डिंपल यादव का तीखा हमला: "लोकतंत्र के इतिहास में आज काला दिवस"- NEET परीक्षा विवाद।।
नई दिल्ली/N5:
ख़बर संक्षेप में- NEET परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा को लेकर दिल्ली में चल रहा हैं जोरदार प्रदर्शन।
सपा का रुख गरम हुए हैं। समाजवादी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वे निष्पक्ष परीक्षा और युवाओं के अधिकारों के लिए संसद से लेकर सड़क तक लड़ाई जारी रखेंगे।
कुल मिलाकर विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट होकर सरकार की जवाबदेही तय करने पर अड़ा है।
ख़बर विस्तार से- नीट (NEET) परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के बाद देश की राजनीति गरमा गई है।
मैनपुरी से समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद डिंपल यादव ने इस पुलिसिया कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर बेहद कड़ा हमला बोला है और आज के दिन को "लोकतंत्र के इतिहास में काला दिवस" करार दिया है।
छात्रों के समर्थन में संसद से सड़क तक उतरीं डिंपल यादव।
हाथ में "NEET है या Cheat है?" की तख्ती लिए डिंपल यादव पार्टी के अन्य सांसदों के साथ जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन करने पहुंचीं। उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरी परीक्षा प्रणाली भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है और देश का युवा मानसिक तनाव से जूझ रहा है।
सांसद डिंपल यादव इस मामला पर जोरदार दहाङ मारी उनका मुख्य बयान।
"आज लोकतंत्र के इतिहास में यह दिन काले दिवस के रूप में याद किया जाएगा। निहत्थे छात्रों पर पुलिस ने लाठियां बरसाईं। कुछ पुलिसकर्मी बिना वर्दी के गुंडों की तरह व्यवहार कर रहे थे। नियमों को ताक पर रखकर छात्रों के सीने पर लाठियां मारी गईं और उन्हें बिजली के झटके तक दिए गए। क्या यही आपका 'न्यू इंडिया' है जहां हमारी बेटियों के कपड़े तक फट गए?"
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अङे हैं नेता व छात्र।
सांसद डिंपल यादव ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संविधान के बजाय अपनी विचारधारा से देश चलाना चाहती है और युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।
संसद राज्य सभा में भी गूंजा मुद्दा, राज्यसभा स्थगित।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी संसद में इस मुद्दे पर सरकार को घेरा। अखिलेश यादव ने कहा कि पुलिस स्टेशन में सांसदों को रखा गया और बाहर छात्रों को पीटा गया, जो सरकार की भारी नाकामी को दर्शाता है। विपक्ष के भारी हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही बाधित हुई।
इस पूरे मामले के प्रमुख बिंदु के रूप में इस तरह से है।
छात्रों की मांग: NEET परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा।
सपा का रुख: समाजवादी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वे निष्पक्ष परीक्षा और युवाओं के अधिकारों के लिए संसद से लेकर सड़क तक लड़ाई जारी रखेंगे।
सरकार की घेराबंदी: विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट होकर सरकार की जवाबदेही तय करने पर अड़ा है।

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