Skip to main content

कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके का बड़ा हमला: विदेशी फंडिंग के आरोपों पर गृह मंत्री अमित शाह से मांगा इस्तीफा।।


'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके का बड़ा हमला: विदेशी फंडिंग के आरोपों पर गृह मंत्री अमित शाह से मांगा इस्तीफा।।

​छत्रपति संभाजीनगर / नई दिल्ली/ N5:
​NEET परीक्षा धांधली और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर पिछले एक महीने से दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देश के गृह मंत्री अमित शाह और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। 

अपने गृह नगर छत्रपति संभाजीनगर लौटने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दीपके ने आरोप लगाया कि आंदोलन को दबाने के लिए उन पर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है और गृह मंत्रालय अपनी विफलताओं को छिपाने की कोशिश कर रहा है।

​"विदेशी फंडिंग का दावा गृह मंत्रालय का फेलियर"
​आंदोलन को विदेशों या बाहरी ताकतों से फंडिंग मिलने के आरोपों पर पलटवार करते हुए दीपके ने कहा:
​"अगर यह कहा जा रहा है कि कॉकरोच जनता पार्टी को बाहर से फंडिंग मिल रही है या यह आंदोलन विदेश से चलाया जा रहा है, तो यह अमित शाह का सीधा फेलियर है। देश की सुरक्षा और इंटेलिजेंस की जिम्मेदारी गृह मंत्रालय की है। अगर सच में बाहर से पैसा आ रहा है और उन्हें पता नहीं है, तो वे कैसे 'चाणक्य' हैं? अमित शाह को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।"

बीजेपी में शामिल होने के लिए दबाव और धमकी के आरोप
​अभिजीत दीपके और उनके परिवार ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए दावा किया कि उन्हें आंदोलन बंद करने और सत्ताधारी दल में शामिल होने की धमकियां दी जा रही हैं। दीपके के अनुसार, उन पर यह दबाव बनाया जा रहा है कि यदि वे बीजेपी में शामिल हो जाते हैं, तो उनके और उनके परिवार के लिए ठीक रहेगा।

​हाल ही में दीपके की मां ने भी मीडिया के सामने आकर खुलासा किया था कि इन धमकियों के कारण उनके परिवार को सुरक्षा के लिहाज से कई दिनों तक अपना घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहाँ शरण लेनी पड़ी थी।

​"लोकतंत्र और शिक्षा की लड़ाई ही हमारा संस्कार"
​प्रदर्शनकारियों पर भारतीय संस्कृति और संस्कारों को नुकसान पहुँचाने के लगे आरोपों (जिसमें बाबा रामदेव जैसी हस्तियों के बयान शामिल हैं) का जवाब देते हुए CJP ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से स्पष्ट किया कि अगर देश में लोकतंत्र, पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए संघर्ष करना 'संस्कार खराब करना' कहलाता है, तो वे यह काम बार-बार करेंगे।
​दीपके ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को 'संसद चलो' मार्च के दौरान छात्रों पर हुआ लाठीचार्ज और बल प्रयोग बिना गृह मंत्रालय के आदेश के संभव नहीं था। उन्होंने दिल्ली पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस को किसी पार्टी के दिशानिर्देशों पर चलने के बजाय संविधान के अनुसार काम करना चाहिए।

N5: उल्लेखनीय है कि CJP के आंदोलन और भारी दबाव के चलते हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था। अब इस मामले में गृह मंत्रालय को घसीटे जाने के बाद देश की राजनीति और ज्यादा गरमा गई है।
Shailendra Kumar
Follow: Facebook

कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके का बड़ा हमला: विदेशी फंडिंग के आरोपों पर गृह मंत्री अमित शाह से मांगा इस्तीफा।।


'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके का बड़ा हमला: विदेशी फंडिंग के आरोपों पर गृह मंत्री अमित शाह से मांगा इस्तीफा।।

​छत्रपति संभाजीनगर / नई दिल्ली/ N5:
​NEET परीक्षा धांधली और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर पिछले एक महीने से दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देश के गृह मंत्री अमित शाह और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। 

अपने गृह नगर छत्रपति संभाजीनगर लौटने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दीपके ने आरोप लगाया कि आंदोलन को दबाने के लिए उन पर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है और गृह मंत्रालय अपनी विफलताओं को छिपाने की कोशिश कर रहा है।

​"विदेशी फंडिंग का दावा गृह मंत्रालय का फेलियर"
​आंदोलन को विदेशों या बाहरी ताकतों से फंडिंग मिलने के आरोपों पर पलटवार करते हुए दीपके ने कहा:
​"अगर यह कहा जा रहा है कि कॉकरोच जनता पार्टी को बाहर से फंडिंग मिल रही है या यह आंदोलन विदेश से चलाया जा रहा है, तो यह अमित शाह का सीधा फेलियर है। देश की सुरक्षा और इंटेलिजेंस की जिम्मेदारी गृह मंत्रालय की है। अगर सच में बाहर से पैसा आ रहा है और उन्हें पता नहीं है, तो वे कैसे 'चाणक्य' हैं? अमित शाह को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।"

बीजेपी में शामिल होने के लिए दबाव और धमकी के आरोप
​अभिजीत दीपके और उनके परिवार ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए दावा किया कि उन्हें आंदोलन बंद करने और सत्ताधारी दल में शामिल होने की धमकियां दी जा रही हैं। दीपके के अनुसार, उन पर यह दबाव बनाया जा रहा है कि यदि वे बीजेपी में शामिल हो जाते हैं, तो उनके और उनके परिवार के लिए ठीक रहेगा।

​हाल ही में दीपके की मां ने भी मीडिया के सामने आकर खुलासा किया था कि इन धमकियों के कारण उनके परिवार को सुरक्षा के लिहाज से कई दिनों तक अपना घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहाँ शरण लेनी पड़ी थी।

​"लोकतंत्र और शिक्षा की लड़ाई ही हमारा संस्कार"
​प्रदर्शनकारियों पर भारतीय संस्कृति और संस्कारों को नुकसान पहुँचाने के लगे आरोपों (जिसमें बाबा रामदेव जैसी हस्तियों के बयान शामिल हैं) का जवाब देते हुए CJP ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से स्पष्ट किया कि अगर देश में लोकतंत्र, पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए संघर्ष करना 'संस्कार खराब करना' कहलाता है, तो वे यह काम बार-बार करेंगे।
​दीपके ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को 'संसद चलो' मार्च के दौरान छात्रों पर हुआ लाठीचार्ज और बल प्रयोग बिना गृह मंत्रालय के आदेश के संभव नहीं था। उन्होंने दिल्ली पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस को किसी पार्टी के दिशानिर्देशों पर चलने के बजाय संविधान के अनुसार काम करना चाहिए।

N5: उल्लेखनीय है कि CJP के आंदोलन और भारी दबाव के चलते हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था। अब इस मामले में गृह मंत्रालय को घसीटे जाने के बाद देश की राजनीति और ज्यादा गरमा गई है।
Shailendra Kumar
Follow: Facebook