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मोदी सरकार में बंद होते सरकारी स्कूलों पर पर विपक्ष का करारा हमला: अखिलेश यादव के साथ राहुल गांधी भी उतरे मैदान में, इंदौर से भरा हुंकार।

मोदी सरकार में बंद होते सरकारी स्कूलों पर  पर विपक्ष का करारा हमला: अखिलेश यादव के साथ राहुल गांधी भी उतरे मैदान में, इंदौर से भरा हुंकार

इंदौर/नई दिल्ली/N5: मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने छात्रों एवं युवाओं से संवाद करते हुए मोदी सरकार और मौजूदा व्यवस्था (सिस्टम) पर जोरदार हमला बोला। 'सिस्टम बनाम स्टूडेंट' विषय पर आयोजित इस संवाद कार्यक्रम में राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी, पेपर लीक और सरकारी नौकरियों में हो रही देरी को लेकर सरकार को घेरा।  
​अंधभक्त कभी सवाल नहीं पूछता: राहुल गांधी
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा सिस्टम प्रश्न पूछने वाले छात्रों से डरता है और अंधभक्तों को बढ़ावा देना चाहता है।  

​"अंधभक्त कहता है कि विकास की जरूरत नहीं है, मोदी जी विष्णु के अवतार हैं। लेकिन अंधभक्त कभी सवाल नहीं पूछता। एक अंधभक्त कभी यह नहीं पूछेगा कि हमारे स्कूल और कॉलेजों की हालत ऐसी क्यों हो गई है? हमारा इंफ्रास्ट्रक्चर क्यों ढह गया है? हमारे पेपर क्यों लीक हो रहे हैं? यह आवाज सिर्फ एक छात्र ही उठाता है।"
             -​राहुल गांधी।
  
​देश में 10 लाख शिक्षकों के पद खाली, संस्थाओं पर कब्जे का आरोप
राहुल गांधी ने शिक्षा बजट में कटौती और ढांचागत समस्याओं का जिक्र करते हुए दावा किया कि देश भर में 10 लाख से अधिक शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं और कई स्कूल बंद हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की शीर्ष संस्थाओं और प्रशासनिक व्यवस्था पर कुछ चुनिंदा लोगों का नियंत्रण हो गया है, जो युवाओं और विद्यार्थियों की आवाज को दबाने का काम कर रहे हैं।
देशभर में सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के तेजी से बंद होने तथा उनके बदहाल होते इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इंदौर में आयोजित एक सार्वजनिक मंच से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला और सरकारी स्कूलों के समर्थन में आवाज उठाई।
"1 लाख में से 55% स्कूल सिर्फ मध्य प्रदेश और यूपी में बंद"
इंदौर में जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने चौंकाने वाले आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि देश भर में लगभग 1 लाख सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं। चिंताजनक बात यह है कि इनमें से 55 प्रतिशत स्कूल अकेले मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से हैं। राहुल गांधी ने शिक्षा क्षेत्र के बजट में की जा रही कटौती पर सवाल उठाते हुए कहा, "अव्यवस्था और बुनियादी ढांचे का ढहना तभी होता है जब सरकार शिक्षा पर पर्याप्त पैसा खर्च नहीं करती"।
उन्होंने कहा कि हालात यह हो चुके हैं कि 100 में से महज 14 बच्चों को ही हॉस्टल की सुविधा मिल पाती है। स्कूलों का इंफ्रास्ट्रक्चर ढह रहा है और छात्रों का भविष्य लगातार खतरे में पड़ रहा है।
अखिलेश यादव का भी सरकार पर निरंतर हमला
दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश और देश भर में बंद हो रहे सरकारी स्कूलों के मुद्दे पर लगातार केंद्र और राज्य सरकार को घेरते रहे हैं। वह लंबे समयों से भाजपा की सरकार पर आरोप लगाते रहे हैं कि सरकार जानबूझकर गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से दूर कर रही है, जिससे निजी शिक्षण संस्थानों को बढ़ावा मिल सके।
N5: दोगुनी ताकत के साथ गूंज रही बदलाव की मांग। क्योंकि, अब राहुल गांधी और अखिलेश यादव जैसे प्रमुख विपक्षी नेताओं के एक ही मुद्दे पर मुखर होने से यह आवाज देश के हर कोने में दोगुनी ताकत के साथ गूंज रही है। विपक्ष का स्पष्ट संदेश है कि शिक्षा देश के हर बच्चे का मौलिक अधिकार है और इसे किसी भी कीमत पर निजी हाथों की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा। जनता और विपक्ष का दबाव अब सरकार पर पूरी तरह से बनता दिख रहा है। अखिलेश यादव का साफ कहना है कि यदि सरकार युवाओं के भविष्य और देश की नींव कहे जाने वाले सरकारी स्कूलों को बहाल नहीं कर सकती, तो उसे सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। देश में 'शिक्षा बचाओ' का यह आंदोलन आने वाले दिनों में और तीव्र रूप ले सकता है।
 ( रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)
Shailendra Kumar
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मोदी सरकार में बंद होते सरकारी स्कूलों पर पर विपक्ष का करारा हमला: अखिलेश यादव के साथ राहुल गांधी भी उतरे मैदान में, इंदौर से भरा हुंकार।

मोदी सरकार में बंद होते सरकारी स्कूलों पर  पर विपक्ष का करारा हमला: अखिलेश यादव के साथ राहुल गांधी भी उतरे मैदान में, इंदौर से भरा हुंकार

इंदौर/नई दिल्ली/N5: मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने छात्रों एवं युवाओं से संवाद करते हुए मोदी सरकार और मौजूदा व्यवस्था (सिस्टम) पर जोरदार हमला बोला। 'सिस्टम बनाम स्टूडेंट' विषय पर आयोजित इस संवाद कार्यक्रम में राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी, पेपर लीक और सरकारी नौकरियों में हो रही देरी को लेकर सरकार को घेरा।  
​अंधभक्त कभी सवाल नहीं पूछता: राहुल गांधी
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा सिस्टम प्रश्न पूछने वाले छात्रों से डरता है और अंधभक्तों को बढ़ावा देना चाहता है।  

​"अंधभक्त कहता है कि विकास की जरूरत नहीं है, मोदी जी विष्णु के अवतार हैं। लेकिन अंधभक्त कभी सवाल नहीं पूछता। एक अंधभक्त कभी यह नहीं पूछेगा कि हमारे स्कूल और कॉलेजों की हालत ऐसी क्यों हो गई है? हमारा इंफ्रास्ट्रक्चर क्यों ढह गया है? हमारे पेपर क्यों लीक हो रहे हैं? यह आवाज सिर्फ एक छात्र ही उठाता है।"
             -​राहुल गांधी।
  
​देश में 10 लाख शिक्षकों के पद खाली, संस्थाओं पर कब्जे का आरोप
राहुल गांधी ने शिक्षा बजट में कटौती और ढांचागत समस्याओं का जिक्र करते हुए दावा किया कि देश भर में 10 लाख से अधिक शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं और कई स्कूल बंद हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की शीर्ष संस्थाओं और प्रशासनिक व्यवस्था पर कुछ चुनिंदा लोगों का नियंत्रण हो गया है, जो युवाओं और विद्यार्थियों की आवाज को दबाने का काम कर रहे हैं।
देशभर में सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के तेजी से बंद होने तथा उनके बदहाल होते इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इंदौर में आयोजित एक सार्वजनिक मंच से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला और सरकारी स्कूलों के समर्थन में आवाज उठाई।
"1 लाख में से 55% स्कूल सिर्फ मध्य प्रदेश और यूपी में बंद"
इंदौर में जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने चौंकाने वाले आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि देश भर में लगभग 1 लाख सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं। चिंताजनक बात यह है कि इनमें से 55 प्रतिशत स्कूल अकेले मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से हैं। राहुल गांधी ने शिक्षा क्षेत्र के बजट में की जा रही कटौती पर सवाल उठाते हुए कहा, "अव्यवस्था और बुनियादी ढांचे का ढहना तभी होता है जब सरकार शिक्षा पर पर्याप्त पैसा खर्च नहीं करती"।
उन्होंने कहा कि हालात यह हो चुके हैं कि 100 में से महज 14 बच्चों को ही हॉस्टल की सुविधा मिल पाती है। स्कूलों का इंफ्रास्ट्रक्चर ढह रहा है और छात्रों का भविष्य लगातार खतरे में पड़ रहा है।
अखिलेश यादव का भी सरकार पर निरंतर हमला
दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश और देश भर में बंद हो रहे सरकारी स्कूलों के मुद्दे पर लगातार केंद्र और राज्य सरकार को घेरते रहे हैं। वह लंबे समयों से भाजपा की सरकार पर आरोप लगाते रहे हैं कि सरकार जानबूझकर गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से दूर कर रही है, जिससे निजी शिक्षण संस्थानों को बढ़ावा मिल सके।
N5: दोगुनी ताकत के साथ गूंज रही बदलाव की मांग। क्योंकि, अब राहुल गांधी और अखिलेश यादव जैसे प्रमुख विपक्षी नेताओं के एक ही मुद्दे पर मुखर होने से यह आवाज देश के हर कोने में दोगुनी ताकत के साथ गूंज रही है। विपक्ष का स्पष्ट संदेश है कि शिक्षा देश के हर बच्चे का मौलिक अधिकार है और इसे किसी भी कीमत पर निजी हाथों की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा। जनता और विपक्ष का दबाव अब सरकार पर पूरी तरह से बनता दिख रहा है। अखिलेश यादव का साफ कहना है कि यदि सरकार युवाओं के भविष्य और देश की नींव कहे जाने वाले सरकारी स्कूलों को बहाल नहीं कर सकती, तो उसे सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। देश में 'शिक्षा बचाओ' का यह आंदोलन आने वाले दिनों में और तीव्र रूप ले सकता है।
 ( रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)
Shailendra Kumar
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