बिहार में ऐतिहासिक बदलाव: सम्राट चौधरी बने मुख्यमंत्री, बीजेपी युग की शुरुआत।।

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बिहार में ऐतिहासिक बदलाव: सम्राट चौधरी बने मुख्यमंत्री, बीजेपी युग की शुरुआत।।  ​पटना | 15 अप्रैल, 2026 ​बिहार की राजनीति में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी ने बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली।  पटना स्थित राजभवन में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्यपाल ने उन्हें शपथ दिलाई। इसी के साथ सम्राट चौधरी बिहार में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं। ​सरकार में संतुलन बनाए रखने के लिए जनता दल (यूनाइटेड) के दो दिग्गज नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। माना जा रहा है कि यह नई व्यवस्था एनडीए (NDA) गठबंधन को राज्य में और मजबूती प्रदान करेगी। ​यह बदलाव पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद हुआ है, जिन्होंने हाल ही में राज्यसभा जाने का निर्णय लिया। उनके इस्तीफे के बाद सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से एनडीए विधायक दल का नेता चुना गया था। ​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से सम्राट चौधरी और दोनों उप-मुख्यमंत्री को बधाई दी।...

IMD Alert: हिमालय में पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक, मैदानी इलाकों में बसंत ने दी सुहानी दस्तक

IMD Alert: हिमालय में पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक, मैदानी इलाकों में बसंत ने दी सुहानी दस्तक

नई दिल्ली/हिमालय: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर भारत के मौसम को लेकर एक महत्वपूर्ण बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) हिमालयी क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है, जिसके प्रभाव से पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में मौसम के मिजाज में बड़े बदलाव की उम्मीद है।

हिमालयी राज्यों में 'बर्फ युक्त बारिश' का अलर्ट

आईएमडी की ताजा घोषणा के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में आने वाले 48 से 72 घंटों के भीतर भारी बर्फबारी हो सकती है। निचले इलाकों में 'स्लीट' (Sleet) यानी बर्फ के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस मौसमी बदलाव के कारण इन क्षेत्रों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे एक बार फिर ठिठुरन बढ़ेगी।

मैदानी इलाकों में बसंत का आगमन

जहाँ एक ओर पहाड़ बर्फ की चादर ओढ़ने को तैयार हैं, वहीं भारत के मैदानी राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में ठंड का असर अब कम होने लगा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि शीतलहर की विदाई के साथ ही बसंत ऋतु (Spring Season) का औपचारिक आगमन हो चुका है।

मैदानी इलाकों में सुबह-शाम की हल्की ठंड के साथ दिन में धूप खिलने से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। सरसों के लहलहाते खेत और खिलते फूल इस बात का संकेत हैं कि उत्तर भारत अब कड़ाके की ठंड को पीछे छोड़ सुहावने मौसम की ओर बढ़ रहा है।

किसानों और आम जनमानस पर प्रभाव

  • कृषि: कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण होने वाली हल्की बारिश रबी की फसलों, खासकर गेहूं के लिए 'अमृत' के समान साबित हो सकती है।

  • पर्यटन: बर्फबारी की खबर से पर्यटन क्षेत्रों जैसे मनाली, शिमला और गुलमर्ग में पर्यटकों की भीड़ बढ़ने की संभावना है।

  • सावधानी: पहाड़ों पर यात्रा करने वाले पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे लैंडस्लाइड और रास्तों के बंद होने की स्थिति पर नजर रखें।

निष्कर्ष: प्रकृति के इस दोहरे रंग ने भारत को दो हिस्सों में बांट दिया है—एक तरफ हिमालय की सफेद बर्फीली वादियां और दूसरी तरफ मैदानी इलाकों की पीली सरसों और बसंत की हरियाली। मौसम विभाग इस बदलाव पर पैनी नजर बनाए हुए है।


रिपोर्ट: N5Bharat न्यूज़ डेस्क

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