भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती: न्यू मंगलौर पोर्ट पहुँचा विशाल LPG जहाज 'अपोलो ओशन' ।।


भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती: न्यू मंगलौर पोर्ट पहुँचा विशाल LPG जहाज 'अपोलो ओशन' ।। 

मंगलौर, कर्नाटक:  पश्चिमी एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी तनाव और वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में भारत सरकार का यह एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 

वियतनामी ध्वज वाला विशाल एलपीजी टैंकर 'अपोलो ओशन' (Apollo Ocean) कर्नाटक के न्यू मंगलौर पोर्ट अथॉरिटी (NMPA) पर सफलतापूर्वक डॉक कर चुका है।

मुख्य विवरण और कार्गो क्षमता: 

​न्यू मंगलौर पोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, 'अपोलो ओशन' बुधवार रात (25 मार्च, 2026) को बंदरगाह पहुँचा है। यह जहाज लगभग 26,687 मीट्रिक टन एलपीजी (रसोई गैस) लेकर आया है।

इस खेप का वितरण भारत की प्रमुख सरकारी तेल इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) कंपनियों के बीच किया जाएगा। 
​इसके अलावा, कार्गो का एक हिस्सा निजी क्षेत्र की 'एजिस लॉजिस्टिक्स' के लिए भी आवंटित किया गया है।

संकट के समय में 'लाइफलाइन': 

​यह आगमन ऐसे समय में हुआ है जब लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर भू-राजनीतिक तनाव के कारण ईंधन आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी। 

'अपोलो ओशन' के आने से न केवल कर्नाटक, बल्कि पड़ोसी राज्यों केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

पोर्ट की बढ़ती क्षमता और इंफ्रास्ट्रक्चर:

​विशेषज्ञों के अनुसार, इतने बड़े जहाजों (VLGC - Very Large Gas Carriers) का नियमित आगमन न्यू मंगलौर पोर्ट की बढ़ती परिचालन दक्षता को दर्शाता है। 

हाल ही में (सितंबर 2025 में) चालू किया गया भारत का सबसे बड़ा भूमिगत एलपीजी भंडारण केंद्र (80,000 टन क्षमता) इसी बंदरगाह पर स्थित है, जो समुद्र तल से 225 मीटर नीचे है।

​यहाँ से गैस को पाइपलाइन के माध्यम से सीधे बेंगलुरु और अन्य प्रमुख शहरों तक पहुँचाया जाता है, जिससे सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होती है।

निष्कर्ष:

​सोशल मीडिया और आधिकारिक चैनलों के माध्यम से इसे भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण सफलता बताया जा रहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन और रसोई गैस की कोई कमी नहीं है।

'अपोलो ओशन' के साथ-साथ इस सप्ताह अन्य जहाजों (जैसे 'पिक्सिस पायनियर' और 'नंदा देवी') के जरिए कुल 72,700 टन से अधिक एलपीजी भारत पहुँच चुकी है।

न्यूज डेस्क N5Bharat & Nalanda5||

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