झारखंड राज्यसभा चुनाव: 'इंडिया' गठबंधन में रार, कांग्रेस और आरजेडी आमने-सामने।।

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झारखंड राज्यसभा चुनाव: 'इंडिया' गठबंधन में रार, कांग्रेस और आरजेडी आमने-सामने।। ​रांची/नई दिल्ली/N5: झारखंड में हाल ही में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने विपक्षी 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के भीतर की अंदरूनी कलह को पूरी तरह से सतह पर ला दिया है। संख्या बल के हिसाब से सुरक्षित मानी जा रही सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा की हार के बाद, गठबंधन के दो बड़े घटक दलों—कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD)—के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। ​इस राजनीतिक घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्रियों और बीजेपी नेताओं ने दावा किया है कि 'इंडिया' गठबंधन अब केवल कागजों पर रह गया है और पूरी तरह टूट चुका है। ​खबर ये है कि हार के बाद अपनों पर ही बरसी कांग्रेस: ​चुनाव परिणाम सामने आते ही कांग्रेस खेमे में भारी असंतोष देखा जा रहा है। झारखंड कांग्रेस के प्रभारियों और नेताओं ने सहयोगी दल आरजेडी और वामपंथी दलों पर "भरोसातोड़ने" और भीतरघात करने का सीधा आरोप लगाया है।  कांग्रेस नेताओं का गुस्सा आरजेडी पर इस कदर फूटा है, जिसकी तुलना राजनीतिक विश्लेषक पूर्व के विध...

ट्रंप और ईरान के बीच बातचीत शुरू, पीएम मोदी ने भी की शांति की अपील।।

ट्रंप और ईरान के बीच बातचीत शुरू, पीएम मोदी ने भी की शांति की अपील-पश्चिम एशिया में शांति की नई उम्मीद।।

वॉशिंगटन/नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में लंबे समय से जारी तनाव के बीच वैश्विक कूटनीति के पटल पर बड़ी हलचल देखी जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयानों ने इस क्षेत्र में स्थिरता और एक नए परमाणु समझौते की उम्मीदें जगा दी हैं।

​अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण खुलासा करते हुए कहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच सीधी बातचीत का दौर शुरू हो गया है। ट्रंप के अनुसार, इस बातचीत की पहल ईरान की ओर से की गई थी। 

उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, "मैंने कॉल नहीं किया; उन्होंने (ईरान ने) कॉल किया; वे एक डील करना चाहते थे।"

​ट्रंप ने संकेत दिया है कि दोनों पक्ष एक ऐसे ऐतिहासिक समझौते पर पहुंचने के करीब हैं जिसमें ईरान परमाणु हथियार न बनाने पर सहमत हो गया है। ट्रंप ने विश्वास जताते हुए कहा कि अब युद्ध की संभावना खत्म हो जाएगी और यह 'डील' मध्य पूर्व के सभी देशों, विशेषकर इजराइल के लिए भी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

​इसी बीच, भारत ने भी इस क्षेत्र में शांति बहाली के लिए अपनी कूटनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से फोन पर बात कर क्षेत्र में 'संवाद और तनाव कम करने' (Dialogue and De-escalation) पर जोर दिया।

​विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, पीएम मोदी ने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों पर होने वाले हमलों की कड़ी निंदा की। 

उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे संघर्षों से न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा है, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा पर भी बुरा असर पड़ता है। भारत ने सुरक्षित शिपिंग लेन और समुद्री आवागमन की स्वतंत्रता को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अनिवार्य बताया है।
​क्या होगा असर?

​विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच यह 'डील' सफल होती है, तो इसके दूरगामी परिणाम होंगे। कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आ सकती है, जिससे भारत जैसे आयातकों को बड़ी राहत मिलेगी। 

लाल सागर और खाड़ी के क्षेत्रों में कमर्शियल जहाजों पर होने वाले हमलों में कमी आने की उम्मीद है।

​ट्रंप के बयानों से संकेत मिलता है कि इस समझौते में इजराइल के हितों को भी ध्यान में रखा जा रहा है, जो लंबे समय से चल रहे छद्म युद्ध (Proxy War) को रोक सकता है।

​निष्कर्ष: जहाँ एक ओर ट्रंप इसे 'एक अच्छी डील' बताकर भविष्य की सुरक्षा का दावा कर रहे हैं, वहीं भारत की संतुलित कूटनीति इस बात पर केंद्रित है कि विकास के लिए शांति और सुरक्षित व्यापार मार्ग बने रहें।

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