"शादी का झांसा देकर खतरनाक साइबर ठगी का खुलासा, शातिर आरोपी गिरफ्तार, 50 से अधिक महिलाएं थीं निशाने पर- बिहार पुलिस।"
"शादी का झांसा देकर खतरनाक साइबर ठगी का खुलासा, शातिर आरोपी गिरफ्तार, 50 से अधिक महिलाएं थीं निशाने पर- बिहार पुलिस।"
बिहार / भोजपुर/N5:
बिहार में साइबर अपराध का दायरा एक अलग पहचान के साथ तेजी से फैल रहा है। ठग किस रूप में आपके ज़िन्दगी में आयेंगे और लाखों रुपए उङा ले जाएंगे कुछ कहा नहीं जा सकता।इसलिए सतर्क रहें। अब ठगों ने लोगों की भावनाओं व 'पवित्र रिश्तों' को ही अपनी ठगी का नया हथियार बना लिया है। हाल ही में राज्य से ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहाँ वैवाहिक संबंधों (Matrimonial) के नाम पर फर्जीवाड़े का एक खतरनाक और संगठित डांका डालने का खेल खेला जा रहा था।
इस गिरोह के काम करने का तरीका बेहद शातिर और योजनाबद्ध होता है। बताते हैं क्या था।
फर्जी डिजिटल प्रोफाइल तैयार करता था: ठग मैट्रिमोनियल साइट्स, फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जहां लोग होते हैं, वहाँ फर्जी आईडी बनाते हैं। इसमें खुद को विदेश में कार्यरत बताते है। बड़ा कारोबार करने वाला भी बता देंगे। प्रशासनिक अधिकारी या सेना/पुलिस का प्रतिष्ठित कर्मचारी भी बता देते हैं।
इसके बाद विश्वास और भावना का जाल फेंकते हैं: फर्जी प्रोफाइल के जरिए अविवाहित युवतियों, महिलाओं या उनके परिजनों को शादी का झांसा देते है। हफ्तों या महीनों तक बातचीत कर पीड़िता का पूरा विश्वास जीत लेते हैं।
और फिर झूठी मजबूरी और पैसों की मांग: एक बार विश्वास कायम होने के बाद ये ठग किसी काल्पनिक संकट, जैसे अचानक बीमारी, कस्टम ड्यूटी, बिजनेस में नुकसान या कीमती गिफ्ट भेजने के नाम पर पैसों की मांग करते हैं।
फिर भावनात्मक ब्लैकमेल और गायब हो जाते हैं: ठगों के भावनात्मक जाल में फंसने और जैसे ही पीड़िता इनके बताए बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करती है, ये धीरे-धीरे और पैसों की मांग करने लगते हैं या फिर रातों-रात अपने सभी डिजिटल अकाउंट्स बंद कर गायब हो जाते हैं।
भोजपुर साइबर पुलिस द्वारा खगड़िया से गिरफ्तार किए गए एक अभियुक्त का मामला इसका जीवंत उदाहरण है। उस आरोपी ने मैट्रिमोनियल और सोशल मीडिया साइट्स पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर एक महिला से लाखों रुपये ऐंठ लिए और जांच में खुलासा हुआ कि उसके निशाने पर 50 से अधिक महिलाएं थीं।
शादी का झांसा देकर और सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर डिजिटल ठगी करने वाले अपराधियों के खिलाफ भोजपुर साइबर थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। साइबर पुलिस की विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए खगड़िया जिले के चौथम थाना क्षेत्र से एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी मैट्रिमोनियल साइट्स, व्हाट्सएप और फेसबुक के जरिए महिलाओं को अपनी ठगी का शिकार बनाता था।
क्या है पूरा मामला?
मामले का खुलासा 12 अगस्त 2026 से होने की शुरुआत होती है, जब एक पीड़िता ने भोजपुर साइबर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराती हैं। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने मैट्रिमोनियल वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी पहचान बनाकर उससे संपर्क किया। आरोपी ने खुद को शादी के लिए योग्य बताकर पीड़िता को अपने झांसे में लिया और फिर विभिन्न बहानों से धीरे-धीरे करीब ₹3,65,000 की ठगी कर ली। धोखाधड़ी का अहसास होने पर पीड़िता ने पुलिस की शरण ली।
बिहार पुलिस ने कैसे किया मामला का खुलासा!
शिकायत मिलते ही भोजपुर साइबर थाना पुलिस ने सबसे पहले त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला (कांड संख्या-68/26) दर्ज किया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर वैज्ञानिक एवं तकनीकी अनुसंधान के आधार पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने डिजिटल सर्विलांस, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स और लोकेशन ट्रैकिंग की मदद से आरोपी के ठिकाने का पता लगाया। इसके बाद खगड़िया जिले के चौथम थाना क्षेत्र में छापेमारी कर अभियुक्त को धर दबोचा।
गिरफ्तार अभियुक्त और बरामदगी:
"अभियुक्त की पहचान: बरुण कुमार, साकिन व थाना - चौथम, जिला - खगड़िया।बरामदगी: 01 एंड्रॉयड मोबाइल फोन (जिसका इस्तेमाल फर्जी प्रोफाइल बनाने और ठगी के लिए किया जाता था)...-भोजपुर पुलिस।"
50 से अधिक महिलाओं को शिकार बनाने की थी योजना
पुलिस की पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अभियुक्त बरुण कुमार ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने स्वीकार किया कि वह अब तक 50 से अधिक महिलाओं और युवतियों को अपने जाल में फंसाकर उनसे पैसे ठगने की योजना बना रहा था। वह सोशल मीडिया पर खुद को काफी संपन्न और प्रतिष्ठित दिखाकर महिलाओं का विश्वास जीतता था और फिर भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल या झूठी मजबूरी दिखाकर मोटी रकम ऐंठ लेता था।
फिलहाल भोजपुर पुलिस गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ अग्रतर कानूनी और विधिसम्मत कार्रवाई कर रही है। साथ ही पुलिस आरोपी के बैंक खातों और अन्य नेटवर्क को भी खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने अब तक कुल कितने पैसों की ठगी की है।
भोजपुर पुलिस ने आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं से अपील की है कि वे मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स या सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की प्रोफाइल पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। बिना पूरी जांच-पड़ताल किए किसी को भी पैसे ट्रांसफर न करें। यदि कोई साइबर ठगी का शिकार होता है, तो तुरंत नजदीकी साइबर थाने या राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं।
बङा सवाल की सावधान कैसे रहें, चलिए जानते हैं👇
👉सत्यापन (Verification) के बिना भरोसा न करें: मैट्रिमोनial या सोशल मीडिया पर मिले किसी भी व्यक्ति से शादी की बात आगे बढ़ाने से पहले उनके घर, परिवार और कार्यस्थल का जमीनी स्तर पर सत्यापन अवश्य करें।
👉वित्तीय लेन-देन से बचें: किसी भी परिस्थिति में ऑनलाइन मिले अज्ञात या कम समय से परिचित व्यक्ति को पैसे न भेजें, चाहे वजह कितनी भी गंभीर क्यों न बताई जा रही हो।
👉साइबर पुलिस की मदद लें: यदि कोई शादी का झांसा देकर पैसे ऐंठने की कोशिश करता है या ठगी हो जाती है, तो तुरंत अपने नजदीकी साइबर थाने या राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
(रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)
स्रोत: बिहार पुलिस, भोजपुर साइबर पुलिस, सोशल मीडिया ट्विटर, विश्वसनीय सूत्र आदि।

