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पशुपालकों को बैंक ऋण के ब्याज पर मिलेगी 100% सब्सिडी, ₹1,600 करोड़ से अधिक की योजना स्वीकृतः मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना

पशुपालकों को बैंक ऋण के ब्याज पर मिलेगी 100% सब्सिडी, ₹1,600 करोड़ से अधिक की योजना स्वीकृतः मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना

पटना, बिहार N5: बिहार सरकार ने राज्य में पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सम्राट चौधरी द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, सरकार ने 'मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना' को हरी झंडी दे दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के पशुपालकों को आर्थिक संबल प्रदान करना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना तथा उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है।

ब्याज से पूर्ण मुक्ति, केवल मूलधन का भुगतान

'मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना' की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके तहत पशुपालकों द्वारा लिए गए बैंक ऋण के ब्याज पर पूरे 100% की सब्सिडी दी जाएगी। इसका सीधा अर्थ यह है कि इस योजना के तहत लाभ लेने वाले पशुपालकों को ब्याज का एक भी रुपया नहीं चुकाना होगा और उन्हें केवल ली गई मूलधन राशि (Principal Amount) का ही भुगतान करना होगा। सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना को सुचारू रूप से लागू करने के लिए ₹1,600 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत की है।

दुग्ध उत्पादन और रोजगार में वृद्धि की पहल

इस योजना के तहत पशुपालकों को 3 उन्नत नस्ल की गाय या 2 भैंस खरीदने के लिए सहयोग दिया जाएगा। इस कदम से न केवल राज्य में उन्नत नस्ल के मवेशियों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि दुग्ध उत्पादन में भी भारी वृद्धि दर्ज की जाएगी। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे तथा पशुपालकों की आय में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा।

कोसी क्षेत्र के लिए ₹126.07 करोड़ की डेयरी विकास परियोजनाएं

राज्य के कोसी क्षेत्र में डेयरी उद्योग को मजबूती देने के लिए सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। कोसी क्षेत्र में डेयरी विकास को गति देने के लिए 8 विभिन्न योजनाओं/परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसके लिए ₹126.07 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

इन स्वीकृत परियोजनाओं के अंतर्गत कोसी क्षेत्र में:

500 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन और विकास किया जाएगा। डेयरी और मिल्क चिलिंग प्लांट स्थापित किए जाएंगे। BMCU (Bulk Milk Cooling Unit) जैसी आधुनिक सुविधाओं का बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा।

N5: सरकार के इन कदमों से ग्रामीण इलाकों में दुग्ध संग्रहण और उसके प्रसंस्करण की क्षमता में सुधार होगा, जिससे किसानों और पशुपालकों को उनके दूध का उचित मूल्य मिल सकेगा।

स्रोतः सोशल मीडिया, न्यूज एजेंसी, सरकारी तंत्र, मुख्यमंत्री सोशल एकाउंट, विश्वसनीय सूत्र, इंटरनेट. (रिपोर्ट-शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)


Shailendra Kumar
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पशुपालकों को बैंक ऋण के ब्याज पर मिलेगी 100% सब्सिडी, ₹1,600 करोड़ से अधिक की योजना स्वीकृतः मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना

पशुपालकों को बैंक ऋण के ब्याज पर मिलेगी 100% सब्सिडी, ₹1,600 करोड़ से अधिक की योजना स्वीकृतः मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना

पटना, बिहार N5: बिहार सरकार ने राज्य में पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सम्राट चौधरी द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, सरकार ने 'मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना' को हरी झंडी दे दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के पशुपालकों को आर्थिक संबल प्रदान करना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना तथा उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है।

ब्याज से पूर्ण मुक्ति, केवल मूलधन का भुगतान

'मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना' की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके तहत पशुपालकों द्वारा लिए गए बैंक ऋण के ब्याज पर पूरे 100% की सब्सिडी दी जाएगी। इसका सीधा अर्थ यह है कि इस योजना के तहत लाभ लेने वाले पशुपालकों को ब्याज का एक भी रुपया नहीं चुकाना होगा और उन्हें केवल ली गई मूलधन राशि (Principal Amount) का ही भुगतान करना होगा। सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना को सुचारू रूप से लागू करने के लिए ₹1,600 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत की है।

दुग्ध उत्पादन और रोजगार में वृद्धि की पहल

इस योजना के तहत पशुपालकों को 3 उन्नत नस्ल की गाय या 2 भैंस खरीदने के लिए सहयोग दिया जाएगा। इस कदम से न केवल राज्य में उन्नत नस्ल के मवेशियों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि दुग्ध उत्पादन में भी भारी वृद्धि दर्ज की जाएगी। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे तथा पशुपालकों की आय में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा।

कोसी क्षेत्र के लिए ₹126.07 करोड़ की डेयरी विकास परियोजनाएं

राज्य के कोसी क्षेत्र में डेयरी उद्योग को मजबूती देने के लिए सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। कोसी क्षेत्र में डेयरी विकास को गति देने के लिए 8 विभिन्न योजनाओं/परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसके लिए ₹126.07 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

इन स्वीकृत परियोजनाओं के अंतर्गत कोसी क्षेत्र में:

500 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन और विकास किया जाएगा। डेयरी और मिल्क चिलिंग प्लांट स्थापित किए जाएंगे। BMCU (Bulk Milk Cooling Unit) जैसी आधुनिक सुविधाओं का बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा।

N5: सरकार के इन कदमों से ग्रामीण इलाकों में दुग्ध संग्रहण और उसके प्रसंस्करण की क्षमता में सुधार होगा, जिससे किसानों और पशुपालकों को उनके दूध का उचित मूल्य मिल सकेगा।

स्रोतः सोशल मीडिया, न्यूज एजेंसी, सरकारी तंत्र, मुख्यमंत्री सोशल एकाउंट, विश्वसनीय सूत्र, इंटरनेट. (रिपोर्ट-शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)


Shailendra Kumar