत्रण में लाने और पीड़ित छात्रों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने में जुटा हुआ है।
(रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)
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