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भागलपुर गोलीकांड का पुलिस ने किया सफल उद्भेदन: 200 से 300 सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, बिहार के कई जिलों, झारखंड, पश्चिम बंगाल और कामाख्या तक हुई छापेमारी।

भागलपुर गोलीकांड का पुलिस ने किया सफल उद्भेदन: 200 से 300 सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, बिहार के कई जिलों, झारखंड, पश्चिम बंगाल और कामाख्या तक हुई छापेमारी। 
भागलपुर। पटना। N5: अपराध पर बिहार पुलिस फायर हीं रहती है। बिहार पुलिस ने भागलपुर जिले में हाल ही में हुए सनसनीखेज गोलीकांड मामले की गुत्थी को सुलझा दी। पुलिस को बड़ी सफलता हासिल हुई है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और वैज्ञानिक जांच के आधार पर इस मामले में कुल आठ अभियुक्तों पर शिकंजा कसा जा चुका है, जिनमें से छह अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है तथा दो अन्य अभियुक्तों ने नजदीक न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है।
"उमाशंकर तांति भागलपुर गोलीकांड और हत्याकांड मामला में 200-300 सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। बिहार के कई जिलों, झारखंड, पश्चिम बंगाल और कामाख्या तक छापेमारी हुई। 
      - श्री प्रमोद कुमार यादव,पुलिस अधीक्षक।" 
11 सितंबर की घटना और पुलिस की कार्रवाई प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला भागलपुर जिले के बबरगंज थाना क्षेत्र का है, जहाँ 11 सितंबर 2026 को गोलीबारी की एक वारदात को अंजाम दिया गया था। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। वारदात की गंभीरता को देखते हुए भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री प्रमोद कुमार यादव के दिशा-निर्देशन में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था।
विशेष पुलिस टीम ने मामले की तहकीकात के लिए आधुनिक और तकनीकी संसाधनों का सहारा लिया। जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगाला और वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों को इकट्ठा कर निरंतर छापेमारी शुरू की। इसी लगातार कार्रवाई के परिणामस्वरूप पुलिस घटना में शामिल अभियुक्तों तक पहुँचने में सफल रही।
आपसी विवाद बनी घटना की मुख्य वजह मामले के संबंध में जानकारी देते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शुरुआती जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि गोलीबारी की इस घटना के पीछे मुख्य कारण आपसी विवाद था। आपसी रंजिश और कहासुनी के चलते ही इस गोलीकांड को अंजाम दिया गया था।
आगे की जांच और छापेमारी जारी बिहार पुलिस द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से दी गई जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले में अब तक 6 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है, जबकि पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण 2 अभियुक्तों ने माननीय न्यायालय में आत्मसमर्पण किया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी खत्म नहीं हुई है। घटना में शामिल अन्य संभावित अभियुक्तों और सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
N5: बिहार पुलिस राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक साक्ष्यों और तत्परता के साथ निरंतर कार्य कर रही है। बबरगंज गोलीकांड का यह त्वरित सफल उद्भेदन पुलिस की इसी मुस्तैदी और प्रतिबद्धता का एक प्रत्यक्ष उदाहरण है।
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(रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)
Shailendra Kumar
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भागलपुर गोलीकांड का पुलिस ने किया सफल उद्भेदन: 200 से 300 सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, बिहार के कई जिलों, झारखंड, पश्चिम बंगाल और कामाख्या तक हुई छापेमारी।

भागलपुर गोलीकांड का पुलिस ने किया सफल उद्भेदन: 200 से 300 सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, बिहार के कई जिलों, झारखंड, पश्चिम बंगाल और कामाख्या तक हुई छापेमारी। 
भागलपुर। पटना। N5: अपराध पर बिहार पुलिस फायर हीं रहती है। बिहार पुलिस ने भागलपुर जिले में हाल ही में हुए सनसनीखेज गोलीकांड मामले की गुत्थी को सुलझा दी। पुलिस को बड़ी सफलता हासिल हुई है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और वैज्ञानिक जांच के आधार पर इस मामले में कुल आठ अभियुक्तों पर शिकंजा कसा जा चुका है, जिनमें से छह अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है तथा दो अन्य अभियुक्तों ने नजदीक न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है।
"उमाशंकर तांति भागलपुर गोलीकांड और हत्याकांड मामला में 200-300 सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। बिहार के कई जिलों, झारखंड, पश्चिम बंगाल और कामाख्या तक छापेमारी हुई। 
      - श्री प्रमोद कुमार यादव,पुलिस अधीक्षक।" 
11 सितंबर की घटना और पुलिस की कार्रवाई प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला भागलपुर जिले के बबरगंज थाना क्षेत्र का है, जहाँ 11 सितंबर 2026 को गोलीबारी की एक वारदात को अंजाम दिया गया था। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। वारदात की गंभीरता को देखते हुए भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री प्रमोद कुमार यादव के दिशा-निर्देशन में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था।
विशेष पुलिस टीम ने मामले की तहकीकात के लिए आधुनिक और तकनीकी संसाधनों का सहारा लिया। जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगाला और वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों को इकट्ठा कर निरंतर छापेमारी शुरू की। इसी लगातार कार्रवाई के परिणामस्वरूप पुलिस घटना में शामिल अभियुक्तों तक पहुँचने में सफल रही।
आपसी विवाद बनी घटना की मुख्य वजह मामले के संबंध में जानकारी देते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शुरुआती जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि गोलीबारी की इस घटना के पीछे मुख्य कारण आपसी विवाद था। आपसी रंजिश और कहासुनी के चलते ही इस गोलीकांड को अंजाम दिया गया था।
आगे की जांच और छापेमारी जारी बिहार पुलिस द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से दी गई जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले में अब तक 6 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है, जबकि पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण 2 अभियुक्तों ने माननीय न्यायालय में आत्मसमर्पण किया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी खत्म नहीं हुई है। घटना में शामिल अन्य संभावित अभियुक्तों और सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
N5: बिहार पुलिस राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक साक्ष्यों और तत्परता के साथ निरंतर कार्य कर रही है। बबरगंज गोलीकांड का यह त्वरित सफल उद्भेदन पुलिस की इसी मुस्तैदी और प्रतिबद्धता का एक प्रत्यक्ष उदाहरण है।
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(रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)
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