उत्तर भारत में 'कोल्ड डे' का कहर जारी, लेकिन 20 जनवरी से मिलेगी बड़ी राहत ।।
उत्तर भारत में 'कोल्ड डे' का कहर जारी, लेकिन 20 जनवरी से मिलेगी बड़ी राहत; जानें मौसम विभाग का नया अपडेट
नई दिल्ली/पटना: उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की दोहरी मार झेल रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। पिछले कई दिनों से सूरज के दर्शन को तरस रहे मैदानी इलाकों में जल्द ही मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 20 जनवरी से उत्तर भारत के तापमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की संभावना है।
फिलहाल 'शीतलहर' और 'घने कोहरे' का अलर्ट
अगले 48 से 72 घंटों तक उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में ठंड का प्रकोप जारी रहेगा। कोहरे की वजह से दृश्यता (Visibility) शून्य से 50 मीटर के बीच बनी हुई है, जिससे रेल और हवाई यातायात पर बुरा असर पड़ा है। कई राज्यों में 'कोल्ड डे' की स्थिति बनी हुई है, जहां दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 5-7 डिग्री नीचे दर्ज किया जा रहा है।
20 जनवरी से क्या बदलेगा?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 19 जनवरी की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय होगा। इसका सीधा असर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों पर पड़ेगा:
तापमान में बढ़ोतरी: 20 जनवरी से न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि होने की उम्मीद है।
खिलेगी धूप: पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हवाओं का रुख बदलेगा, जिससे कोहरे की चादर छंटने लगेगी और लोगों को चटख धूप देखने को मिलेगी।
बर्फीली हवाओं से राहत: पहाड़ों से आने वाली सीधी बर्फीली हवाओं की रफ्तार कम होगी, जिससे कंकणी वाली ठंड से निजात मिलेगी।
इन राज्यों को मिलेगी सबसे ज्यादा राहत
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली-NCR, पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और हरियाणा के मैदानी भागों में 20 से 22 जनवरी के बीच ठंड का असर काफी कम हो जाएगा। हालांकि, सुबह के वक्त हल्का कोहरा बना रह सकता है, लेकिन दिन के समय धूप निकलने से आम जनजीवन पटरी पर लौट आएगा।
कृषि और स्वास्थ्य पर असर
तापमान में इस बढ़ोतरी से रबी की फसलों (खासकर गेहूं) को लाभ होगा, जिन्हें बहुत ज्यादा पाले से नुकसान का डर था। वहीं, डॉक्टरों ने सलाह दी है कि मौसम बदलने के दौरान लापरवाही न बरतें, क्योंकि तापमान में उतार-चढ़ाव से सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार का खतरा बढ़ जाता है।
N5Bharat ब्यूरो की रिपोर्ट
