बिहार मुख्यमंत्री राहत कोष में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सौंपा 51 लाख रुपये का योगदान, सम्राट चौधरी ने जताया आभार
बिहार मुख्यमंत्री राहत कोष में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सौंपा 51 लाख रुपये का योगदान, सम्राट चौधरी ने जताया आभार
पटना: बिहार में आये भीषण बाढ़ और उससे प्रभावित क्षेत्र को राहत देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री राहत कोष में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की ओर से 51 लाख रुपये की सहायता राशि दिए जाने की ख़बर है। इसपर बिहार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि यह राशि बिहार की जनता की मदद के लिए दी गई है और इसके लिए वह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को बधाई देते हैं।
“भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने 51 लाख रुपये पार्टी की ओर से हमारे मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए हैं। मैं इसके लिए उन्हें बधाई देता हूं। कई साथियों ने बिहार को सहयोग करने का काम किया है-सम्राट चौधरी।"
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा पार्टी की तरफ से 'मुख्यमंत्री राहत कोष' में 51 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई, सराहनीय कदम पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा, "भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने 51 लाख रुपये पार्टी की ओर से हमारे मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए हैं, मैं इसके लिए उन्हें बधाई देता हूं... कई साथियों ने बिहार को सहयोग करने का काम किया है..."।
राहत कोष का महत्व और उपयोग
मुख्यमंत्री राहत कोष का प्राथमिक उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं (जैसे बाढ़, सूखा), दुर्घटनाओं, या राज्य में उत्पन्न होने वाली किसी भी आपातकालीन स्थिति में प्रभावित लोगों को तुरंत आर्थिक सहायता पहुंचाना होता है। इसके अलावा, इस कोष के माध्यम से गंभीर बीमारियों से पीड़ित जरूरतमंद नागरिकों को चिकित्सा सहायता भी प्रदान की जाती है।
सामाजिक और राजनीतिक सहयोग की मिसाल
सम्राट चौधरी ने मीडिया को संबोधित करते हुए यह भी रेखांकित किया कि राज्य के विकास और आम जनता के संकटों को दूर करने में कई अन्य साथियों और संस्थाओं ने भी अपना अमूल्य सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि जब भी बिहार को सहयोग की आवश्यकता पड़ी है, विभिन्न वर्गों और कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़कर अपना योगदान दिया है। पार्टी द्वारा दिया गया यह 51 लाख रुपये का योगदान समाज के प्रति उत्तरदायित्व और आपदा प्रबंधन में राज्य सरकार के प्रयासों को मजबूती देने का प्रतीक है।
इस अवसर पर राज्य के वरिष्ठ नेता, पार्टी पदाधिकारी और मीडियाकर्मी उपस्थित थे। इस वित्तीय योगदान से राहत कोष के माध्यम से जनहित के विभिन्न कार्यों में सहायता मिलेगी और राज्य में आपदा प्रबंधन तथा जन-सहायता के कार्यों को नई दिशा प्राप्त होगी।
(रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)
